प्रदेश टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने और रेस्क्यू अभियानों के लिए कर्नाटक से 3 प्रशिक्षित हाथी मप्र लाए जाएंगे। इन हाथियों की तैनाती रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में की जा सकेगी। ये हाथी कर्नाटक के शिमोगा (शिवागोमा) वन्यप्राणी मंडल स्थित सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से लाए जाएंगे। इसके लिए 4 हाथियों का चयन भी कर लिया गया है। इनमें नर हाथी धनुष, इरावत, आले और मादा हाथी हेमावती शामिल हैं। इन्हीं में से 3 हाथी मप्र आएंगे। मप्र की पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) समीता राजौरा ने कर्नाटक सरकार के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) को पत्र लिखकर हाथी मप्र भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है।
गौरतलब है कि मप्र वन विभाग को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कर्नाटक से कुल 14 हाथी लाने की अनुमति दी थी। इसके तहत अब तक 11 हाथी पूर्व में ही मप्र लाए जा चुके हैं। अब बचे हुए 3 हाथियों को लाने की कवायद शुरू की गई है। जो हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल होते हैं वे जंगली नहीं होते, बल्कि उन्हें बचपन से ही प्रशिक्षित (ट्रेनिंग) किया जाता है। यह महावतों के नियंत्रण में रहकर काम करते हैं।
जनवरी-फरवरी 2023 में कर्नाटक के सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से ””रवि”” और ””शिवा”” नाम के दो नर हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व लाए गए थे। इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2022 में कर्नाटक के ही बांदीपुर टाइगर रिजर्व के रामपुरा कैंप से 4 हाथी (कृष्ण, गजा, मरीशा और पूजा) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लाए गए थे। दिसंबर 2022 में मडीकेरी के दुबारी एलिफेंट कैंप से 5 नर हाथी—जनरल थिम्मैया, जनरल करियप्पा, बाली, लावा और मारुति को पेंच टाइगर रिजर्व लाया गया था।

