दरभंगा के बेंता थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सड़क पर महिला डॉक्टर के चालक के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस मामले में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कार्रवाई की है। बेंता थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला शहर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशीला ठाकुर की नतिनी डॉ. तेजस्विनी पांडे से जुड़ा है। आरोप है कि वह अपने चालक के साथ घर लौट रही थीं, इसी दौरान गाड़ी अनजाने में वन-वे में चली गई। सरकारी पिस्टल निकालकर डराने की कोशिश का आरोप महिला डॉक्टर का कहना है कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर थाना प्रभारी ने बेवजह बवाल किया और उग्र हो गए। डॉ. तेजस्विनी पांडे ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने सरकारी पिस्टल निकालकर डराने की कोशिश की, बीच सड़क पर गलत व्यवहार किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वह पटना से दरभंगा आ रही थीं और रूट की जानकारी नहीं होने के कारण गूगल मैप के सहारे यात्रा कर रही थीं। रास्ते में जाम था और ट्रैफिक पुलिस वाहनों को आगे बढ़ा रही थी, इसी दौरान यह घटना हुई। डॉक्टर का आरोप है कि थाना प्रभारी ने बंदूक से गाड़ी के शीशे पर मारा और चालक के गर्दन के पीछे बंदूक सटाकर जबरन गाड़ी से बाहर निकाल लिया, जिससे उन्हें असुरक्षित महसूस हुआ। यदि वन-वे का मामला था, तो कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस की ओर से की जानी चाहिए थी। घटना से संबंधित करीब 30 सेकेंड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें थाना प्रभारी चालक के साथ गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे चार बार कहते सुने जा रहे हैं— “गाड़ी चमका रहा है, बाहर निकल… मैडम हो या कुछ हो, बाहर निकल।” यह घटना कर्पूरी चौक और बेंता चौक के बीच वीआईपी रोड की है। जान से मारने के नीयत से गाड़ी आगे बढ़ाना का लगाया आरोप बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि चालक तेज रफ्तार में वहां से भाग गया। बाद में जब वाहन रोका गया और चालक ने गाड़ी का दरवाजा खोलने से इनकार किया, तो उन्हें गुस्सा आ गया और उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकल गए, जिसे वे स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चालक ने उन्हें जान से मारने की नीयत से गाड़ी भगाई थी। हालांकि बाद में चालक पर केवल जुर्माना लगाकर वाहन छोड़ दिया गया। एसएसपी की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि वायरल वीडियो के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि कर्तव्य के दौरान थाना प्रभारी की ओर से गाली-गलौज और असभ्य भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे पुलिस की छवि जनता के बीच धूमिल हो रही है। एक पुलिस पदाधिकारी से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानी और उदंडता को दर्शाता है। इसी आधार पर हरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष बेंता थाना को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। दरभंगा के बेंता थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सड़क पर महिला डॉक्टर के चालक के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस मामले में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने कार्रवाई की है। बेंता थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला शहर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशीला ठाकुर की नतिनी डॉ. तेजस्विनी पांडे से जुड़ा है। आरोप है कि वह अपने चालक के साथ घर लौट रही थीं, इसी दौरान गाड़ी अनजाने में वन-वे में चली गई। सरकारी पिस्टल निकालकर डराने की कोशिश का आरोप महिला डॉक्टर का कहना है कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन को लेकर थाना प्रभारी ने बेवजह बवाल किया और उग्र हो गए। डॉ. तेजस्विनी पांडे ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने सरकारी पिस्टल निकालकर डराने की कोशिश की, बीच सड़क पर गलत व्यवहार किया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वह पटना से दरभंगा आ रही थीं और रूट की जानकारी नहीं होने के कारण गूगल मैप के सहारे यात्रा कर रही थीं। रास्ते में जाम था और ट्रैफिक पुलिस वाहनों को आगे बढ़ा रही थी, इसी दौरान यह घटना हुई। डॉक्टर का आरोप है कि थाना प्रभारी ने बंदूक से गाड़ी के शीशे पर मारा और चालक के गर्दन के पीछे बंदूक सटाकर जबरन गाड़ी से बाहर निकाल लिया, जिससे उन्हें असुरक्षित महसूस हुआ। यदि वन-वे का मामला था, तो कार्रवाई ट्रैफिक पुलिस की ओर से की जानी चाहिए थी। घटना से संबंधित करीब 30 सेकेंड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें थाना प्रभारी चालक के साथ गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वे चार बार कहते सुने जा रहे हैं— “गाड़ी चमका रहा है, बाहर निकल… मैडम हो या कुछ हो, बाहर निकल।” यह घटना कर्पूरी चौक और बेंता चौक के बीच वीआईपी रोड की है। जान से मारने के नीयत से गाड़ी आगे बढ़ाना का लगाया आरोप बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि चालक तेज रफ्तार में वहां से भाग गया। बाद में जब वाहन रोका गया और चालक ने गाड़ी का दरवाजा खोलने से इनकार किया, तो उन्हें गुस्सा आ गया और उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकल गए, जिसे वे स्वीकार करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चालक ने उन्हें जान से मारने की नीयत से गाड़ी भगाई थी। हालांकि बाद में चालक पर केवल जुर्माना लगाकर वाहन छोड़ दिया गया। एसएसपी की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि वायरल वीडियो के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि कर्तव्य के दौरान थाना प्रभारी की ओर से गाली-गलौज और असभ्य भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे पुलिस की छवि जनता के बीच धूमिल हो रही है। एक पुलिस पदाधिकारी से इस तरह के व्यवहार की अपेक्षा नहीं की जा सकती। यह कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानी और उदंडता को दर्शाता है। इसी आधार पर हरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष बेंता थाना को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है।


