हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई, एयरपोर्ट समेत कई जगहों पर की एयरस्ट्राइक्स

हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की जवाबी कार्रवाई, एयरपोर्ट समेत कई जगहों पर की एयरस्ट्राइक्स

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच तनाव अब जंग का रूप ले रहा है। पिछले दो दिन में हूतियों ने सऊदी अरब पर हमले बढ़ा दिए हैं। इस दौरान हूतियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के साथ ही रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नजरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले किए। इसके साथ ही हूतियों ने अरामको (Aramco) की तेल रिफाइनरियों पर भी हमले किए। हूतियों के हमलों के बाद अब सऊदी अरब ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

हूतियों के कब्ज़े वाले इलाकों पर सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक्स

हूती विद्रोहियों द्वारा नियंत्रित मीडिया चैनल की रिपोर्ट के अनुसार आज, गुरुवार, 8 अक्टूबर को सऊदी अरब की एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने यमन में हूतियों के कब्ज़े वाले इलाकों पर एयरस्ट्राइक्स शुरू कर दी। सऊदी अरब के फाइटर जेट्स ने लाल सागर के तट पर स्थित होदेइदाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया। एयरपोर्ट के पास धमाकों की आवाज़ भी सुनाई दी।

टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं पर भी किए हमले

इसके अलावा सऊदी अरब की एयरफोर्स ने हूती विद्रोहियों के कब्ज़े वाली यमन की राजधानी सना के पश्चिम में और पड़ोसी पश्चिमी प्रांत रायमाह में टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं पर भी हमले किए। यमन के इब्‍ब प्रांत के यारिम शहर पर भी सऊदी अरब ने एयरस्ट्राइक्स की। हालांकि मीडिया चैनल ने यह नहीं बताया गया कि यारिम शहर में किन जगहों को निशाना बनाया गया, लेकिन स्थानीय निवासियों के अनुसार सऊदी अरब की एयरफोर्स ने हूती विद्रोहियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया।

हूती विद्रोही और सऊदी अरब क्यों हैं एक-दूसरे के खिलाफ?

यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हैं। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन प्राप्त है।

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