उन्नाव में पीएम पोषण योजना के तहत रविवार दोपहर विकास भवन सभागार में रसोइयों का सम्मान समारोह और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने की, जबकि सदर विधायक पंकज गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में उन्नाव की रसोइया भी सम्मानित लखनऊ में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 रसोइयों को सम्मानित किया। इनमें उन्नाव के सफीपुर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय अटवा मोहाल ओसिया की रसोइया खिलाना भी शामिल थीं। वहीं, उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीना और जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह ने पांच रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड और बढ़े हुए मानदेय की राशि का चेक देकर सम्मानित किया। 2 हजार से बढ़कर 3 हजार हुआ मानदेय सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके साथ ही रसोइयों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 लाख रुपये की सहायता का भी प्रावधान किया गया है। साड़ी के लिए अब 1 हजार रुपये मिलेंगे रसोइयों की ड्रेस साड़ी के लिए मिलने वाली राशि भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कार्यरत कुल 6,148 रसोइयों को इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर जोर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने रसोइयों से विद्यालयों में भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भोजन में सामग्री उचित अनुपात में डाली जाए। मिड-डे मील और आवासीय विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। रक्षाबंधन पर सरकार का बड़ा उपहार बताया जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार ने रसोइयों को बड़ा उपहार दिया है। एक साथ कई योजनाओं से जुड़ने से उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत होगी। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी अधिकारियों, कर्मचारियों और रसोइयों ने देखा। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी शैलेश पांडेय समेत अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में रसोइये मौजूद रहे।

