5-डे वर्किंग की मांग, खंडवा में बैंककर्मियों ने लगाए नारे:बैंक ऑफ इंडिया के बाहर दो घंटे नारेबाजी, शनिवार-रविवार अवकाश से तीन दिन सेवाएं प्रभावित

5-डे वर्किंग की मांग, खंडवा में बैंककर्मियों ने लगाए नारे:बैंक ऑफ इंडिया के बाहर दो घंटे नारेबाजी, शनिवार-रविवार अवकाश से तीन दिन सेवाएं प्रभावित

खंडवा में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन किया। बैंक यूनियनों ने आनंद नगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर एकत्रित होकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने 5-डे वर्किंग लागू करने, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़ी व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के बैनर तले जिला संयोजक प्रमोद चतुर्वेदी और प्रदेश सचिव संतोष शर्मा ने किया। दोनों पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के कारणों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। 5-डे वर्किंग की मांग, शनिवार-रविवार छुट्टी की मांग बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान व्यवस्था में दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि अन्य शनिवार को कई बैंक शाखाओं में कामकाज होता है। यूनियनों की मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक ही बैंकिंग कामकाज हो। शनिवार-रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि, डिजिटल बैंकिंग के विस्तार के बावजूद शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बना हुआ है। पांच दिन काम की व्यवस्था से कर्मचारियों को दो दिन का नियमित साप्ताहिक अवकाश मिलेगा और वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा। PLI को लेकर भी बैंककर्मियों में नाराजगी हड़ताल में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का मुद्दा भी प्रमुख है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने कहा, कर्मचारियों के वेतन और काम के स्वरूप से जुड़े मामलों में ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिससे कर्मचारियों पर प्रदर्शन और टारगेट का अतिरिक्त दबाव बढ़े। यूनियनों की ओर से PLI से संबंधित मुद्दों को लेकर भी अपनी आपत्ति और मांगें रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि, बैंकिंग सेक्टर में काम लगातार लक्ष्य आधारित होता जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय काम की परिस्थितियों, स्टाफ की उपलब्धता, कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई जानी चाहिए। तीन दिन प्रभावित रहेंगी बैंक शाखाओं की सेवाएं शुक्रवार को हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बैंकिंग सेवाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। खासतौर पर सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज पर इसका असर पड़ेगा। हड़ताल के दौरान कैश जमा-निकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, डिमांड ड्राफ्ट, लोन संबंधी शाखा कार्य और अन्य बैंक शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। जिन ग्राहकों के जरूरी काम शाखा में जाकर ही हो सकते हैं, उन्हें सोमवार तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले लेन-देन पर हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। कर्मचारियों ने कहा- मांगों पर जल्द हो फैसला खंडवा में प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। यूनियन पदाधिकारी बता रहे हैं कि, 5-डे वर्किंग समेत कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के डिजिटल होने के बावजूद शाखाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारियां और काम का दबाव कम नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कामकाज की व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।

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