इंदौर-हरदा ग्रीनफील्ड हाइवे 90% पूरा, शुरु होते ही 96 गांवों को होगा फायदा

इंदौर-हरदा ग्रीनफील्ड हाइवे 90% पूरा, शुरु होते ही 96 गांवों को होगा फायदा

MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के लिए महत्वपूर्ण ग्रीन फील्ड इंदौर-हरदा हाइवे का काम तेजी से चल रहा है। इंदौर-खंडवा के पहले यह हाइवे तैयार हो जाएगा। इसका करीब 90 प्रतिशत काम हो गया है। इंदौर-हरदा रोड काम नवंबर 2022 से शुरू किया गया था। हालांकि एनएचएआइ प्रोजे‘ट की तय निर्माण अवधि दो बार बढ़ा चुका है। एमआर 10 जं‘शन पर एनएचएआइ थ्री लेयर ब्रिज बना रहा है। इसी के आगे हरदा तक नया ग्रीन फील्ड हाइवे बन रहा है। यहां जंगल-खेतों से सड़क निकाली जा रही है। यह सड़क हरदा से नागपुर को सीधे इंदौर से जोड़ेगी।

6 ब्रिज, 12 अंडरपास, 29 पुलिया तैयार

एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया, 4 लेन डामर की सड़क बनाई जा रही है। 26.5 किमी में से 900 मीटर की सड़क बन रही है। अन्य निर्माण हो चुका है। इसमें 1 बड़ा, 5 छोटे ब्रिज बनकर तैयार हैं। 12 अंडरपास और 29 छोटी पुलिया भी बन चुकी हैं। 2 ब्रिज की एप्रोच रोड बनाई जा रही है। दो महीने में सड़क का काम पूरा होकर यातायात शुरू हो जाएगा। इंदौर से हाइवे राघौगढ़ और हरदा होते हुए नागपुर से जुड़ेगा। नागपुर हाइवे पहले से ही बना है, ऐसे में इंदौर से नागपुर की सीधी कनेक्टिविटी होगी।

नागपुर जाने में होगी 3 घंटे की बचत

90% तैयार हो चुकें इंदौर-हरदा फोरलेन के तैयार होने के बाद इंदौर से नागपुर जाने में कम से कम 3 घंटे का समय बचेगा। इंदौर से जाने वाले वाहन इस रोड के बनने के बाद सीधे हरदा-बैतूल होते हुए नागपुर पहुंचेंगे।
बता दें कि अभी यात्रियों को नागपुर जाने वाले वाहनों को देवगुराड़िया रोड होते हुए जाना पड़ता है। यह रोड टू लेन है। जिसके कारण वाहनों को नागपुर पहुंचने में कम से कम 8 घंटे 50 मिनट का समय लगता है। इंदौर-हरदा फोरलेन के बनने से वाहन सिर्फ 6 घंटे में ही इंदौर से नागपुर पहुंच जाएंगे।

गांवों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी

ये हाइवे नागपुर और हैदराबाद को मालवा‎ से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। इससे दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी‎ की समस्या का समाधान होगा। हैदराबाद से जुड़ाव आईटी इंडस्ट्री, फिल्म ‎इंडस्ट्री, उद्योग और अन्य कई क्षेत्रों में इंदौर को फायदा देगा। सिर्फ इंदौर ही ‎नहीं, आसपास के शहर जैसे देवास, उज्जैन, पीथमपुर, ओंकारेश्वर आदि को‎ भी इससे फायदा मिलेगा। साथ ही 96 गांव भी जुड़ेंगे। इससे इंदौर की सीमाएं बढ़ेंगी और शहर का विस्तार ‎भी होगा। ट्रैफिक लोड भी कम होगा। बायपास से राघौगढ़-चापड़ा के सफर ‎में 30 मिनट बचेंगे। इससे आगे की राह भी आसान होगी।‎

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