निशांत के पॉलिटिक्स में एंट्री का सांसद पप्पू यादव ने स्वागत किया है। पप्पू यादव ने कहा है कि जदयू और बिहार को बचाना है तो निशांत की राज्यसभा में एंट्री जरूरी है। जब भी चेंज हो, नीतीश की जगह उनके बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाया जाए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया है और कहा है कि ईरान भारत का अच्छा दोस्त रहा है। हर परिस्थिति में भारत को ईरान के साथ रहना चाहिए। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने निशांत को राज्यसभा भेजे जाने से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार की तरह ही उनके बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की जरूरत है। पार्टी और बिहार तभी बचेगा। विभीषण से जदयू को बचाने के लिए निशांत की राज्यसभा में एंट्री जरूरी है। अति पिछड़ा, दलित और दबे कुचले लोगों की राजनीति देखना चाहते हैं, तो निशांत को मुख्यमंत्री बना दें। मैं उनके राज्यसभा जाने का बहुत स्वागत करता हूं। जदयू को बचाना हो और नीतीश के विरासत को बचना हो तो निशांत को मुख्यमंत्री बनना जरूरी है। मैं हमेशा निशांत के पक्ष में रहा हूं। किसी गलत हाथ में जदयू ना जाए। किसी गलत हाथ में सत्ता न जाए, उससे बेहतर है। नीतीश की जगह कभी भी चेंज हो, तो निशांत को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। पप्पू यादव बोले- तेजस्वी के राज्यसभा जाने के फैसला का स्वागत सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा कि वे तेजस्वी के राज्यसभा जाने के फैसले का स्वागत करते हैं, मगर बिहार में NEET छात्रा के साथ हुई रेप और हत्या जैसी बड़ी घटना के बाद भी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों खामोश रहा। दोनों इस मुद्दे पर सदन में आमने सामने नहीं आए, ये गलत है। वे राज्यसभा जाएं, इसका स्वागत है। ‘भावनात्मक रूप से भारत को ईरान के साथ खड़े रहना चाहिए’ वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि ईरान और भारत के बीच काफी अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों दोस्त हैं। भावनात्मक रूप से भारत को ईरान के साथ खड़े रहना चाहिए। ईरान के सुप्रीम लीडर के साथ जो घटना घटी, हमारे देश के प्रधानमंत्री मौन रहे। उन्होंने ट्विटर नहीं किया। बिहार और भारत के लोग ईरान में फंसे हुए हैं। उन्हें तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए, मगर अब तक देश के पीएम ने कोई पहल नहीं की। वहां फंसे भारतीयों को तुरंत निकालना चाहिए और शांति की पहल करनी चाहिए। इसका असर सीधे तौर पर भारत पर पड़ेगा। भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और विदेश नीति पर भी इसका असर साफ पड़ेगा। जब कभी भारत पर हमला हुआ। कश्मीर की बात हुई तो ईरान भारत के साथ खड़ा रहा। कश्मीर के मुद्दे पर जब सब हमारे दुश्मन हो गए, तो ईरान ने हमारा साथ दिया। ईरान और रूस ने हमेशा भारत के साथ दोस्ती का फर्ज अदा किया है। निशांत के पॉलिटिक्स में एंट्री का सांसद पप्पू यादव ने स्वागत किया है। पप्पू यादव ने कहा है कि जदयू और बिहार को बचाना है तो निशांत की राज्यसभा में एंट्री जरूरी है। जब भी चेंज हो, नीतीश की जगह उनके बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाया जाए। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया है और कहा है कि ईरान भारत का अच्छा दोस्त रहा है। हर परिस्थिति में भारत को ईरान के साथ रहना चाहिए। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने निशांत को राज्यसभा भेजे जाने से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम नीतीश कुमार की तरह ही उनके बेटे निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की जरूरत है। पार्टी और बिहार तभी बचेगा। विभीषण से जदयू को बचाने के लिए निशांत की राज्यसभा में एंट्री जरूरी है। अति पिछड़ा, दलित और दबे कुचले लोगों की राजनीति देखना चाहते हैं, तो निशांत को मुख्यमंत्री बना दें। मैं उनके राज्यसभा जाने का बहुत स्वागत करता हूं। जदयू को बचाना हो और नीतीश के विरासत को बचना हो तो निशांत को मुख्यमंत्री बनना जरूरी है। मैं हमेशा निशांत के पक्ष में रहा हूं। किसी गलत हाथ में जदयू ना जाए। किसी गलत हाथ में सत्ता न जाए, उससे बेहतर है। नीतीश की जगह कभी भी चेंज हो, तो निशांत को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। पप्पू यादव बोले- तेजस्वी के राज्यसभा जाने के फैसला का स्वागत सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा कि वे तेजस्वी के राज्यसभा जाने के फैसले का स्वागत करते हैं, मगर बिहार में NEET छात्रा के साथ हुई रेप और हत्या जैसी बड़ी घटना के बाद भी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों खामोश रहा। दोनों इस मुद्दे पर सदन में आमने सामने नहीं आए, ये गलत है। वे राज्यसभा जाएं, इसका स्वागत है। ‘भावनात्मक रूप से भारत को ईरान के साथ खड़े रहना चाहिए’ वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि ईरान और भारत के बीच काफी अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों दोस्त हैं। भावनात्मक रूप से भारत को ईरान के साथ खड़े रहना चाहिए। ईरान के सुप्रीम लीडर के साथ जो घटना घटी, हमारे देश के प्रधानमंत्री मौन रहे। उन्होंने ट्विटर नहीं किया। बिहार और भारत के लोग ईरान में फंसे हुए हैं। उन्हें तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए, मगर अब तक देश के पीएम ने कोई पहल नहीं की। वहां फंसे भारतीयों को तुरंत निकालना चाहिए और शांति की पहल करनी चाहिए। इसका असर सीधे तौर पर भारत पर पड़ेगा। भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और विदेश नीति पर भी इसका असर साफ पड़ेगा। जब कभी भारत पर हमला हुआ। कश्मीर की बात हुई तो ईरान भारत के साथ खड़ा रहा। कश्मीर के मुद्दे पर जब सब हमारे दुश्मन हो गए, तो ईरान ने हमारा साथ दिया। ईरान और रूस ने हमेशा भारत के साथ दोस्ती का फर्ज अदा किया है।


