Deadliest Pandemics in History: हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2020 से 2023 के बीच कोविड-19 महामारी से जुड़ी करीब 2.21 करोड़ अतिरिक्त मौतें हुईं। यह आंकड़ा सिर्फ कोरोना संक्रमण से हुई मौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलाज में देरी, अस्पतालों पर दबाव और स्वास्थ्य सेवाओं के ठप पड़ने से हुई मौतों को भी शामिल करता है।
इतिहास में कई खतरनाक महामारियां आईं, लेकिन कोविड-19 ने आधुनिक दुनिया को जिस तरह प्रभावित किया, वैसा असर दशकों में पहली बार देखा गया। आइए जानते हैं दुनिया की बड़ी महामारियों में कितनी मौतें हुई थीं।
ब्लैक डेथ (Black Death) – करीब 7.5 से 20 करोड़ मौतें
14वीं सदी में फैली प्लेग महामारी को दुनिया की सबसे खतरनाक महामारियों में गिना जाता है। इसे ब्लैक डेथ कहा गया। National Institutes of Health (NIH) में छपी एक रिपोर्ट के आधार पर यूरोप, एशिया और अफ्रीका में फैली इस बीमारी ने करोड़ों लोगों की जान ले ली थी। उस दौर में इलाज और साफ-सफाई की कमी ने हालात और खराब कर दिए थे। इस दौरान करीब 7.5 से 20 करोड़ मौतें हुईं थी।
स्पेनिश फ्लू – लगभग 5 करोड़ मौतें
Centers for Disease Control and Prevention में दिए डेटा के मुताबिक, 1918 में फैले स्पेनिश फ्लू ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। प्रथम विश्व युद्ध के बाद कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण यह वायरस तेजी से फैला। माना जाता है कि दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी इस संक्रमण की चपेट में आई थी।
HIV/AIDS महामारी – करीब 4 करोड़ मौतें
World Health Organization (WHO) के अनुसार, 1980 के दशक में शुरू हुई HIV/AIDS महामारी आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। WHO के मुताबिक अब तक इस बीमारी से लगभग 4 करोड़ लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि दवाओं और जागरूकता की वजह से अब इससे होने वाली मौतों में कमी आई है।
कोविड-19 महामारी – 2.21 करोड़ अतिरिक्त मौतें
World Health Organization (WHO) में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 ने आधुनिक हेल्थ सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, महामारी के दौरान सिर्फ वायरस ही नहीं, बल्कि इलाज में देरी, अस्पतालों में भीड़ और मेडिकल सुविधाओं की कमी ने भी लाखों लोगों की जान ली। इससे दुनिया भर में 2.21 करोड़ अतिरिक्त मौतें हुईं थी।
एशियाई फ्लू – करीब 10 से 20 लाख मौतें
1957 में शुरू हुई इस फ्लू महामारी की शुरुआत एशिया से हुई थी। Centers for Disease Control and Prevention की रिपोर्ट के मुताबिक यह वायरस बाद में दुनियाभर में फैल गया और लाखों लोगों की मौत का कारण बना। इससे करीब 10 से 20 लाख मौतें हुई थी।
स्वाइन फ्लू (H1N1) – करीब 1.5 से 5 लाख मौतें
Centers for Disease Control and Prevention की रिपोर्ट के मुताबिक 2009 में फैले स्वाइन फ्लू ने कई देशों में डर का माहौल पैदा कर दिया था। यह वायरस खासतौर पर बच्चों और युवाओं में तेजी से फैला था। इससे करीब 1.5 से 5 लाख लोगों ने अपनी जान गवाई थी।
क्यों अहम हैं ये आंकड़े?
विशेषज्ञों का कहना है कि महामारियों से जुड़े आंकड़े सिर्फ इतिहास नहीं बताते, बल्कि भविष्य की तैयारी का रास्ता भी दिखाते हैं। कोविड-19 ने यह साफ कर दिया कि मजबूत हेल्थ सिस्टम, समय पर इलाज और सही डेटा सिस्टम कितने जरूरी हैं। WHO का मानना है कि आने वाले समय में दुनिया को नई महामारियों से बचाने के लिए देशों को अपनी स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। लेख में दिए गए आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Africa CDC) और अन्य प्रमाणिक ऐतिहासिक व चिकित्सा अध्ययनों की आधिकारिक रिपोर्टों पर आधारित हैं। यह सामग्री किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी सेहत या किसी भी बीमारी के लक्षणों से जुड़े किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से परामर्श जरूर लें।


