हरियाणा में धान खरीद सुचारू करने का बड़ा फैसला:अब राइस मिलों के धर्मकांटों पर भी हो सकेगी तौल, किसान यूनियन ने किया विरोध

हरियाणा में धान खरीद सुचारू करने का बड़ा फैसला:अब राइस मिलों के धर्मकांटों पर भी हो सकेगी तौल, किसान यूनियन ने किया विरोध

हरियाणा में धान की खरीद और उठान में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किसानों और आढ़तियों के हक में बड़ा फैसला लिया है। अब मंडियों में धान की तौलाई की रफ्तार बढ़ाने के लिए राइस मिलों में स्थापित धर्मकांटों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य में 7 अक्टूबर 2026 तक 5,64,577 मीट्रिक टन (MT) धान की खरीद की जा चुकी है, लेकिन इसमें से केवल 1,03,089 मीट्रिक टन (MT) धान का ही उठान हो पाया है। हालांकि विभाग का इस फैसले का किसान विरोध कर रहे हैं। क्योंकि राइस मिलों में धान तुलाई होने व बेचने को लेकर किसानों का मत है कि आढती MSP में अपनी मनमानी करेंगे। धर्मकांटों की कमी बनी बड़ी वजह
उठान की सुस्त रफ्तार का मुख्य कारण मंडियों में धर्मकांटों की कमी को बताया जा रहा है। इसके कारण न केवल खरीद प्रक्रिया बाधित हो रही थी, बल्कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की अदायगी में भी देरी का सामना करना पड़ रहा था।
विभाग ने तुरंत संज्ञान लेकर लिया निर्णय
मामला संज्ञान में आते ही विभाग ने पाया कि राज्य की कई राइस मिलों में अपने धर्मकांटे मौजूद हैं। किसानों के हितों और उठान प्रक्रिया को गति देने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त निदेशक (खरीद) ने इस संबंध में हैफेड (HAFED), हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HWWC) और सभी जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों (DFSCs) को दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। किसान यूनियन कर रही है फैसले का विरोध….

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