सबसे पहले दो परिवारों का दर्द पढ़िए, जिनकी बच्ची को रेप के बाद बेरहमी से मार दिया गया। ‘उसने रेप के बाद मेरी छोटी बहन की हत्या कर दी। एक तो मेरी बहन को मार दिया गया, उल्टा हम ही सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। मेरे शादी में दिक्कत हो रही है। लड़के वाले यह कहकर इनकार कर देते हैं कि जिस घर की लड़की के साथ ऐसी घटना घटी है, उस घर में शादी कैसे करेंगे।’ – रेप पीड़िता की बहन, आरा ‘मेरी बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। उसके साथ हैवानियत करने वाले सारे लोग जिंदा हैं। पता नहीं उन्हें कब सजा मिलेगी। सम्राट चौधरी कहते हैं अन्याय करने वालों को गोली लगेगी। मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट गई हूं। न्याय की उम्मीद नहीं बची।’- रेप पीड़िता की मां, छपरा यह दर्द सिर्फ दो परिवारों का नहीं। बिहार में एक साल में 2000 से अधिक लड़कियों से हुए रेप के मामलों से जुड़ा है। उन परिवारों से जुड़ा है जो पुलिस-कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। पटना में NEET छात्रा की मौत के बाद दैनिक भास्कर ने ये जानने की कोशिश की कि पूरे बिहार में पिछले साल कितनी लड़कियों के साथ ऐसी वारदात हुईं। कैसे उनके परिजन केस लड़ रहे हैं। किस तरह का सामाजिक टॉर्चर झेलना पड़ रहा है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए रिपोर्ट…। अब पढ़िए वो उदाहरण, जहां रेप के बाद परिवार कैसे टूट रहे हैं, कहां-कहां की प्रताड़ना झेल रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको छपरा ले चलते हैं…। केस-1:-छपरा में 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या तारीख- 24 मई 2025 भटकेशरी में स्कूल के पास 5 लड़कों ने मिलकर 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप किया, फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। सभी ने स्वीकार किया कि गैंगरेप किया है। बताया कि बच्ची स्कूल से घर जा रही थी। रास्ते में आम के बगीचे में आम चुनने गई तभी उसे पकड़ लिया। झाड़ियों में चलने को कहा। मना किया तो जबरदस्ती खींचकर ले गए। बच्ची चिल्लाने लगी तो एक ने मुंह दबाया, दो लड़कों ने उसके हाथ पकड़े। एक लड़का झाड़ियों से बाहर देख रहा था कि कोई आ तो नहीं रहा है। फिर बच्ची के साथ सभी ने रेप किया। बच्ची चिल्लाने लगी। उसे खून निकलने लगा तो सभी डर गए कि घर जाकर बता देगी। इसलिए गला दबाकर उसे मार डाला। अभी क्या है मामले की स्थिति? इस मामले में 5 आरोपियों को पकड़ा गया। 3 नाबालिग सुधार गृह और 2 बालिग छपरा जेल में बंद हैं। मामला कोर्ट में है। इसको लेकर हमने परिवार से बात की। परिवार के लोग बच्ची को न्याय दिलाने के लिए थाना, अधिकारी और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रही हूं लड़की की मां ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि मेरी बच्ची को अब न्याय मिलेगा। घर से थाने जाती हूं तो पुलिस वाले कहते हैं कि महिला थाने का मामला है वहां जाओ। महिला थाना जाने पर जवाब मिलता है, हमें जो करना था कर दिया, एसपी के पास जाओ। एसपी के पास जाने के बाद कहा जाता है कि मामला डीएसपी देख रहे हैं। डीएसपी के पास जाती हूं तो वह बताते हैं कि मामला कोर्ट में चला गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बच्ची को न्याय दिलाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हूं। हम कहां जाएं। गरीब हैं। कमाए-खाएं या कोर्ट का चक्कर लगाएं। सम्राट चौधरी कहते हैं कि अन्याय करने वाले बचेंगे नहीं, उन्हें गोली मारी जाएगी। मैं अपनी बच्ची के न्याय के लिए भटक रहीं हूं। आज तक मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट चुकी हूं। पता नहीं मेरी बेटी को न्याय मिलेगा या नहीं।’ केस लड़ने को पैसा नहीं, वकील कहते हैं गहने बेच दो बच्ची की मां ने बताया, ‘मैं दौड़ते-दौड़ते थक गई हूं। एसपी-डीएसपी सिर्फ आश्वासन देते हैं, कहते हैं कि न्याय मिलेगा। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के सिस्टम से मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। 8 महीने हो गए। न्याय के इंतजार में मेरी बेटी की आत्मा भटक रही होगी।’ बच्ची के दादा ने कहा, ‘हम लोग अब हार मान चुके हैं। घर में 7 आदमी हैं, कमाने वाला एक। घर का खर्च मुश्किल से चलता है। कोर्ट आने-जाने में गाड़ी का भाड़ा 200 रुपए लग जाता है। हमें सरकार की तरफ से मुआवजा भी नहीं मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘घटना घटी तब कई नेता, अधिकारी आए। कहा कि 3 महीने में सजा मिल जाएगी, लेकिन 8 महीने हो गए। किसी को सजा नहीं मिली। कर्ज लेकर कोर्ट जाते हैं इस उम्मीद में कि बच्ची को न्याय मिलेगा। उसके हत्यारे आज भी जिंदा है। दिहाड़ी मजदूर हूं। जिस दिन कोर्ट जाता हूं उस दिन काम पर नहीं जा पाता। शाम को खाना क्या बनेगा, इसकी चिंता रहती है।’ केस 2: आरा में 9 साल की बच्ची को चाचा ने रेप के बाद पटक-पटक कर मार डाला तारीख- 16 दिसंबर 2024 आरा में 9 साल की बच्ची को पड़ोस में रहने वाले मुंह बोले चाचा नारायण शाह ने रेप के बाद मार डाला। वह बहला-फुसलाकर बच्ची को घर में ले गया। उसके साथ रेप किया फिर तब तक मारता रहा जब तक मर नहीं गई। बच्ची के शरीर पर 10 से ज्यादा जख्म के निशान थे। अभी क्या है मामले की स्थिति? आरोपी को पड़ोसियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जांच में वह दोषी मिला। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नारायण ने पटना हाईकोर्ट में अपील की है। हमने मृतक बच्ची की बड़ी बहन और मां से बात की। लड़के वाले मना कर देते थे कि ऐसे घर में शादी नहीं करेंगे बच्ची की बड़ी बहन ने कहा, ‘छोटी बहन की हत्या के बाद मेरी शादी में परेशानी हो रही है। मम्मी-पापा कहीं शादी के लिए बात करते तो लड़के वाले मना कर देते थे। कहते थे कि जिस घर में ऐसी घटना घटी उस घर में शादी नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘आरोपी को भले कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन यह काफी नहीं है। उसने मेरी बहन को रेप के बाद पटक-पटक कर मार दिया। मेरी बहन सिर्फ 8 साल की थी। उसे फांसी होनी चाहिए। जब तक वह मरेगा नहीं, हम चैन से नहीं जिएंगे। घटना के बाद घर में कोई पर्व त्योहार नहीं मनाते हैं। समाज के लोग पीठ-पीछे उल्टी बातें करते है।’ मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे मृतक बच्ची की मां ने बताया, ‘आरोपी मेरे ही मोहल्ले में रहता था। उस रात मेरी बेटी आटा लाने दुकान गई थी। रास्ते से उसने बुलाया तो बच्ची घर पर आटा रखकर बोली कि वकील चाचा बुला रहे हैं। मेरी बच्ची उसके पास गई तो उसने हैवानियत की। उसे पटक-पटक कर मार दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज भी बेटी के साथ हुई हैवानियत याद कर सिहर जाती हूं। उसने मेरी बेटी के साथ बड़ी दरिंदगी की। मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे। 8 जगहों पर दांत से काटा था। बच्ची के कपड़े पर खून थे। वह 45 साल का आदमी और मेरी 8 साल की बच्ची। मेरी बच्ची खुद को छुड़ाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ती रही। उस दरिंदे ने मेरी बच्ची को पटक-पटक के मार दिया।’ बच्ची की मां ने कहा, ‘आरोपी पकड़ा गया। हमें मुआवजा भी मिला, लेकिन क्या मेरी बेटी वापस लौटेगी। मेरे बेटी से बढ़कर ये पैसे नहीं। आज भी सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। बेटी कि शादी नहीं हो रही है। मेरी बच्ची को तड़पा-तड़पा कर मारने वाला जब तक जिंदा है मेरी बच्ची की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। हम चाहते है कि उसे फांसी की सजा मिले।’ ———- ये भी पढ़ें… NEET छात्रा रेप-मौत केस- फॉरेंसिक रिपोर्ट SIT को सौंपी गई:कपड़ों से टीम को सैंपल मिले, सेक्सुअल हरासमेंट का जिक्र; अब तक 50 लोगों से पूछताछ पटना में NEET छात्रा से रेप-मौत मामले में फॉरेंसिक टीम ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। सूत्रों की माने तो इस रिपोर्ट में सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा के कपड़ों से टीम को कुछ सैंपल मिले हैं जो सेक्सुअल हरासमेंट की ओर इशारा कर रहे हैं। पूरी स्टोरी पढ़िए सबसे पहले दो परिवारों का दर्द पढ़िए, जिनकी बच्ची को रेप के बाद बेरहमी से मार दिया गया। ‘उसने रेप के बाद मेरी छोटी बहन की हत्या कर दी। एक तो मेरी बहन को मार दिया गया, उल्टा हम ही सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। मेरे शादी में दिक्कत हो रही है। लड़के वाले यह कहकर इनकार कर देते हैं कि जिस घर की लड़की के साथ ऐसी घटना घटी है, उस घर में शादी कैसे करेंगे।’ – रेप पीड़िता की बहन, आरा ‘मेरी बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। उसके साथ हैवानियत करने वाले सारे लोग जिंदा हैं। पता नहीं उन्हें कब सजा मिलेगी। सम्राट चौधरी कहते हैं अन्याय करने वालों को गोली लगेगी। मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट गई हूं। न्याय की उम्मीद नहीं बची।’- रेप पीड़िता की मां, छपरा यह दर्द सिर्फ दो परिवारों का नहीं। बिहार में एक साल में 2000 से अधिक लड़कियों से हुए रेप के मामलों से जुड़ा है। उन परिवारों से जुड़ा है जो पुलिस-कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। पटना में NEET छात्रा की मौत के बाद दैनिक भास्कर ने ये जानने की कोशिश की कि पूरे बिहार में पिछले साल कितनी लड़कियों के साथ ऐसी वारदात हुईं। कैसे उनके परिजन केस लड़ रहे हैं। किस तरह का सामाजिक टॉर्चर झेलना पड़ रहा है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए रिपोर्ट…। अब पढ़िए वो उदाहरण, जहां रेप के बाद परिवार कैसे टूट रहे हैं, कहां-कहां की प्रताड़ना झेल रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको छपरा ले चलते हैं…। केस-1:-छपरा में 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या तारीख- 24 मई 2025 भटकेशरी में स्कूल के पास 5 लड़कों ने मिलकर 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप किया, फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। सभी ने स्वीकार किया कि गैंगरेप किया है। बताया कि बच्ची स्कूल से घर जा रही थी। रास्ते में आम के बगीचे में आम चुनने गई तभी उसे पकड़ लिया। झाड़ियों में चलने को कहा। मना किया तो जबरदस्ती खींचकर ले गए। बच्ची चिल्लाने लगी तो एक ने मुंह दबाया, दो लड़कों ने उसके हाथ पकड़े। एक लड़का झाड़ियों से बाहर देख रहा था कि कोई आ तो नहीं रहा है। फिर बच्ची के साथ सभी ने रेप किया। बच्ची चिल्लाने लगी। उसे खून निकलने लगा तो सभी डर गए कि घर जाकर बता देगी। इसलिए गला दबाकर उसे मार डाला। अभी क्या है मामले की स्थिति? इस मामले में 5 आरोपियों को पकड़ा गया। 3 नाबालिग सुधार गृह और 2 बालिग छपरा जेल में बंद हैं। मामला कोर्ट में है। इसको लेकर हमने परिवार से बात की। परिवार के लोग बच्ची को न्याय दिलाने के लिए थाना, अधिकारी और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रही हूं लड़की की मां ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि मेरी बच्ची को अब न्याय मिलेगा। घर से थाने जाती हूं तो पुलिस वाले कहते हैं कि महिला थाने का मामला है वहां जाओ। महिला थाना जाने पर जवाब मिलता है, हमें जो करना था कर दिया, एसपी के पास जाओ। एसपी के पास जाने के बाद कहा जाता है कि मामला डीएसपी देख रहे हैं। डीएसपी के पास जाती हूं तो वह बताते हैं कि मामला कोर्ट में चला गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बच्ची को न्याय दिलाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हूं। हम कहां जाएं। गरीब हैं। कमाए-खाएं या कोर्ट का चक्कर लगाएं। सम्राट चौधरी कहते हैं कि अन्याय करने वाले बचेंगे नहीं, उन्हें गोली मारी जाएगी। मैं अपनी बच्ची के न्याय के लिए भटक रहीं हूं। आज तक मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट चुकी हूं। पता नहीं मेरी बेटी को न्याय मिलेगा या नहीं।’ केस लड़ने को पैसा नहीं, वकील कहते हैं गहने बेच दो बच्ची की मां ने बताया, ‘मैं दौड़ते-दौड़ते थक गई हूं। एसपी-डीएसपी सिर्फ आश्वासन देते हैं, कहते हैं कि न्याय मिलेगा। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के सिस्टम से मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। 8 महीने हो गए। न्याय के इंतजार में मेरी बेटी की आत्मा भटक रही होगी।’ बच्ची के दादा ने कहा, ‘हम लोग अब हार मान चुके हैं। घर में 7 आदमी हैं, कमाने वाला एक। घर का खर्च मुश्किल से चलता है। कोर्ट आने-जाने में गाड़ी का भाड़ा 200 रुपए लग जाता है। हमें सरकार की तरफ से मुआवजा भी नहीं मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘घटना घटी तब कई नेता, अधिकारी आए। कहा कि 3 महीने में सजा मिल जाएगी, लेकिन 8 महीने हो गए। किसी को सजा नहीं मिली। कर्ज लेकर कोर्ट जाते हैं इस उम्मीद में कि बच्ची को न्याय मिलेगा। उसके हत्यारे आज भी जिंदा है। दिहाड़ी मजदूर हूं। जिस दिन कोर्ट जाता हूं उस दिन काम पर नहीं जा पाता। शाम को खाना क्या बनेगा, इसकी चिंता रहती है।’ केस 2: आरा में 9 साल की बच्ची को चाचा ने रेप के बाद पटक-पटक कर मार डाला तारीख- 16 दिसंबर 2024 आरा में 9 साल की बच्ची को पड़ोस में रहने वाले मुंह बोले चाचा नारायण शाह ने रेप के बाद मार डाला। वह बहला-फुसलाकर बच्ची को घर में ले गया। उसके साथ रेप किया फिर तब तक मारता रहा जब तक मर नहीं गई। बच्ची के शरीर पर 10 से ज्यादा जख्म के निशान थे। अभी क्या है मामले की स्थिति? आरोपी को पड़ोसियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जांच में वह दोषी मिला। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नारायण ने पटना हाईकोर्ट में अपील की है। हमने मृतक बच्ची की बड़ी बहन और मां से बात की। लड़के वाले मना कर देते थे कि ऐसे घर में शादी नहीं करेंगे बच्ची की बड़ी बहन ने कहा, ‘छोटी बहन की हत्या के बाद मेरी शादी में परेशानी हो रही है। मम्मी-पापा कहीं शादी के लिए बात करते तो लड़के वाले मना कर देते थे। कहते थे कि जिस घर में ऐसी घटना घटी उस घर में शादी नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘आरोपी को भले कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन यह काफी नहीं है। उसने मेरी बहन को रेप के बाद पटक-पटक कर मार दिया। मेरी बहन सिर्फ 8 साल की थी। उसे फांसी होनी चाहिए। जब तक वह मरेगा नहीं, हम चैन से नहीं जिएंगे। घटना के बाद घर में कोई पर्व त्योहार नहीं मनाते हैं। समाज के लोग पीठ-पीछे उल्टी बातें करते है।’ मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे मृतक बच्ची की मां ने बताया, ‘आरोपी मेरे ही मोहल्ले में रहता था। उस रात मेरी बेटी आटा लाने दुकान गई थी। रास्ते से उसने बुलाया तो बच्ची घर पर आटा रखकर बोली कि वकील चाचा बुला रहे हैं। मेरी बच्ची उसके पास गई तो उसने हैवानियत की। उसे पटक-पटक कर मार दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज भी बेटी के साथ हुई हैवानियत याद कर सिहर जाती हूं। उसने मेरी बेटी के साथ बड़ी दरिंदगी की। मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे। 8 जगहों पर दांत से काटा था। बच्ची के कपड़े पर खून थे। वह 45 साल का आदमी और मेरी 8 साल की बच्ची। मेरी बच्ची खुद को छुड़ाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ती रही। उस दरिंदे ने मेरी बच्ची को पटक-पटक के मार दिया।’ बच्ची की मां ने कहा, ‘आरोपी पकड़ा गया। हमें मुआवजा भी मिला, लेकिन क्या मेरी बेटी वापस लौटेगी। मेरे बेटी से बढ़कर ये पैसे नहीं। आज भी सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। बेटी कि शादी नहीं हो रही है। मेरी बच्ची को तड़पा-तड़पा कर मारने वाला जब तक जिंदा है मेरी बच्ची की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। हम चाहते है कि उसे फांसी की सजा मिले।’ ———- ये भी पढ़ें… NEET छात्रा रेप-मौत केस- फॉरेंसिक रिपोर्ट SIT को सौंपी गई:कपड़ों से टीम को सैंपल मिले, सेक्सुअल हरासमेंट का जिक्र; अब तक 50 लोगों से पूछताछ पटना में NEET छात्रा से रेप-मौत मामले में फॉरेंसिक टीम ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। सूत्रों की माने तो इस रिपोर्ट में सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा के कपड़ों से टीम को कुछ सैंपल मिले हैं जो सेक्सुअल हरासमेंट की ओर इशारा कर रहे हैं। पूरी स्टोरी पढ़िए


