पूर्णिया नगर निगम बोर्ड की बैठक शनिवार को महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में हुई। नगर निगम सभाकक्ष में हुई बैठक में शहर के विकास कार्यों, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारी, जलजमाव से राहत और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्षदों ने 70 लाख रुपए से अधिक की कई विकास योजनाओं के लंबे समय से लंबित रहने और तकनीकी स्वीकृति में देरी पर नाराजगी जताई। बैठक में लंबित फाइलों और रद्द निविदाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग के साथ प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया गया। 70 लाख से अधिक की योजनाओं पर उठे सवाल वार्ड-17 के पार्षद अमित कुमार सोनी और वार्ड-2 के पार्षद राजीव रंजन सहाय ने 70 लाख रुपए से अधिक की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने नगर विकास प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता मो. रैयान हैदर और सहायक अभियंता संजय द्विवेदी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्षदों के अनुसार, पिछले 15 महीनों से 70 लाख रुपए से अधिक की एक भी योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा कि विभागीय नियम के अनुसार तकनीकी स्वीकृति 8 दिनों और अनुबंध स्वीकृति 57 दिनों में मिलनी चाहिए, लेकिन फाइलों में देरी हो रही है। बढ़ी लागत की जिम्मेदारी तय करने की मांग पार्षदों ने कहा कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद समय पर टेंडर नहीं होने से निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने बढ़ी हुई लागत के लिए जिम्मेदारी तय करने और वर्तमान बाजार दर के आधार पर पुनरीक्षित स्वीकृति देने की मांग की। बैठक में रद्द की गई निविदाओं और लंबित फाइलों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग भी सर्वसम्मति से की गई। अभियंताओं पर कार्रवाई की अनुशंसा बोर्ड ने प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दोनों अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च न्यायालय जाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त सभी योजनाओं की निविदा प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया। गणेश पूजा से दुर्गापूजा तक सफाई और सड़क पर फोकस आगामी गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा और दुर्गापूजा को देखते हुए वार्ड पार्षद ऋतुराज यादव ने सड़क और सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। महापौर विभा कुमारी ने बताया कि मंदिरों और पूजा पंडालों तक जाने वाले रास्तों को प्राथमिकता के आधार पर मोटरेबल बनाने पर सहमति बनी है। इसके लिए जीएसबी, पैचकोट, ढलाई और प्रीमिक्स कारपेटिंग जैसे काम कराए जाएंगे। जूनियर इंजीनियरों को एक सप्ताह के भीतर स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। महापौर ने खुले नालों पर ढक्कन लगाने, पूजा स्थलों के आसपास दो शिफ्ट में सफाई कराने और जलजमाव वाले इलाकों से तत्काल पानी निकालने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था की निगरानी वार्ड पर्यवेक्षक करेंगे। लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक या एजेंसी के भुगतान में कटौती की जाएगी। दूसरे फेज में 33 नालों का प्रस्ताव शहर को जलजमाव से राहत दिलाने के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना पर भी चर्चा हुई। वार्ड पार्षद ऋषभ कुमार उर्फ अंजनी साह ने प्रमुख नालों के निर्माण की समय-सीमा तय करने की मांग की। इनमें डालर हाउस चौक से चूनापुर नाला, मधुबनी से बनभाग नाला, रजनी चौक से लालगंज नाला, लाइन बाजार रिजवान मस्जिद से रुईगोला-रजनी चौक नाला और खुश्कीबाग रेलवे ढाला से मानुषमारा धार नाला शामिल हैं। महापौर ने बताया कि दूसरे फेज के 33 नालों की स्वीकृति और राशि विमुक्ति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों के स्थल परिवर्तन के मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी बैठक में उठी। गोलंबरों के सौंदर्यीकरण और छोटे पार्क की योजना वार्ड पार्षद कुमारी खुशबू के प्रस्ताव पर शहर के गोलंबरों के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी चर्चा हुई। इनमें ऑक्टागोनल पोल, सीमेंट कुर्सी, मार्गदर्शक बोर्ड, आधुनिक लाइटिंग और हरियाली विकसित करने की बात कही गई। जीरो माइल और पूर्णिया कॉलेज के पास हाईमास्ट तिरंगा लगाने के साथ खाली जमीनों पर छोटे पार्क और ओपन जिम विकसित करने की योजना भी रखी गई। 14,145 स्ट्रीट लाइटों को प्रशासनिक स्वीकृति वार्ड पार्षद तौकिर रियाज उर्फ पप्पू के सवाल पर बताया गया कि 14,145 स्ट्रीट लाइटों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए मॉडर्न RFP टेंडर को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। बैठक में अतिक्रमण हटाने और मधुबनी के मछली बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग का भी समर्थन किया गया। समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगी योजनाएं नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि लंबित विकास योजनाओं की विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है। तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। महापौर विभा कुमारी ने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। सभी स्वीकृत विकास योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। पूर्णिया नगर निगम बोर्ड की बैठक शनिवार को महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में हुई। नगर निगम सभाकक्ष में हुई बैठक में शहर के विकास कार्यों, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारी, जलजमाव से राहत और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्षदों ने 70 लाख रुपए से अधिक की कई विकास योजनाओं के लंबे समय से लंबित रहने और तकनीकी स्वीकृति में देरी पर नाराजगी जताई। बैठक में लंबित फाइलों और रद्द निविदाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग के साथ प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया गया। 70 लाख से अधिक की योजनाओं पर उठे सवाल वार्ड-17 के पार्षद अमित कुमार सोनी और वार्ड-2 के पार्षद राजीव रंजन सहाय ने 70 लाख रुपए से अधिक की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने नगर विकास प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता मो. रैयान हैदर और सहायक अभियंता संजय द्विवेदी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्षदों के अनुसार, पिछले 15 महीनों से 70 लाख रुपए से अधिक की एक भी योजना आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने कहा कि विभागीय नियम के अनुसार तकनीकी स्वीकृति 8 दिनों और अनुबंध स्वीकृति 57 दिनों में मिलनी चाहिए, लेकिन फाइलों में देरी हो रही है। बढ़ी लागत की जिम्मेदारी तय करने की मांग पार्षदों ने कहा कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बावजूद समय पर टेंडर नहीं होने से निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने बढ़ी हुई लागत के लिए जिम्मेदारी तय करने और वर्तमान बाजार दर के आधार पर पुनरीक्षित स्वीकृति देने की मांग की। बैठक में रद्द की गई निविदाओं और लंबित फाइलों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग भी सर्वसम्मति से की गई। अभियंताओं पर कार्रवाई की अनुशंसा बोर्ड ने प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दोनों अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च न्यायालय जाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त सभी योजनाओं की निविदा प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया। गणेश पूजा से दुर्गापूजा तक सफाई और सड़क पर फोकस आगामी गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा और दुर्गापूजा को देखते हुए वार्ड पार्षद ऋतुराज यादव ने सड़क और सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। महापौर विभा कुमारी ने बताया कि मंदिरों और पूजा पंडालों तक जाने वाले रास्तों को प्राथमिकता के आधार पर मोटरेबल बनाने पर सहमति बनी है। इसके लिए जीएसबी, पैचकोट, ढलाई और प्रीमिक्स कारपेटिंग जैसे काम कराए जाएंगे। जूनियर इंजीनियरों को एक सप्ताह के भीतर स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। महापौर ने खुले नालों पर ढक्कन लगाने, पूजा स्थलों के आसपास दो शिफ्ट में सफाई कराने और जलजमाव वाले इलाकों से तत्काल पानी निकालने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था की निगरानी वार्ड पर्यवेक्षक करेंगे। लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक या एजेंसी के भुगतान में कटौती की जाएगी। दूसरे फेज में 33 नालों का प्रस्ताव शहर को जलजमाव से राहत दिलाने के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना पर भी चर्चा हुई। वार्ड पार्षद ऋषभ कुमार उर्फ अंजनी साह ने प्रमुख नालों के निर्माण की समय-सीमा तय करने की मांग की। इनमें डालर हाउस चौक से चूनापुर नाला, मधुबनी से बनभाग नाला, रजनी चौक से लालगंज नाला, लाइन बाजार रिजवान मस्जिद से रुईगोला-रजनी चौक नाला और खुश्कीबाग रेलवे ढाला से मानुषमारा धार नाला शामिल हैं। महापौर ने बताया कि दूसरे फेज के 33 नालों की स्वीकृति और राशि विमुक्ति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों के स्थल परिवर्तन के मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी बैठक में उठी। गोलंबरों के सौंदर्यीकरण और छोटे पार्क की योजना वार्ड पार्षद कुमारी खुशबू के प्रस्ताव पर शहर के गोलंबरों के सौंदर्यीकरण की योजना पर भी चर्चा हुई। इनमें ऑक्टागोनल पोल, सीमेंट कुर्सी, मार्गदर्शक बोर्ड, आधुनिक लाइटिंग और हरियाली विकसित करने की बात कही गई। जीरो माइल और पूर्णिया कॉलेज के पास हाईमास्ट तिरंगा लगाने के साथ खाली जमीनों पर छोटे पार्क और ओपन जिम विकसित करने की योजना भी रखी गई। 14,145 स्ट्रीट लाइटों को प्रशासनिक स्वीकृति वार्ड पार्षद तौकिर रियाज उर्फ पप्पू के सवाल पर बताया गया कि 14,145 स्ट्रीट लाइटों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए मॉडर्न RFP टेंडर को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। बैठक में अतिक्रमण हटाने और मधुबनी के मछली बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग का भी समर्थन किया गया। समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेंगी योजनाएं नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडेय ने कहा कि लंबित विकास योजनाओं की विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है। तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी काम को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने दिया जाएगा। महापौर विभा कुमारी ने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना नगर निगम की पहली प्राथमिकता है। सभी स्वीकृत विकास योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।

