हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधवाओं और अनाथ बच्चों के नाम पर सेस लगाने को लेकर सुक्खू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विधवा और अनाथ बच्चों के नाम पर पैसा इकट्ठा कर सरकार चलाने के खर्च का इंतजाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मुद्दे को भाजपा विधानसभा के अंदर जोरदार तरीके से उठाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल की आर्थिक स्थिति की तुलना दूसरे राज्यों से करना उचित नहीं है। दूसरे राज्यों की आर्थिक स्थिति हिमाचल से बेहतर है और वहां के लोगों की भुगतान क्षमता भी अलग हो सकती है। ऐसे में दूसरे राज्यों के पैरामीटर हिमाचल पर लागू नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा में यह बिल लाया गया था, तब भाजपा ने इसका विरोध किया था। खासतौर पर विधवाओं और अनाथ बच्चों के नाम पर सेस लगाने के प्रावधान को लेकर सवाल उठाए गए थे। उस समय यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सेस से जुटाया गया पैसा सिर्फ विधवाओं और अनाथ बच्चों पर खर्च होगा या सरकार इसे अन्य खर्चों के लिए भी इस्तेमाल करेगी। दरअसल, कांग्रेस सरकार ने तीन दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर सेस लगाया है। इससे ईंधन की कीमतों में उछाल आया है। इसके बाद शिमला में पेट्रोल 103.08 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। राज्य के अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम.. विधवा और अनाथ बच्चों के नाम पर पैसा इकट्ठा करना दुर्भाग्यपूर्ण: जयराम जयराम ठाकुर ने कहा कि उस समय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि बिल में 5 प्रतिशत तक सेस का प्रावधान किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में कितना सेस लगाया जाएगा, यह सरकार तय करेगी। अब सरकार ने सेस लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब है, इसे समझा जा सकता है, लेकिन विधवा और अनाथ बच्चों के नाम पर पैसा इकट्ठा करके उसका इस्तेमाल सरकार चलाने के लिए करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी सरकार ने इस तरह से विधवा और अनाथ बच्चों के नाम पर पैसा जुटाकर सरकारी खर्च का इंतजाम नहीं किया। BJP विधानसभा में उठाएगी सेस का मसला नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा इस मामले को विधानसभा में उठाएगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि विधवा और अनाथ बच्चों के नाम पर जो पैसा इकट्ठा किया जा रहा है, वह केवल उन्हीं के कल्याण पर खर्च हो। डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर भी सरकार को घेरा जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने डीजल की कीमतों में तीन बार तक बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा बोझ आम और गरीब लोगों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में परिवहन का मुख्य साधन सड़कें हैं। ऐसे में डीजल और पेट्रोल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है और इसका असर सीधे तौर पर जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इसका अंदाजा शायद मुख्यमंत्री को नहीं है।


