18 तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री से कांवर यात्रा शुरू की:देवघर तक 1800 किमी नंगे पांव चलेंगे, जनवरी के अंतिम सप्ताह में पहुंचने का लक्ष्य

18 तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री से कांवर यात्रा शुरू की:देवघर तक 1800 किमी नंगे पांव चलेंगे, जनवरी के अंतिम सप्ताह में पहुंचने का लक्ष्य

देवघर के 18 तीर्थ पुरोहितों ने विश्व कल्याण और बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा के संकल्प के साथ उत्तराखंड के गंगोत्री से बैद्यनाथधाम तक कांवर यात्रा शुरू की है। वे गंगाजल लेकर करीब 1800 किलोमीटर पैदल चलेंगे। तीर्थ पुरोहितों का लक्ष्य करीब तीन महीने में नंगे पांव देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ के कामना लिंग पर गंगाजल चढ़ाना है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, जत्था जनवरी के अंतिम सप्ताह में देवघर पहुंचेगा। यात्रा के करीब 250 किलोमीटर रास्ते में हिमालय के दुर्गम पहाड़, बर्फीले इलाके, घने जंगल और नदियां हैं। तीर्थ पुरोहित इस रास्ते पर नंगे पांव चलकर यात्रा पूरी करेंगे। यात्रा में कुलदीप खवाड़े, यश अड़ेवार, राकेश झा, आनंद झा, सोनू खवाड़े, अप्पू नरौने उर्फ अभिषेक पराशर, राम बाबू परिहस्त, मुकेश महाराज उर्फ मुको, सुमित मिश्रा, सौरभ झा, रोनी धारी झा, शारदानंद खवाड़े, नीरज राज जजवाड़े, रमेश झा, राजू झा उर्फ रज्जे बाबा, बाबा बलियासे उर्फ प्रमोदनाथ, मन्ना द्वारी और बबलू द्वारी शामिल हैं। हर साल दुर्गा पूजा के बाद निकलने हैं पुरोहित देवघर के तीर्थ पुरोहित हर साल दुर्गा पूजा के बाद गोमुख-गंगोत्री से गंगाजल लेकर बैद्यनाथधाम के लिए निकलते हैं। यह परंपरा उन्हें पूर्वजों से मिली है और गोमुख-गंगोत्री समाज इसे वर्षों से निभा रहा है। जत्थे के जनवरी के अंतिम सप्ताह में देवघर पहुंचने का कार्यक्रम है। वहां तीर्थ पुरोहित बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना करेंगे।

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