जमुई में परिवहन विभाग ने बकाया टैक्स का भुगतान न करने पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिले के 15 वाहनों को तत्काल प्रभाव से काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया है। यह आदेश गुरुवार शाम 6 बजे जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार द्वारा जारी किया गया। जिला प्रशासन ने सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नवीन के नेतृत्व में परिवहन विभाग के कर प्रमादी (टैक्स डिफॉल्टर) संबंधी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। बकाया टैक्स जमा करने का अनुरोध किया गया था ब्लैकलिस्ट किए गए इन वाहनों में मुख्य रूप से बड़ी बसें और कमर्शियल गुड्स कैरियर (मालवाहक) शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन वाहन मालिकों को पूर्व में पंजीकृत डाक और मोबाइल के माध्यम से कई बार नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उनसे बकाया टैक्स जमा करने का अनुरोध किया गया था। वाहनों की सेवाओं और कागजी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी लंबे समय तक प्रतीक्षा करने और वाहन मालिकों द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण विभाग ने अब इन वाहनों की सेवाओं और कागजी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद ये वाहन न तो फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे और न ही इनका परमिट नवीनीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण संभव होगा। इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी जिला परिवहन कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भविष्य में भी कर चोरी करने वाले या समय पर भुगतान न करने वाले वाहनों के खिलाफ इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने अन्य सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता या प्रतिबंध से बचने के लिए समय रहते अपने बकाया कर का भुगतान सुनिश्चित करें। जमुई में परिवहन विभाग ने बकाया टैक्स का भुगतान न करने पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिले के 15 वाहनों को तत्काल प्रभाव से काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया है। यह आदेश गुरुवार शाम 6 बजे जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार द्वारा जारी किया गया। जिला प्रशासन ने सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी नवीन के नेतृत्व में परिवहन विभाग के कर प्रमादी (टैक्स डिफॉल्टर) संबंधी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। बकाया टैक्स जमा करने का अनुरोध किया गया था ब्लैकलिस्ट किए गए इन वाहनों में मुख्य रूप से बड़ी बसें और कमर्शियल गुड्स कैरियर (मालवाहक) शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन वाहन मालिकों को पूर्व में पंजीकृत डाक और मोबाइल के माध्यम से कई बार नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उनसे बकाया टैक्स जमा करने का अनुरोध किया गया था। वाहनों की सेवाओं और कागजी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी लंबे समय तक प्रतीक्षा करने और वाहन मालिकों द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण विभाग ने अब इन वाहनों की सेवाओं और कागजी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी है। ब्लैकलिस्ट होने के बाद ये वाहन न तो फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे और न ही इनका परमिट नवीनीकरण या स्वामित्व हस्तांतरण संभव होगा। इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी जिला परिवहन कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भविष्य में भी कर चोरी करने वाले या समय पर भुगतान न करने वाले वाहनों के खिलाफ इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने अन्य सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलता या प्रतिबंध से बचने के लिए समय रहते अपने बकाया कर का भुगतान सुनिश्चित करें।


