पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ग्रैंड-डॉटर-इन-लॉ ने अपनी शादी में भारतीय डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी का डिजाइन किया हुआ लहंगा पहना। इसके बाद से ही सरहद के दोनों पार इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक नई जंग छिड़ गई है। जहां पाकिस्तानी आवाम भारत को टैक्स देने और वहां के ब्रांड्स को प्रमोट करने पर सवाल उठा रही है। वहीं भारतीय डिजाइनर की कला की तारीफ भी हो रही है। इस चर्चा के बीच, आइए जानते हैं इंडिया के दो फेमस फैशन डिजाइनर्स सब्यसाची मुखर्जी और मनीष मल्होत्रा कितने पढ़े-लिखें हैं और कैसे उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
Sabyasachi Mukherjee Education: इंजीनियरिंग छोड़ चुनी फैशन की राह
पश्चिम बंगाल के एक साधारण से परिवार में जन्मे सब्यसाची मुखर्जी की शुरुआती पढ़ाई कोलकाता के श्री अरबिंदो विद्यामंदिर से हुई। उनके पिता चाहते थे कि वे इंजीनियर बनें, लेकिन सब्यसाची का मन कला और संस्कृति में रमता था। जब उन्होंने फैशन डिजाइनर बनने की इच्छा जताई, तो पिता ने पढ़ाई का खर्च उठाने से मना कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी किताबें बेचकर एंट्रेंस एग्जाम की फीस भरी थी। सब्यसाची ने अपनी मेहनत के दम पर कोलकाता के नामी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) में दाखिला लिया।
साल 1999 में उन्होंने अपना ग्रेजुएशन कंम्पलीट किया। सब्यसाची यहीं नहीं रुके उन्होंने फैशन को समझने के लिए विदेशी संस्थानों का रुख भी किया। सब्यसाची ने लंदन के मशहूर सेंट्रल सेंट मार्टिंस कॉलेज से फैशन की बारीकियां सीखीं। इसके साथ ही उन्होंने दिग्गज डिजाइनरों जैसे जेफ्री बीन और जीन पॉल गॉल्टियर के साथ काम किया और वहां से फैशन के ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को समझा। सिर्फ 20 हजार रुपये और तीन कारीगरों के साथ शुरू हुआ उनका सफर आज करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंच चुका है।
Manish Malhotra Education: 500 रुपये महीने की नौकरी से की शुरुआत
आज दुनिया के बड़े से बड़े सितारे मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए कपड़े पहनने को तरसते हैं, लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। मनीष ने खुद एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया था कि बचपन में उन्हें पढ़ाई काफी बोरिंग लगती थी और वे पढ़ाई में बिल्कुल अच्छे नहीं थे। फिल्मों के लिए उनकी दीवानगी ऐसी थी कि, वे हर नई फिल्म देखने सिनेमाघर पहुंच जाते थे। लेकिन उनके इस जुनून को उनकी मां ने पूरा सपोर्ट किया।
मनीष के पास विदेश जाकर पढ़ने के पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने मुंबई के एक बुटीक में महज 500 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत की। उनके करियर का टर्निंग पॉइंट तब आया जब 25 साल की उम्र में उन्हें जूही चावला के लिए ड्रेस डिजाइन करने का मौका मिला, लेकिन फिल्म ‘रंगीला’ ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार डिजाइनर बना दिया। आज मनीष ना सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में हर किसी के फेवरेट हैं।
मनीष मल्होत्रा इस बात का जीती-जागती मिसाल हैं कि केवल डिग्रियां ही सफलता की गारंटी नहीं होतीं। वहीं नवाज शरीफ के परिवार तक सब्यसाची के कपड़ों की पहुंच यह साबित करती है कि कला की कोई सरहद नहीं होती। भारत के ये दोनों डिजाइनर्स आज इस मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां, उनके डिजाइन किए कपड़े इंटरनेशनल लेवल पर डिप्लोमेसी और डिबेट का हिस्सा बन जाते हैं।


