बिहार के मोकामा टाल क्षेत्र में देर रात हुए वज्रपात (आसमानी बिजली) ने बड़ा हादसा कर दिया, जिसमें छह मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर टाल क्षेत्र में काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जन के बीच बिजली उन पर गिर गई। घटना इतनी भयावह थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज की तैयारी शुरू की गई। बच्चे और महिलाएं भी चपेट में, स्थिति नाजुक
इस हादसे में घायल होने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। खगड़िया जिले के सिंटू कुमार (10 वर्ष), सुमन कुमार (6 वर्ष), रतनी देवी, चंपा देवी और अशोक मंडल के साथ मधेपुरा के तूरो देवी और डागदथी मंडल घायल हुए हैं। सभी की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पीएमसीएच रेफर में देरी से परिजन परेशान
डॉक्टरों के अनुसार, घायलों के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटना पीएमसीएच रेफर करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कागजी कार्रवाई और एम्बुलेंस की कमी के कारण देरी हो रही है। ग्रामीणों की मदद से बची जान, प्रशासन सक्रिय
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी हालत को लेकर परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। बिहार के मोकामा टाल क्षेत्र में देर रात हुए वज्रपात (आसमानी बिजली) ने बड़ा हादसा कर दिया, जिसमें छह मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर टाल क्षेत्र में काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जन के बीच बिजली उन पर गिर गई। घटना इतनी भयावह थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज की तैयारी शुरू की गई। बच्चे और महिलाएं भी चपेट में, स्थिति नाजुक
इस हादसे में घायल होने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। खगड़िया जिले के सिंटू कुमार (10 वर्ष), सुमन कुमार (6 वर्ष), रतनी देवी, चंपा देवी और अशोक मंडल के साथ मधेपुरा के तूरो देवी और डागदथी मंडल घायल हुए हैं। सभी की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पीएमसीएच रेफर में देरी से परिजन परेशान
डॉक्टरों के अनुसार, घायलों के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया है, जिससे उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पटना पीएमसीएच रेफर करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कागजी कार्रवाई और एम्बुलेंस की कमी के कारण देरी हो रही है। ग्रामीणों की मदद से बची जान, प्रशासन सक्रिय
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी हालत को लेकर परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है।


