लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडी गठबंधन की महारैली का प्रचार करने के लिए भाजपा और उसके सहयोगियों का धन्यवाद किया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लोगों से कथित वोट चोरी के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए गए हैं और नियमों व कानून का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में वोटों की चोरी की जा रही है और इसे किसी भी कीमत पर चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सवाल पूछने वालों पर लाठियां चलाई गईं, लेकिन अब देश जवाब देगा।” राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और कारोबारियों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा, “वोट आपका है और यह लड़ाई भी आपकी ही है।”
इसे भी पढ़ें: JDU से 6 साल के लिए निकाले गए Anant Singh ने खोला मोर्चा, बोले- पार्टी खत्म हो चुकी
1 नवंबर की तारीख पर भाजपा ने जताई आपत्ति
इससे एक दिन पहले भाजपा ने 1 नवंबर को होने वाली इस रैली की तारीख बदलने की मांग की थी। भाजपा का कहना है कि 1 नवंबर की तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी से जुड़ी है। ऐसे में इस दिन रैली करने से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर सिख समुदाय और कारोबारियों के प्रति संवेदनशील नहीं होने का आरोप लगाया। इस पर राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि वह भाजपा और उसके सहयोगियों के आभारी हैं, जो इतने उत्साह के साथ इस कार्यक्रम का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों से अगले सात दिनों तक इसी जोश के साथ प्रचार करते रहने को कहा।
कारोबारी संगठनों ने भी रैली पर जताई चिंता
प्रस्तावित रैली का दिल्ली के चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने भी विरोध किया है। सीटीआई ने कहा कि त्योहारी सीजन में रैली होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है। संगठन ने राहुल गांधी से रैली को 10 नवंबर के बाद तक टालने का अनुरोध किया है।
सीटीआई के मुताबिक, इस रैली की वजह से करीब 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया ने भी रैली का विरोध किया है।
इसे भी पढ़ें: Mann Ki Baat के 139वें एपिसोड में PM Modi ने देश की इन उपलब्धियों का किया जिक्र
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी विपक्ष की तैयारी
विपक्षी गठबंधन की यह पूरी मुहिम मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर है। इसी सिलसिले में विपक्षी दलों के नेताओं ने 30 अक्टूबर को दिल्ली के होटल अशोक में एक मॉक संसद आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पब्लिक इम्पीचमेंट चलाने की योजना भी बताई गई है।

