150 TB मरीजों को बांटी न्यूट्रीशन डाइट किट:मोतिहारी में TB मुक्त भारत अभियान के तहत ADM बोले- नियमित दवा और पोषण जरूरी

150 TB मरीजों को बांटी न्यूट्रीशन डाइट किट:मोतिहारी में TB मुक्त भारत अभियान के तहत ADM बोले- नियमित दवा और पोषण जरूरी

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी ने शनिवार को टीबी मरीजों को पोषक आहार किट दी। यह किट ‘क्षय मित्र’ पहल के तहत बांटी गई। इस दौरान मरीजों को नियमित दवा लेने, पौष्टिक खाना खाने और टीबी से बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया। इस मौके पर अपर समाहर्ता (ADM) शैलेंद्र भारती, सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार और माउंट लिटेरा जी स्कूल के एमडी शुभम गुप्ता मौजूद थे। रेड क्रॉस के कई सदस्य भी वहां थे। अधिकारियों और मेहमानों ने टीबी मरीजों को पोषक आहार किट बांटी और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। किट में पौष्टिक खाने का सामान था, जिससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके। नियमित रूप से लेनी चाहिए दवा – डॉक्टर अपर समाहर्ता शैलेंद्र भारती ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य पाने के लिए मरीजों को इलाज के साथ-साथ अच्छा पोषण देना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को लगातार पोषक आहार किट दी जा रही है। यह अभियान का दूसरा महीना है और अगले चार महीनों तक भी मरीजों को ये किट मिलती रहेंगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह से हो सकता है। इसके लिए मरीजों को डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए। TB के इलाज के दौरान पौष्टिक खाना बहुत जरूरी – सिविल सर्जन अगर दवा बीच में छोड़ दी जाए, तो बीमारी गंभीर हो सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने मरीजों से कहा कि वे इलाज की पूरी अवधि तक दवा लेते रहें और कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर से बात करें। सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने भी टीबी मरीजों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीबी के इलाज के दौरान पौष्टिक खाना बहुत जरूरी है। मरीजों को अच्छा खाना खाने के साथ-साथ पूरा आराम करना चाहिए और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि किसी में टीबी के लक्षण जैसे लगातार खांसी, बुखार या वजन कम होना दिखाई दे तो तुरंत जांच कराएं, ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, मोतिहारी ने शनिवार को टीबी मरीजों को पोषक आहार किट दी। यह किट ‘क्षय मित्र’ पहल के तहत बांटी गई। इस दौरान मरीजों को नियमित दवा लेने, पौष्टिक खाना खाने और टीबी से बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया। इस मौके पर अपर समाहर्ता (ADM) शैलेंद्र भारती, सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार और माउंट लिटेरा जी स्कूल के एमडी शुभम गुप्ता मौजूद थे। रेड क्रॉस के कई सदस्य भी वहां थे। अधिकारियों और मेहमानों ने टीबी मरीजों को पोषक आहार किट बांटी और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। किट में पौष्टिक खाने का सामान था, जिससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके। नियमित रूप से लेनी चाहिए दवा – डॉक्टर अपर समाहर्ता शैलेंद्र भारती ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य पाने के लिए मरीजों को इलाज के साथ-साथ अच्छा पोषण देना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को लगातार पोषक आहार किट दी जा रही है। यह अभियान का दूसरा महीना है और अगले चार महीनों तक भी मरीजों को ये किट मिलती रहेंगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह से हो सकता है। इसके लिए मरीजों को डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए। TB के इलाज के दौरान पौष्टिक खाना बहुत जरूरी – सिविल सर्जन अगर दवा बीच में छोड़ दी जाए, तो बीमारी गंभीर हो सकती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने मरीजों से कहा कि वे इलाज की पूरी अवधि तक दवा लेते रहें और कोई भी दिक्कत होने पर तुरंत स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर से बात करें। सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने भी टीबी मरीजों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीबी के इलाज के दौरान पौष्टिक खाना बहुत जरूरी है। मरीजों को अच्छा खाना खाने के साथ-साथ पूरा आराम करना चाहिए और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि किसी में टीबी के लक्षण जैसे लगातार खांसी, बुखार या वजन कम होना दिखाई दे तो तुरंत जांच कराएं, ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके।  

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