सीवान में पंचायत प्रतिनिधियों का हुआ महासम्मेलन:पंचायतों को सशक्त करने की उठी मांग, मंत्रियों ने किया उद्घाटन

सीवान में पंचायत प्रतिनिधियों का हुआ महासम्मेलन:पंचायतों को सशक्त करने की उठी मांग, मंत्रियों ने किया उद्घाटन

सीवान में जिला मुखिया संघ के देखरेख में रविवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन टाउन हॉल, सीवान में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष अजय भास्कर चौहान ने की, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी मुखिया राजकिशोर चौरसिया ने संभाली। महासम्मेलन में जिले भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पाण्डेय ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश उपस्थित रहे, जबकि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने शिरकत की। इसके अलावा जिले के सभी विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, सभी प्रमुख, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य एवं पंचगण कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधिसम्मत एवं संवैधानिक मांगों को मजबूती से रखने के लिए एकजुट हुए अपने संबोधन में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की धरती सीवान पर लगभग 20 सालों के बाद पहली बार इस स्तर का त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन आयोजित किया गया है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज अधिनियम में निहित अधिकारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कराना है। जिला परिषद से लेकर वार्ड एवं पंच स्तर तक के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर सरकार के समक्ष अपनी विधिसम्मत एवं संवैधानिक मांगों को मजबूती से रखने के लिए एकजुट हुए। महासम्मेलन में जिला परिषद, प्रमुख संघ, सरपंच संघ, वार्ड संघ एवं पंच संघ के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठनों की ओर से मांग पत्र प्रस्तुत किया। प्रतिनिधियों ने पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं कार्यकारी अधिकारों से और अधिक सशक्त करने की मांग उठाई, ताकि गांवों के विकास कार्यों को गति मिल सके। इस प्रकार के आयोजन लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का करते हैं कार्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। पंचायत प्रतिनिधि गांव के जनमानस की सबसे मजबूत आवाज होते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा गया कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव सशक्त होंगे, तभी पंचायतें मजबूत होंगी और पंचायतों के मजबूत होने से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है। सीवान में जिला मुखिया संघ के देखरेख में रविवार को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन टाउन हॉल, सीवान में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष अजय भास्कर चौहान ने की, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी मुखिया राजकिशोर चौरसिया ने संभाली। महासम्मेलन में जिले भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के स्वास्थ्य एवं विधि मंत्री मंगल पाण्डेय ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश उपस्थित रहे, जबकि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद विजयलक्ष्मी देवी ने शिरकत की। इसके अलावा जिले के सभी विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, सभी प्रमुख, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य एवं पंचगण कार्यक्रम में मौजूद रहे। विधिसम्मत एवं संवैधानिक मांगों को मजबूती से रखने के लिए एकजुट हुए अपने संबोधन में मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि देश रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की धरती सीवान पर लगभग 20 सालों के बाद पहली बार इस स्तर का त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महासम्मेलन आयोजित किया गया है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज अधिनियम में निहित अधिकारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कराना है। जिला परिषद से लेकर वार्ड एवं पंच स्तर तक के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित होकर सरकार के समक्ष अपनी विधिसम्मत एवं संवैधानिक मांगों को मजबूती से रखने के लिए एकजुट हुए। महासम्मेलन में जिला परिषद, प्रमुख संघ, सरपंच संघ, वार्ड संघ एवं पंच संघ के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठनों की ओर से मांग पत्र प्रस्तुत किया। प्रतिनिधियों ने पंचायतों को प्रशासनिक, वित्तीय एवं कार्यकारी अधिकारों से और अधिक सशक्त करने की मांग उठाई, ताकि गांवों के विकास कार्यों को गति मिल सके। इस प्रकार के आयोजन लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का करते हैं कार्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। पंचायत प्रतिनिधि गांव के जनमानस की सबसे मजबूत आवाज होते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा गया कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। जब गांव सशक्त होंगे, तभी पंचायतें मजबूत होंगी और पंचायतों के मजबूत होने से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है।  

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