Sunjay Kapur Property Dispute: बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर और उनके एक्स हसबैंड संजय कपूर के बच्चों ने अपनी सौतेली मां प्रिया कपूर के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है। समायरा और कियान कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पिता की वसीयत पूरी तरह से ‘जाली’ है। ऐसे में बच्चों ने मांग की है कि प्रिया कपूर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 के तहत आपराधिक मुकदमा चलाया जाए। अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो प्रिया कपूर को अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे गुजारनी पड़ सकती है।
करिश्मा कपूर के बच्चों ने प्रिया सचदेव पर लगाए आरोप (Karisma Kapoor children seek criminal action against Priya Kapur)
समायरा और कियान का सबसे बड़ा दावा उस तारीख को लेकर है, जिस दिन वसीयत पर हस्ताक्षर किए गए थे। प्रिया कपूर के अनुसार, संजय कपूर ने 21 मार्च 2025 को गुरुग्राम के एक ऑफिस में गवाहों की मौजूदगी में वसीयत साइन की थी। लेकिन बच्चों का कहना है कि उस दिन उनके पिता और प्रिया गुरुग्राम में थे ही नहीं।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों ने सबूत के तौर पर बताया कि 21 मार्च को उनके पिता दिल्ली में थे और उसी समय उनकी मां करिश्मा कपूर से वॉट्सऐप पर बच्चों की पुर्तगाली नागरिकता को लेकर बात कर रहे थे। बच्चों ने अदालत से मांग की है कि प्रिया कपूर और गवाहों के मोबाइल फोन जब्त किए जाएं, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ कागज बल्कि एक ‘फेक डिजिटल ट्रेल’ (फर्जी डिजिटल रिकॉर्ड) भी तैयार किया है।

गोवा में थे पिता संजय कपूर तो वसीयत में बदलाव कैसे? (Sunjay Kapur Karisma Kapoor Ex Husband)
वसीयत की टाइमलाइन में एक और बड़ा झोल सामने आया है। दावा है कि 17 मार्च को वसीयत में संशोधन किया गया था, जबकि बच्चों का कहना है कि उस दिन संजय कपूर अपने बेटे कियान के साथ गोवा में छुट्टियां मना रहे थे। वे गोवा से सीधे अपनी मां रानी कपूर से मिलने दिल्ली पहुंचे थे। बच्चों का तर्क है कि जब पिता गोवा और दिल्ली में थे, तो गुरुग्राम की वसीयत में बदलाव का दावा पूरी तरह झूठा और जालसाजी वाला है।

“इतने पढ़े-लिखे पिता ऐसी गलतियां नहीं करते” (Sunjay Kapur Education)
समायरा और कियान ने वसीयत की बनावट पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वसीयत में व्याकरण (Grammar) और स्पेलिंग की ढेरों गलतियां हैं। बच्चों के मुताबिक, उनके पिता एक उच्च शिक्षित व्यक्ति थे और वे अपनी वसीयत में ऐसी बचकानी गलतियां कभी नहीं कर सकते थे। इसके अलावा, वसीयत की एग्जीक्यूटर श्रद्धा सूरी मारवाह की भूमिका भी शक के घेरे में है, क्योंकि उन्होंने पहले वकील के बारे में पूछा था, जबकि बाद में पता चला कि वसीयत एक गवाह नितिन शर्मा ने खुद ड्राफ्ट की थी।
20 जनवरी को होगा बड़ा फैसला
संजय कपूर की मौत के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब संपत्ति के बंटवारे से निकलकर एक गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो चुका है। इस हाई-प्रोफाइल केस की अगली सुनवाई 20 जनवरी को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट गगनदीप सिंह के सामने होगी। अगर कोर्ट ने बच्चों की दलीलों को स्वीकार कर लिया और आपराधिक धाराएं लागू कर दीं, तो प्रिया कपूर की मुश्किलें बेहद बढ़ सकती हैं।


