हर साल 100 बच्चों को विदेश भेजने की तैयारी,:CM सम्राट का ऐलान, 15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा होगी शुरू

हर साल 100 बच्चों को विदेश भेजने की तैयारी,:CM सम्राट का ऐलान, 15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा होगी शुरू

अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं की शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और बिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने संस्थान में लर्निंग मैनेजमेंट की पढ़ाई की शुरुआत की और संस्थान के टॉपर छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, बिहार के युवाओं को दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और इसके लिए तकनीक, कंप्यूटर, मोबाइल और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी बेहद जरूरी है। हर साल 100 बच्चों को विदेश भेजने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की कोशिश होगी कि हर साल बिहार के 100 बच्चे विदेश जाकर प्रशिक्षण हासिल करें। बिहार के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उनका लक्ष्य है कि बिहार के संस्थानों से निकलने वाले बच्चों की प्रतिभा का लाभ बिहार को मिले और राज्य का गौरव फिर से लौटे। मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया तेजी से बदल रही है। आज तकनीक का दौर है और बिना कंप्यूटर एवं मोबाइल के दुनिया के साथ चलना मुश्किल है। अब AI का दौर आ चुका है और युवाओं को इसके साथ आगे बढ़ना होगा। 15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा देने की तैयारी सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने की कोशिश कर रही है कि 15 अगस्त से जिन बच्चों को शिक्षक की तलाश हो, उन्हें ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल सके। इसके जरिए छात्रों को उनकी जरूरत के मुताबिक शिक्षण सामग्री और पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में बदलाव तभी आएगा, जब हम दुनिया के साथ चलेंगे। बिहार के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘गंगा से ग्लोबल’ बनाने का लक्ष्य आगे सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ‘गंगा से ग्लोबल’ बिहार की पहचान बने। बिहार के संस्थानों से शिक्षा लेकर निकलने वाले बच्चे देश-दुनिया में बड़े पदों पर पहुंचें और उनकी सफलता का फायदा बिहार को भी मिले, सरकार इस दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने एलएन मिश्रा संस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से पढ़कर कई बच्चे बड़े-बड़े पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने संस्थान को आगे भी बेहतर बनाने में सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। नीतीश मिश्रा बोले- 90 के दशक जैसा ब्रेन ड्रेन नहीं होना चाहिए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री का एलएन मिश्रा संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच स्पष्ट है कि 90 के दशक में जिस तरह बिहार से ब्रेन ड्रेन होता था, वह स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में ही युवाओं को वह सभी अवसर मिलने चाहिए, जिनकी उन्हें जरूरत है। आज AI का दौर है, इसलिए युवाओं के लिए AI को समझना और उसमें दक्ष होना बेहद जरूरी है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और आने वाले समय में यही युवा विकसित बिहार की कहानी लिखेंगे। नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं कि बिहार के बच्चे टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनें और आधुनिक दौर की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार कर सकें। 1973 में रखी गई थी एलएन मिश्रा संस्थान की नींव नीतीश मिश्रा ने कहा कि 1973 में जब बिहार में मैनेजमेंट की पढ़ाई के बारे में बहुत कम लोग सोचते थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत जगन्नाथ मिश्रा ने एलएन मिश्रा संस्थान की नींव रखी थी। आज यह संस्थान युवाओं को प्रबंधन की शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज स्टार्टअप का दौर है। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। बिहार सरकार भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। 12 नए शहर विकसित करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने बिहार में शहरी विकास को लेकर भी सरकार की योजना बताई। उन्होंने कहा कि सरकार 12 नए शहर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इन शहरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पटना में करीब 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसमें लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई गई है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ बिहार को नए आर्थिक अवसरों का केंद्र बनाना है। 2030 से पहले पूरा होगा मरीन ड्राइव का काम मुख्यमंत्री ने पटना के मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले मरीन ड्राइव का काम पूरा करने के लक्ष्य पर सरकार लगातार काम कर रही है। इसके जरिए पटना में परिवहन और शहरी कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कृषि योग्य जमीन बढ़ाने का दावा सम्राट चौधरी ने कहा कि 2005 में बिहार में करीब 21 हजार हेक्टेयर खेती की जमीन थी, जबकि अब यह बढ़कर करीब 40 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि हो गई है। पानी के प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से बिहार में कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर एलएन मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने युवाओं की शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और बिहार के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने संस्थान में लर्निंग मैनेजमेंट की पढ़ाई की शुरुआत की और संस्थान के टॉपर छात्रों को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा, बिहार के युवाओं को दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और इसके लिए तकनीक, कंप्यूटर, मोबाइल और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी बेहद जरूरी है। हर साल 100 बच्चों को विदेश भेजने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार की कोशिश होगी कि हर साल बिहार के 100 बच्चे विदेश जाकर प्रशिक्षण हासिल करें। बिहार के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उनका लक्ष्य है कि बिहार के संस्थानों से निकलने वाले बच्चों की प्रतिभा का लाभ बिहार को मिले और राज्य का गौरव फिर से लौटे। मुख्यमंत्री ने कहा, दुनिया तेजी से बदल रही है। आज तकनीक का दौर है और बिना कंप्यूटर एवं मोबाइल के दुनिया के साथ चलना मुश्किल है। अब AI का दौर आ चुका है और युवाओं को इसके साथ आगे बढ़ना होगा। 15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा देने की तैयारी सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था करने की कोशिश कर रही है कि 15 अगस्त से जिन बच्चों को शिक्षक की तलाश हो, उन्हें ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा मिल सके। इसके जरिए छात्रों को उनकी जरूरत के मुताबिक शिक्षण सामग्री और पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन में बदलाव तभी आएगा, जब हम दुनिया के साथ चलेंगे। बिहार के बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। ‘गंगा से ग्लोबल’ बनाने का लक्ष्य आगे सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ‘गंगा से ग्लोबल’ बिहार की पहचान बने। बिहार के संस्थानों से शिक्षा लेकर निकलने वाले बच्चे देश-दुनिया में बड़े पदों पर पहुंचें और उनकी सफलता का फायदा बिहार को भी मिले, सरकार इस दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने एलएन मिश्रा संस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां से पढ़कर कई बच्चे बड़े-बड़े पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने संस्थान को आगे भी बेहतर बनाने में सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। नीतीश मिश्रा बोले- 90 के दशक जैसा ब्रेन ड्रेन नहीं होना चाहिए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री का एलएन मिश्रा संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच स्पष्ट है कि 90 के दशक में जिस तरह बिहार से ब्रेन ड्रेन होता था, वह स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में ही युवाओं को वह सभी अवसर मिलने चाहिए, जिनकी उन्हें जरूरत है। आज AI का दौर है, इसलिए युवाओं के लिए AI को समझना और उसमें दक्ष होना बेहद जरूरी है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और आने वाले समय में यही युवा विकसित बिहार की कहानी लिखेंगे। नीतीश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं कि बिहार के बच्चे टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बनें और आधुनिक दौर की जरूरतों के मुताबिक खुद को तैयार कर सकें। 1973 में रखी गई थी एलएन मिश्रा संस्थान की नींव नीतीश मिश्रा ने कहा कि 1973 में जब बिहार में मैनेजमेंट की पढ़ाई के बारे में बहुत कम लोग सोचते थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री दिवंगत जगन्नाथ मिश्रा ने एलएन मिश्रा संस्थान की नींव रखी थी। आज यह संस्थान युवाओं को प्रबंधन की शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज स्टार्टअप का दौर है। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। बिहार सरकार भी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। 12 नए शहर विकसित करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने बिहार में शहरी विकास को लेकर भी सरकार की योजना बताई। उन्होंने कहा कि सरकार 12 नए शहर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इन शहरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पटना में करीब 81 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसमें लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई गई है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ बिहार को नए आर्थिक अवसरों का केंद्र बनाना है। 2030 से पहले पूरा होगा मरीन ड्राइव का काम मुख्यमंत्री ने पटना के मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले मरीन ड्राइव का काम पूरा करने के लक्ष्य पर सरकार लगातार काम कर रही है। इसके जरिए पटना में परिवहन और शहरी कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कृषि योग्य जमीन बढ़ाने का दावा सम्राट चौधरी ने कहा कि 2005 में बिहार में करीब 21 हजार हेक्टेयर खेती की जमीन थी, जबकि अब यह बढ़कर करीब 40 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि हो गई है। पानी के प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से बिहार में कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है।  

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