हाईकोर्ट बोला- अस्थाई पूर्व सेवा भी पेंशन को मान्य:सेवानिवृत्त कलेक्शन अमीन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

हाईकोर्ट बोला- अस्थाई पूर्व सेवा भी पेंशन को मान्य:सेवानिवृत्त कलेक्शन अमीन को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने संग्रह अमीन को उसकी सीजनल संग्रह अमीन पद की अवधि को भी पेंशन में जोड़ने का आदेश दिया है। कोर्ट का यह फैसला पेंशन मामले से जोड़कर देख जा रहा है। क्या है मामला जानिये याची चंद्रपाल भाटी तहसील स्याना, जिला बुलंदशहर में कलेक्शन अमीन के पद पर कार्यरत थे। उन्हें 2 जून 1978 को सीजनल कलेक्शन अमीन के रूप में नियुक्त किया गया था और बाद में 5 जून 2009 को नियमित कलेक्शन अमीन बनाया गया। 31 मई 2014 को वे सेवानिवृत्त हुए। लेकिन 22 जुलाई 2015 के आदेश में संबंधित अधिकारी ने यह कहते हुए पेंशन देने से इन्कार कर दिया कि उनकी अर्हकारी सेवा पूरी नहीं होती। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा की गणना में उनकी पूर्व की सीजनल सेवा को भी शामिल किया जाना चाहिए था। कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने अलख प्रकाश मिश्रा बनाम अपर जिलाधिकारी, झांसी मामले में तय सिद्धांत का पालन करते हुए स्पष्ट किया कि किसी सरकारी कर्मचारी की तदर्थ वर्क-चार्ज या सीजनल सेवा को पेंशन-अर्हता की गणना में गिना जाना चाहिए, भले ही पेंशन की वास्तविक राशि केवल नियमित सेवा के आधार पर तय हो। इसी सिद्धांत को लागू करते हुए कोर्ट ने कहा कि भाटी की पूर्व सीजनल सेवा को जोड़ने पर वे पेंशन के लिए पात्र हैं, लेकिन पेंशन की राशि उनकी 5 जून 2009 से 31 मई 2014 तक की नियमित सेवा के आधार पर ही तय होगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को नियमानुसार सभी सेवानिवृत्ति लाभ (पेंशन सहित) की गणना कर उनका भुगतान आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तिथि से आठ सप्ताह के भीतर किया जाए। इसी के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *