बर्कशायर हैथवे की सालाना शेयरहोल्डर्स मीटिंग 1 मई को हुई। कंपनी के नए CEO ग्रेग एबेल पहली बार मीटिंग लीड किया। 93 साल के वॉरेन बफेट जो आमतौर पर सूट-बूट में दिखते हैं,इस बार स्वेटर में पहली रो में बैठे नजर आए। रिटायरमेंट मोड में दिख रहे बफेट ने मीटिंग में एपल में किए गए अपने निवेश और CEO टिम कुक की कामयाबी की कहानी सुनाई। बफेट ने कहा कि टिम कुक ने स्टीव जॉब्स जैसे लेजेंड की जगह ली और खुद को साबित करके दिखाया। बफेट ने हालांकि मैनेजमेंट से दूरी बना ली है, लेकिन एप्पल जैसे बड़े निवेश पर उनकी बातों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बर्कशायर के पोर्टफोलियो में एपल आज भी सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है। 10 साल पहले $35 बिलियन का जुआ खेला था बफेट ने मीटिंग में याद दिलाया कि करीब एक दशक पहले बर्कशायर ने एपल पर एक बड़ा दांव खेला था। उस वक्त कंपनी ने अपने कुल संसाधनों का लगभग 10% यानी 35 बिलियन डॉलर (करीब 2.91 लाख करोड़ रुपए) एपल के शेयरों में लगा दिए थे। बफेट ने कहा, ‘तब टिम कुक को औसत अमेरिकी निवेशक भी ठीक से नहीं जानता था। हमने इतनी बड़ी रकम एक ऐसे शख्स के हाथ में सौंप दी थी, जिसने एक लेजेंड (स्टीव जॉब्स) के बाद कमान संभाली थी।’ एप्पल के निवेश से बर्कशायर को 5 गुना से ज्यादा फायदा बफेट ने बताया कि एपल में किया गया निवेश बर्कशायर के लिए जैकपॉट साबित हुआ है। 35 बिलियन डॉलर का वह शुरुआती निवेश आज बढ़कर 185 बिलियन डॉलर (करीब 15.42 लाख करोड़ रुपए) हो चुका है। इसमें डिविडेंड और शेयरों की बढ़ी हुई कीमत दोनों शामिल हैं। अपने मजाकिया अंदाज में बफेट बोले, ‘इतना पैसा बनाने के लिए मुझे एक धेला भी काम नहीं करना पड़ा। हम बर्कशायर में दूसरों से काम कराने और पैसे बटोरने में काफी माहिर हैं।’ बफेट बोले- टिम कुक खड़े हों और तालियां स्वीकार करें मीटिंग के दौरान बफेट ने दर्शकों के बीच बैठे टिम कुक को खड़े होने के लिए कहा। उन्होंने शेयरहोल्डर्स से कहा कि वे टिम कुक का शुक्रिया अदा करें। बफेट ने कहा, ‘स्टीव जॉब्स के जाने के बाद हर कोई सवाल कर रहा था कि एप्पल को कौन संभालेगा? स्टीव की मौत के बाद टिम ने जिम्मेदारी ली। स्टीव जॉब्स जैसे दिग्गज की जगह लेना और उनके रिकॉर्ड को पार करना अमेरिकी बिजनेस मैनेजमेंट के करिश्मों में से एक है।’ सितंबर में टिम कुक छोड़ेंगे अपना पद यह मीटिंग इसलिए भी अहम थी क्योंकि टिम कुक इसी साल सितंबर में एप्पल के टॉप एग्जीक्यूटिव का पद छोड़ने वाले हैं। उनकी जगह जॉन टर्नस कंपनी की कमान संभालेंगे। बफेट ने टिम कुक के कार्यकाल को एप्पल के इतिहास का सबसे शानदार दौर बताया। उन्होंने याद किया कि कैसे एप्पल एक गैराज से शुरू हुई, स्टीव जॉब्स को कंपनी से निकाला गया, फिर उनकी वापसी हुई और आईफोन जैसा प्रोडक्ट आया। लेकिन जॉब्स के बाद कंपनी को उस ऊंचाई पर बनाए रखना टिम कुक की ही काबिलियत थी। ग्रेग एबेल के नेतृत्व में पहली मीटिंग इस साल की मीटिंग इसलिए भी खास थी क्योंकि यह पहली बार था जब ग्रेग एबेल CEO के तौर पर मंच संभाल रहे थे। बफेट ने हालांकि मैनेजमेंट से दूरी बना ली है, लेकिन एप्पल जैसे बड़े निवेश पर उनकी बातों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बर्कशायर के पोर्टफोलियो में एप्पल आज भी सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखता है।
बर्कशायर मीटिंग में स्वेटर पहनकर पहुंचे 93 साल के बफेट:एपल CEO टिम कुक की तारीफ की, ग्रेग एबेल ने पहली बार मीटिंग लीड की


