18 वर्षीय युवक की गला काटकर हत्या, दोषी को उम्रकैद:मामले में मोबाइल लोकेशन और हंसिया बने अहम सबूत, आगरा कोर्ट ने सुनाई सजा

18 वर्षीय युवक की गला काटकर हत्या, दोषी को उम्रकैद:मामले में मोबाइल लोकेशन और हंसिया बने अहम सबूत, आगरा कोर्ट ने सुनाई सजा

आगरा में 18 वर्षीय अरशद की गला काटकर हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी जैनुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत कुमार सरोज ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामले में मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल, खून के निशान और हत्या में इस्तेमाल हंसिया अहम साक्ष्य बने। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी समेत 11 गवाह अदालत में पेश किए गए। घटना 21 अगस्त 2021 की है। दीनमोहम्मद ने थाना फतेहाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 18 वर्षीय बेटा अरशद मयूरी चलाता था। वह सुबह घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रात करीब 11 बजे पुलिस ने नगला बरी तिराहे पर अरशद की हत्या होने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो अरशद का गला कटा हुआ था। पुलिस ने मामले में जिला फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ क्षेत्र के अजमेरी गेट निवासी जैनुद्दीन को हिरासत में लिया था। उसके कब्जे से हंसिया, खून से सने कपड़े और अन्य सामान बरामद किए गए थे। हत्या से पहले अरशद के साथ था आरोपी मामले में गवाह हिदायतुल्ला ने अदालत को बताया कि घटना वाली रात उन्होंने अरशद और जैनुद्दीन को ई-रिक्शा से जाते हुए देखा था। पूछने पर अरशद ने फतेहाबाद जाने की बात कही थी। इस गवाही से घटना से पहले अरशद के साथ आरोपी की मौजूदगी की कड़ी सामने आई। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से मिले अहम सुराग अदालत में पेश कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के अनुसार, घटना वाले दिन अरशद और आरोपी के बीच कई बार बातचीत हुई थी। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन भी घटनास्थल के पास मिली थी। इसके अलावा, रात करीब साढ़े 11 बजे अरशद के मोबाइल से उसके पिता के नंबर पर संपर्क हुआ था। इन तथ्यों को मामले की जांच में अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। धुले कपड़ों पर भी मिले खून के निशान पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपी के बैग से घटना के दौरान पहने गए बताए गए कपड़े बरामद किए थे। गवाह के अनुसार, कपड़े धुले हुए थे, इसके बावजूद उन पर खून के हल्के धब्बे दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने कपड़ों समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में हंसिया और खून लगी मिट्टी पर मानव रक्त पाया गया, जबकि कपड़ों पर रक्त विघटित अवस्था में मिला। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद जैनुद्दीन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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