नवादा के वारिसलिगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी लोगों को सस्ते दर पर ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरफ्तारी दरियापुर सकरी नदी पुल के उत्तर-पश्चिम स्थित एक बगीचे से हुई। गिरफ्तार किए गए ठगों की पहचान सौर पंचायत के सवैया गांव निवासी अभिषेक कुमार (महेश सिंह का पुत्र) और सुमन कुमार (रविन्द्र सिंह का पुत्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक पेज का कस्टमर डाटा सीट बरामद किया है। बगीचे में पकड़ाए दोनों आरोपी वारिसलिगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि क्षेत्र में साइबर अपराध की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इसी टीम ने दरियापुर सकरी नदी पुल के पास बगीचे में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कूरियर सर्विस में डिलीवरी और विभिन्न प्रकार के ऋण दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। बरामद कस्टमर डाटा सीट में लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और पते दर्ज थे, जिनका उपयोग वे लोगों से संपर्क कर उन्हें ऋण का झांसा देने के लिए करते थे। भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाने का करते थे काम पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कूरियर कंपनी और सस्ते ऋण उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर देश के विभिन्न हिस्सों के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे ठगी की रकम किस्तों में बैंक खातों में मंगवाकर एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। थानाध्यक्ष सैनी ने यह भी बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष के साथ पुसअनि धर्मनाथ प्रसाद, पुसअनि कन्हैया जी सिंह, पुसअनि पप्पू कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर चिंता व्यक्त की है और पुलिस प्रशासन से साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए और अधिक सख्ती बरतने की मांग की है। नवादा के वारिसलिगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी लोगों को सस्ते दर पर ऋण दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरफ्तारी दरियापुर सकरी नदी पुल के उत्तर-पश्चिम स्थित एक बगीचे से हुई। गिरफ्तार किए गए ठगों की पहचान सौर पंचायत के सवैया गांव निवासी अभिषेक कुमार (महेश सिंह का पुत्र) और सुमन कुमार (रविन्द्र सिंह का पुत्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक पेज का कस्टमर डाटा सीट बरामद किया है। बगीचे में पकड़ाए दोनों आरोपी वारिसलिगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने एक प्रेसवार्ता में बताया कि क्षेत्र में साइबर अपराध की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इसी टीम ने दरियापुर सकरी नदी पुल के पास बगीचे में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कूरियर सर्विस में डिलीवरी और विभिन्न प्रकार के ऋण दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। बरामद कस्टमर डाटा सीट में लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और पते दर्ज थे, जिनका उपयोग वे लोगों से संपर्क कर उन्हें ऋण का झांसा देने के लिए करते थे। भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाने का करते थे काम पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कूरियर कंपनी और सस्ते ऋण उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर देश के विभिन्न हिस्सों के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे ठगी की रकम किस्तों में बैंक खातों में मंगवाकर एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। थानाध्यक्ष सैनी ने यह भी बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष के साथ पुसअनि धर्मनाथ प्रसाद, पुसअनि कन्हैया जी सिंह, पुसअनि पप्पू कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर चिंता व्यक्त की है और पुलिस प्रशासन से साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए और अधिक सख्ती बरतने की मांग की है।


