216 रेस बाद Sergio Perez की ऐतिहासिक Pole Position, जानें Formula 1 के 10 ‘Late Bloomers’ की कहानी

216 रेस बाद Sergio Perez की ऐतिहासिक Pole Position, जानें Formula 1 के 10 ‘Late Bloomers’ की कहानी

मिक हाकिनेन ने फार्मूला वन में अपने शुरुआती दो सीजन लोटस के साथ बिताए थे। 1993 में मैकलारेन के आरक्षित चालक बनने के बाद उन्हें सीजन के आखिरी दौर में रेस सीट मिली। उनकी गति ने शुरुआत से ध्यान खींचा, लेकिन मैकलारेन उस समय खिताबी मुकाबले में नहीं थी। 1994 से 1996 के बीच हाकिनेन कई बार पोडियम तक पहुंचे और 1997 में टीम के प्रदर्शन में सुधार आया। उसी साल लक्जमबर्ग ग्रां प्री में, जो जर्मनी के नूर्बुर्गरिंग में आयोजित हुई थी, हाकिनेन ने आखिरकार अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। उन्होंने 94 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि दर्ज की।इसी संख्या के साथ डेनियल रिकियार्डो का नाम भी आता है। आधे सीजन एचआरटी और दो साल टोरो रोसो में बिताने के बाद वह 2014 में रेड बुल पहुंचे। उस समय मर्सिडीज नए नियमों का फायदा उठाकर तेजी से आगे निकल चुकी थी। रिकियार्डो ने फिर भी कई मौकों पर उसे चुनौती दी और 2014 में मर्सिडीज के अलावा दौड़ जीतने वाले इकलौते चालक बने। हालांकि क्वालीफाइंग में पहला स्थान उनसे दूर रहा। 2016 में मोनाको की गलियों में रेड बुल की कार काफी तेज थी और रिकियार्डो ने निर्णायक चरण में शानदार चक्कर लगाकर पहली पोल पोजीशन अपने नाम की।निको रोसबर्ग ने 2006 में विलियम्स के साथ फार्मूला वन में कदम रखा। वह शुरुआती जीपी2 चैंपियन थे, लेकिन विलियम्स उस दौर में मुश्किल दौर से गुजर रही थी। चार साल बाद वह मर्सिडीज से जुड़े। टीम को दोबारा मजबूत होने में कुछ समय लगा और 2012 में शंघाई में कार ने अपनी क्षमता दिखाई। रोसबर्ग ने टीम साथी माइकल शूमाकर को पीछे छोड़ते हुए पोल हासिल की। यह मर्सिडीज की 1955 के बाद पहली पोल पोजीशन थी। 111 दौड़ों के बाद मिली इस सफलता को उन्होंने अगले दिन जीत में भी बदला।थियरी बुत्सेन 1983 में एरोज़ के साथ फार्मूला वन में आए और बाद में बेनेटन तथा विलियम्स का हिस्सा बने। 1988 में मैकलारेन के दबदबे के बीच उनके पास सीमित अवसर थे। 1989 में विलियम्स पहुंचने के बाद उन्हें बेहतर कार मिली। अगले साल हंगरी के हंगारोरिंग में उन्होंने टीम साथी रिकार्डो पत्रेसे को महज 0.036 सेकंड से पीछे छोड़कर पोल हासिल की। यह उनके पूरे करियर की एकमात्र पोल पोजीशन थी और इसी ने उन्हें बाद में अपनी तीसरी तथा अंतिम ग्रां प्री जीत की राह दी। उन्होंने 115 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि हासिल की।जार्नो त्रुल्ली को एक चक्कर में असाधारण तेजी के लिए जाना जाता था। हालांकि उनके करियर का बड़ा हिस्सा मध्यक्रम की टीमों में बीता। 1997 में प्रोस्ट के साथ उन्होंने ऑस्ट्रिया में तीसरा स्थान हासिल किया। 2000 में जॉर्डन के साथ उन्होंने दो बार पहली पंक्ति में जगह बनाई, जिसमें मोनाको का प्रदर्शन खास था। 2004 में आखिरकार मोनाको में उनकी बारी आई। रेनो की कार को पोल पर पहुंचाने के बाद उन्होंने अगले दिन अपनी एकमात्र फार्मूला वन जीत भी हासिल की। यह सफलता 119 दौड़ों के बाद आई।मार्क वेबर ने 2002 में मिनार्डी के साथ पदार्पण करते हुए पांचवां स्थान हासिल कर सबका ध्यान खींचा। बाद में जगुआर और विलियम्स के साथ उन्होंने कई शानदार क्वालीफाइंग प्रदर्शन किए। 2008 में रेड बुल के साथ वह ब्रिटेन में दूसरी जगह रहे। रेड बुल के 2009 में मजबूत टीम बनने के बाद जर्मन ग्रां प्री में नूर्बुर्गरिंग पर वेबर ने पहली बार पोल हासिल की। इसके लिए उन्हें 131 दौड़ का इंतजार करना पड़ा।केविन मैग्नुसन ने 2014 में मैकलारेन के साथ पदार्पण पर पोडियम हासिल किया था, लेकिन उसके बाद करियर वैसा नहीं चला। हास में वापसी के बाद 2022 में ब्राजील के साओ पाउलो में बारिश के बीच उन्होंने सनसनीखेज पोल हासिल की। निर्णायक चरण में सबसे पहले ट्रैक पर निकलने और सूखे टायरों पर तेज समय निकालने का फायदा उन्हें मिला। इसके तुरंत बाद बारिश बढ़ गई और जॉर्ज रसेल के घूमने के कारण लाल झंडा लगा। दोबारा शुरू होने पर कोई उनके समय को नहीं तोड़ सका। 141 दौड़ों के बाद मिली यह पोल हास के लिए भी ऐतिहासिक रही।कार्लोस सैंज ने 2015 में पदार्पण किया और टोरो रोसो, रेनो तथा मैकलारेन के साथ मध्यक्रम में संघर्ष करते रहे। 2021 में फेरारी पहुंचने के बाद चार्ल्स लेक्लेर अक्सर उनसे आगे रहे। 2022 में मियामी और मोनाको में सैंज दूसरे स्थान पर रहे। आखिरकार गीली और सूखती ट्रैक वाली ब्रिटिश ग्रां प्री में उन्होंने मैक्स वेरस्टापेन को 0.072 सेकंड से पीछे छोड़कर पहली पोल हासिल की। यह उपलब्धि 151 दौड़ों के बाद आई।191 दौड़ों के बाद पियरे गैस्ली ने भी आखिरकार पोल पोजीशन हासिल की। टोरो रोसो और अल्फाटौरी के साथ उन्होंने कई बार अपनी क्षमता दिखाई थी। 2021 में उनके कुछ क्वालीफाइंग प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहे। अल्पाइन के साथ भी उन्होंने 2024 में लास वेगास में तीसरा स्थान हासिल किया था। लेकिन 2026 की इटली ग्रां प्री में मोन्ज़ा पर गैस्ली ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक चरण में सबसे तेज समय निकाला। खास बात यह है कि इसी सर्किट पर उन्होंने 2020 में अपनी पहली और अब तक की एकमात्र दौड़ जीत हासिल की थी।इस सूची में सबसे ऊपर सर्जियो पेरेज़ हैं, जिन्होंने 216 दौड़ों के बाद अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। सौबर, मैकलारेन और फोर्स इंडिया जैसी टीमों के साथ उन्होंने कई बार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पोल के करीब पहुंचना मुश्किल रहा। रेड बुल में मैक्स वेरस्टापेन के साथी बनने के बाद भी वह अक्सर दूसरे स्थान पर रहे। 2021 में इमोला में वह पोल से केवल 0.035 सेकंड दूर रह गए थे। आखिरकार 2022 में जेद्दा की सड़क पर उन्होंने चार्ल्स लेक्लेर को महज 0.025 सेकंड से हराकर पहली बार पोल हासिल की।गौरतलब है कि इन आंकड़ों से साफ होता है कि फार्मूला वन में चालक की व्यक्तिगत प्रतिभा के साथ कार की क्षमता, टीम की रणनीति, मौसम और सही समय पर मिला अवसर भी बेहद अहम हैं। इन चालकों की यात्राएं बताती हैं कि पहली पोल पोजीशन तक पहुंचने में केवल गति ही नहीं, बल्कि लंबे इंतजार, निरंतरता और सही मौके की भी बड़ी भूमिका रही हैं। 

मिक हाकिनेन ने फार्मूला वन में अपने शुरुआती दो सीजन लोटस के साथ बिताए थे। 1993 में मैकलारेन के आरक्षित चालक बनने के बाद उन्हें सीजन के आखिरी दौर में रेस सीट मिली। उनकी गति ने शुरुआत से ध्यान खींचा, लेकिन मैकलारेन उस समय खिताबी मुकाबले में नहीं थी। 1994 से 1996 के बीच हाकिनेन कई बार पोडियम तक पहुंचे और 1997 में टीम के प्रदर्शन में सुधार आया। उसी साल लक्जमबर्ग ग्रां प्री में, जो जर्मनी के नूर्बुर्गरिंग में आयोजित हुई थी, हाकिनेन ने आखिरकार अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। उन्होंने 94 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि दर्ज की।
इसी संख्या के साथ डेनियल रिकियार्डो का नाम भी आता है। आधे सीजन एचआरटी और दो साल टोरो रोसो में बिताने के बाद वह 2014 में रेड बुल पहुंचे। उस समय मर्सिडीज नए नियमों का फायदा उठाकर तेजी से आगे निकल चुकी थी। रिकियार्डो ने फिर भी कई मौकों पर उसे चुनौती दी और 2014 में मर्सिडीज के अलावा दौड़ जीतने वाले इकलौते चालक बने। हालांकि क्वालीफाइंग में पहला स्थान उनसे दूर रहा। 2016 में मोनाको की गलियों में रेड बुल की कार काफी तेज थी और रिकियार्डो ने निर्णायक चरण में शानदार चक्कर लगाकर पहली पोल पोजीशन अपने नाम की।
निको रोसबर्ग ने 2006 में विलियम्स के साथ फार्मूला वन में कदम रखा। वह शुरुआती जीपी2 चैंपियन थे, लेकिन विलियम्स उस दौर में मुश्किल दौर से गुजर रही थी। चार साल बाद वह मर्सिडीज से जुड़े। टीम को दोबारा मजबूत होने में कुछ समय लगा और 2012 में शंघाई में कार ने अपनी क्षमता दिखाई। रोसबर्ग ने टीम साथी माइकल शूमाकर को पीछे छोड़ते हुए पोल हासिल की। यह मर्सिडीज की 1955 के बाद पहली पोल पोजीशन थी। 111 दौड़ों के बाद मिली इस सफलता को उन्होंने अगले दिन जीत में भी बदला।
थियरी बुत्सेन 1983 में एरोज़ के साथ फार्मूला वन में आए और बाद में बेनेटन तथा विलियम्स का हिस्सा बने। 1988 में मैकलारेन के दबदबे के बीच उनके पास सीमित अवसर थे। 1989 में विलियम्स पहुंचने के बाद उन्हें बेहतर कार मिली। अगले साल हंगरी के हंगारोरिंग में उन्होंने टीम साथी रिकार्डो पत्रेसे को महज 0.036 सेकंड से पीछे छोड़कर पोल हासिल की। यह उनके पूरे करियर की एकमात्र पोल पोजीशन थी और इसी ने उन्हें बाद में अपनी तीसरी तथा अंतिम ग्रां प्री जीत की राह दी। उन्होंने 115 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि हासिल की।
जार्नो त्रुल्ली को एक चक्कर में असाधारण तेजी के लिए जाना जाता था। हालांकि उनके करियर का बड़ा हिस्सा मध्यक्रम की टीमों में बीता। 1997 में प्रोस्ट के साथ उन्होंने ऑस्ट्रिया में तीसरा स्थान हासिल किया। 2000 में जॉर्डन के साथ उन्होंने दो बार पहली पंक्ति में जगह बनाई, जिसमें मोनाको का प्रदर्शन खास था। 2004 में आखिरकार मोनाको में उनकी बारी आई। रेनो की कार को पोल पर पहुंचाने के बाद उन्होंने अगले दिन अपनी एकमात्र फार्मूला वन जीत भी हासिल की। यह सफलता 119 दौड़ों के बाद आई।
मार्क वेबर ने 2002 में मिनार्डी के साथ पदार्पण करते हुए पांचवां स्थान हासिल कर सबका ध्यान खींचा। बाद में जगुआर और विलियम्स के साथ उन्होंने कई शानदार क्वालीफाइंग प्रदर्शन किए। 2008 में रेड बुल के साथ वह ब्रिटेन में दूसरी जगह रहे। रेड बुल के 2009 में मजबूत टीम बनने के बाद जर्मन ग्रां प्री में नूर्बुर्गरिंग पर वेबर ने पहली बार पोल हासिल की। इसके लिए उन्हें 131 दौड़ का इंतजार करना पड़ा।
केविन मैग्नुसन ने 2014 में मैकलारेन के साथ पदार्पण पर पोडियम हासिल किया था, लेकिन उसके बाद करियर वैसा नहीं चला। हास में वापसी के बाद 2022 में ब्राजील के साओ पाउलो में बारिश के बीच उन्होंने सनसनीखेज पोल हासिल की। निर्णायक चरण में सबसे पहले ट्रैक पर निकलने और सूखे टायरों पर तेज समय निकालने का फायदा उन्हें मिला। इसके तुरंत बाद बारिश बढ़ गई और जॉर्ज रसेल के घूमने के कारण लाल झंडा लगा। दोबारा शुरू होने पर कोई उनके समय को नहीं तोड़ सका। 141 दौड़ों के बाद मिली यह पोल हास के लिए भी ऐतिहासिक रही।
कार्लोस सैंज ने 2015 में पदार्पण किया और टोरो रोसो, रेनो तथा मैकलारेन के साथ मध्यक्रम में संघर्ष करते रहे। 2021 में फेरारी पहुंचने के बाद चार्ल्स लेक्लेर अक्सर उनसे आगे रहे। 2022 में मियामी और मोनाको में सैंज दूसरे स्थान पर रहे। आखिरकार गीली और सूखती ट्रैक वाली ब्रिटिश ग्रां प्री में उन्होंने मैक्स वेरस्टापेन को 0.072 सेकंड से पीछे छोड़कर पहली पोल हासिल की। यह उपलब्धि 151 दौड़ों के बाद आई।
191 दौड़ों के बाद पियरे गैस्ली ने भी आखिरकार पोल पोजीशन हासिल की। टोरो रोसो और अल्फाटौरी के साथ उन्होंने कई बार अपनी क्षमता दिखाई थी। 2021 में उनके कुछ क्वालीफाइंग प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहे। अल्पाइन के साथ भी उन्होंने 2024 में लास वेगास में तीसरा स्थान हासिल किया था। लेकिन 2026 की इटली ग्रां प्री में मोन्ज़ा पर गैस्ली ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक चरण में सबसे तेज समय निकाला। खास बात यह है कि इसी सर्किट पर उन्होंने 2020 में अपनी पहली और अब तक की एकमात्र दौड़ जीत हासिल की थी।
इस सूची में सबसे ऊपर सर्जियो पेरेज़ हैं, जिन्होंने 216 दौड़ों के बाद अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। सौबर, मैकलारेन और फोर्स इंडिया जैसी टीमों के साथ उन्होंने कई बार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पोल के करीब पहुंचना मुश्किल रहा। रेड बुल में मैक्स वेरस्टापेन के साथी बनने के बाद भी वह अक्सर दूसरे स्थान पर रहे। 2021 में इमोला में वह पोल से केवल 0.035 सेकंड दूर रह गए थे। आखिरकार 2022 में जेद्दा की सड़क पर उन्होंने चार्ल्स लेक्लेर को महज 0.025 सेकंड से हराकर पहली बार पोल हासिल की।
गौरतलब है कि इन आंकड़ों से साफ होता है कि फार्मूला वन में चालक की व्यक्तिगत प्रतिभा के साथ कार की क्षमता, टीम की रणनीति, मौसम और सही समय पर मिला अवसर भी बेहद अहम हैं। इन चालकों की यात्राएं बताती हैं कि पहली पोल पोजीशन तक पहुंचने में केवल गति ही नहीं, बल्कि लंबे इंतजार, निरंतरता और सही मौके की भी बड़ी भूमिका रही हैं।

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