पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती जिले किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने जिले में कुल 10 मिरर चेकपोस्ट स्थापित किए हैं, जहां आने-जाने वाले वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि की है। किशनगंज जिला बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। इन चेकपोस्टों का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान अवैध घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को रोकना है। इन चौकियों पर वाहनों की गहन जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जा रही है। चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि बंगाल चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े इलाकों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए और बंगाल पुलिस से मिली सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, भारत-नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। एसपी संतोष कुमार ने थानाध्यक्षों के साथ एक अपराध समीक्षा बैठक में गश्ती बढ़ाने, सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और चेकिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल, लॉज और सरायों की सघन तलाशी अभियान चलाने का भी आदेश दिया है। संदिग्ध व्यक्ति पर तत्काल होगी कार्रवाई मिली जानकारी के अनुसार, इन मिरर चेकपोस्ट्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति के पकड़े जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने यह भी बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के लिए रोल कॉल और आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। बंगाल चुनाव के दौरान किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ जाती हैं। बिहार पुलिस की यह पहल न केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि पड़ोसी राज्य में चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एसपी संतोष कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे ड्यूटी के दौरान सजग रहें और जनता से सहयोग लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती जिले किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने जिले में कुल 10 मिरर चेकपोस्ट स्थापित किए हैं, जहां आने-जाने वाले वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी पुष्टि की है। किशनगंज जिला बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। इन चेकपोस्टों का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान अवैध घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को रोकना है। इन चौकियों पर वाहनों की गहन जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली जा रही है। चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि बंगाल चुनाव के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े इलाकों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए और बंगाल पुलिस से मिली सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, भारत-नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। एसपी संतोष कुमार ने थानाध्यक्षों के साथ एक अपराध समीक्षा बैठक में गश्ती बढ़ाने, सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने और चेकिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल, लॉज और सरायों की सघन तलाशी अभियान चलाने का भी आदेश दिया है। संदिग्ध व्यक्ति पर तत्काल होगी कार्रवाई मिली जानकारी के अनुसार, इन मिरर चेकपोस्ट्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति के पकड़े जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने यह भी बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के लिए रोल कॉल और आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। बंगाल चुनाव के दौरान किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ जाती हैं। बिहार पुलिस की यह पहल न केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि पड़ोसी राज्य में चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एसपी संतोष कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे ड्यूटी के दौरान सजग रहें और जनता से सहयोग लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


