नालंदा के हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में आज एक महिला की बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान हिलसा थाना क्षेत्र के मलविगहा गांव निवासी इंदल बिन्द की 28 साल की पत्नी पिंकी देवी के रूप में हुई है। परिजन नीतिश कुमार ने बताया कि आज सुबह करीब 10 बजे गांव की आशा कार्यकर्ता धर्मशीला देवी के माध्यम से पिंकी देवी को बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था। दोपहर लगभग 12 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और आवश्यक स्वास्थ्य जांच के बाद ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप ड्यूटी पर तैनात डॉ. वंदना कुमारी ने ऑपरेशन किया। दोपहर करीब 2 बजे पिंकी देवी को बेहोशी की हालत में ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक महिला के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, लेकिन डॉक्टर ने आश्वासन दिया कि कुछ देर में होश आ जाएगा। जब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने ॉने चिकित्सकों से जांच करने की गुहार लगाई। इसके बाद जब डॉक्टर ने नब्ज जांची तो उन्होंने पिंकी देवी को मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले पिंकी देवी पूरी तरह से स्वस्थ थीं और उनकी मौत चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन लापरवाह चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एस.के. सुधाकर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। नालंदा के हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में आज एक महिला की बंध्याकरण ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान हिलसा थाना क्षेत्र के मलविगहा गांव निवासी इंदल बिन्द की 28 साल की पत्नी पिंकी देवी के रूप में हुई है। परिजन नीतिश कुमार ने बताया कि आज सुबह करीब 10 बजे गांव की आशा कार्यकर्ता धर्मशीला देवी के माध्यम से पिंकी देवी को बंध्याकरण ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था। दोपहर लगभग 12 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया और आवश्यक स्वास्थ्य जांच के बाद ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप ड्यूटी पर तैनात डॉ. वंदना कुमारी ने ऑपरेशन किया। दोपहर करीब 2 बजे पिंकी देवी को बेहोशी की हालत में ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया। परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक महिला के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, लेकिन डॉक्टर ने आश्वासन दिया कि कुछ देर में होश आ जाएगा। जब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने ॉने चिकित्सकों से जांच करने की गुहार लगाई। इसके बाद जब डॉक्टर ने नब्ज जांची तो उन्होंने पिंकी देवी को मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले पिंकी देवी पूरी तरह से स्वस्थ थीं और उनकी मौत चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन लापरवाह चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एस.के. सुधाकर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हुई है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।


