हूती विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति भवन पर मिसाइलें दागीं:15 दिन पहले यहां हमले में 4 की मौत हुई थी; सऊदी पर भी ड्रोन अटैक

हूती विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति भवन पर मिसाइलें दागीं:15 दिन पहले यहां हमले में 4 की मौत हुई थी; सऊदी पर भी ड्रोन अटैक

यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को यमन के अदन में राष्ट्रपति भवन पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यहां 15 दिन पहले हुए हमले में 4 लोगों की मौत हुई थी। हूतियों ने सऊदी अरब के मदीना इलाके की ओर भी ड्रोन भेजा, जिसे सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हवा में ही मार गिराया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने अदन एयरपोर्ट पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। हालांकि, यह साफ नहीं है कि मिसाइलें अपने निशाने पर लगीं या नहीं। अधिकारियों ने हमले में किसी के मारे जाने या घायल होने की जानकारी नहीं दी है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन में एंबुलेंस जाते हुए देखीं गई है। अदन शहर यमनी सरकार का मुख्य ठिकाना अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का मुख्य ठिकाना है। हूती विद्रोहियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद सरकार को वहां से हटना पड़ा था। जुलाई से अदन में हमले फिर तेज हुए हैं। इससे पहले 28 अक्टूबर को भी हूती विद्रोहियों ने अदन एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। हमले से पहले संगठन ने लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। यह एयरपोर्ट दक्षिणी यमन में राहत और मानवीय मदद पहुंचाने का एक अहम रास्ता है। सऊदी का मक्का के पास भी ड्रोन रोकने का दावा सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शुक्रवार को बताया कि उसने मदीना इलाके के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। इससे पहले गठबंधन ने मक्का इलाके में भी एक ड्रोन को रोकने का दावा किया था। मक्का में ग्रैंड मस्जिद और काबा है, जबकि मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद है। दोनों शहर मुसलमानों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। हर साल दुनिया भर से लाखों लोग यहां पहुंचते हैं। सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर इन शहरों के आसपास हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है। अक्टूबर में सैन्य गठबंधन ने आरोप लगाया था कि हूतियों ने मदीना में एक बिजली वितरण केंद्र पर हमला किया। यह केंद्र पैगंबर की मस्जिद को बिजली देता है। हालांकि, हूतियों ने इस आरोप को गलत बताया था। हूती लगातार मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके हमले सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और तेल से जुड़े बुनियादी ढांचे पर होते हैं। सऊदी अरब के समर्थन से लड़ रही यमन की सरकार यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है और हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सरकारी सेनाओं को हवाई मदद देता है। वहीं, ईरान पर हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं। राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमले से यमन में संघर्ष और बढ़ने की आशंका है। हूतियों ने कहा है कि उनका निशाना सऊदी सैन्य अभियान से जुड़े ठिकाने थे। 2015 से जारी है सऊदी और हूतियों की लड़ाई

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