‘4 महीने में ही समझ आ गया BJP का असली चेहरा’, ममता बनर्जी बोलीं- राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी

‘4 महीने में ही समझ आ गया BJP का असली चेहरा’, ममता बनर्जी बोलीं- राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के लोगों को सिर्फ चार महीनों में पार्टी का असली चेहरा समझ आ गया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, SIR और वोटर लिस्ट को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। 

Mamata Banerjee Statement: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता में एक बयान में कहा कि वह अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में बीजेपी को फिर से हाशिए पर पहुंचाने तक वह नहीं रुकेंगी। बंगाल के लोगों को सिर्फ चार महीनों में ही बीजेपी का असली चेहरा समझ आ चुका है।

ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव में कहा कि बीजेपी सरकार मनमानी कर रही है। उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को धमकाया और बिना कारण परेशान किया जा रहा है। उन्होंने राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और पुलिस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए हैं।

पुलिस पर धमकाने और डराने का आरोप

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC चेयरपर्सन ममता बनर्जी का कहना है, “पुलिस बिना सोचे-समझे टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना किसी पुख्ता सबूत के लोगों को गिरफ्तार कर रही है और उन्हें धमका रही है कि वे ममता की TMC से नाता तोड़ लें।

उन्होंने कहा, “बिना सबूत के वे लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं। जो अधिकारी (बाबू) ऐसा कर रहे हैं, हम उनके नाम नोट कर रहे हैं।”
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को रैलियों व सभाओं के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है, जिसके चलते उन्हें न्याय के लिए अदालतों का रुख करना पड़ रहा है।

सरकार आमजन को कर रही प्रताड़ित

ममता बनर्जी ने बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने SIR के बहाने गैर-कानूनी तरीके से लाखों असली वोटरों के नाम हटा दिए हैं। इस मामले में यदि जरूरत पड़ी तो उन्हें वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

उन्होंने बंगाल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और निजी जानकारी साझा करने से पहले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसा न करने पर उनकी निजी बचत खत्म हो सकती है।
बंगाल की BJP सरकार अपात्रता का बहाना बनाकर अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की संख्या कम कर रही है, जबकि लक्ष्मी भंडार योजना सभी के लिए थी।

  

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