हरियाणा से शराब लाकर बिहार में खपाने की तैयारी कर रहा अंतरराज्यीय तस्कर सोमवार को कानपुर सेंट्रल के पास जीआरपी के हत्थे चढ़ गया। आरोपी स्टेशन के बाहरी हिस्से में सुनसान रास्ते पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान चेकिंग कर रही जीआरपी टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके ट्रॉली बैग से 12 लीटर 750 मिलीलीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है। पावर हाउस के पास संदिग्ध हालत में खड़ा था जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार के नेतृत्व में अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार दोपहर जीआरपी टीम हैरिसगंज पुल से आगे सीपीसी वाशिंग लाइन की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर पावर हाउस के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर संदिग्ध हालत में खड़ा दिखाई दिया। टीम ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। ट्रॉली बैग में मिली 17 बोतल शराब पूछताछ में आरोपी की पहचान रंजीत कुमार (40) निवासी ग्राम पंचमहला, थाना टिकारी, जिला गया, बिहार के रूप में हुई। तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग से 750-750 एमएल की 15 बोतल Royal Green Classic Blended Whisky और 2 बोतल Royal Stag Premier Whisky बरामद हुईं। कुल 17 बोतलों में 12.75 लीटर शराब थी। पुलिस के मुताबिक बरामद शराब की कीमत करीब 50 हजार रुपये है। हरियाणा से 950 किमी दूर बिहार ले जा रहा था शराब जीआरपी की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शराब हरियाणा से लेकर बिहार जा रहा था। बिहार के गया जिले में अपने गांव तक पहुंचने के लिए वह करीब 950 किलोमीटर का सफर करने वाला था। ट्रेन पकड़ने के लिए वह कानपुर सेंट्रल के पास रुका था। नेटवर्क और आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से खरीदी गई थी और बिहार में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

