Houthi Rebels: यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर अब यूरोपीय संघ (EU) में सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। इसी के चलते यूरोपीय संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर हूतियों को आतंकी संगठनों की सूची में शामिल करने की अपील की है। इस प्रस्ताव में संसद ने यूरोपीय परिषद जो इस मुद्दे पर मुख्य विधायी निर्णय लेने वाली संस्था है, उससे आग्रह किया कि वह हूती आंदोलन के नेतृत्व, सैन्य और सुरक्षा तंत्र को ‘आतंकी’ घोषित करे। प्रस्ताव के साथ ही ईरान पर हूतियों को हथियार, ड्रोन तकनीक और आर्थिक मदद देने का आरोप लगाते हुए उसके शासन की कड़ी निंदा की है।
ईरान के शासन पर क्यों उठे सवाल?
यूरोपीय संसद ने ईरान की सरकार की भूमिका की कड़ी आलोचना की। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि ईरान हूतियों को हथियार, मिसाइल और ड्रोन बनाने की तकनीक, प्रशिक्षण और आर्थिक मदद देता है। संसद ने हूतियों के अलावा ईरान के लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह संगठन और अऩ्य हथियारबंद संगठनों की भी निंदा की है। साथ ही इनके आपसी तालमेल को लेकर भी चिंता जताई है। प्रस्ताव में कहा गया कि मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए ऐसे हथियारबंद समूहों को खत्म करना जरूरी है।
सऊदी अरब और लाल सागर में हमलों की निंदा
संसद ने सऊदी अरब पर हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की। उसने यमन में हूतियों के सैन्य अभियान और इजरायल तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हुए हमलों की भी आलोचना की। प्रस्ताव के मुताबिक, इन संघर्षों में बड़ी संख्या में आम यमनी नागरिक मारे गए हैं और विस्थापित हुए हैं।
समुद्री रास्तों पर हमलों से बढ़ी चिंता
यूरोपीय सांसदों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में व्यापारिक जहाजों तथा ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा की। संसद ने कहा कि बाब-अल-मंदेब और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात बाधित होने से ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर यूरोपीय परिवारों और कारोबार पर पड़ रहा है।
यमन के लोगों के लिए मदद बढ़ाने की अपील
यूरोपीय संसद ने यमन में बिगड़ते मानवीय संकट पर चिंता जताई। उसने यूरोपीय संघ से राहत सहायता बढ़ाने और इस बात की सख्त निगरानी करने की अपील की कि मदद सही जरूरतमंदों तक पहुंचे।


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Parliament wants the EU to designate the Houthis as a terrorist group

EU foreign policy chief
and Saudi Arabia
to sow fear in the region.” She also…