हरियाणा के नारनौल स्थित कोरियावास मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवानों और कॉलेज प्रबंधन के बीच ड्यूटी रोस्टर, सुपरविजन और काम के घंटों को लेकर विवाद सामने आया है। होमगार्ड जवानों ने निर्धारित 8 घंटे के बजाय 16 घंटे तक ड्यूटी कराने, बार-बार रोस्टर बदलने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉलेज के डायरेक्टर बिजेंद्र ढिल्लो ने आरोपों को खारिज करते हुए कुछ जवानों पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और ड्यूटी में बाधा डालने की बात कही है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से जानकारी ली। होमगार्ड जवान अशोक (नंबर 615) ने बताया कि सितंबर में उसकी ड्यूटी मेडिकल कॉलेज में लगाई गई थी। उसका आरोप है कि एक सितंबर को सुपरवाइजर नियुक्त किया गया और चार सितंबर को रेस्ट होने के बावजूद उसके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस का जवाब देने के बाद भी उसे संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। अशोक ने सुपरिंटेंडेंट बलवंत, स्टेनो रवि सहित कुछ कर्मचारियों पर जवानों को परेशान करने के आरोप लगाए। नाइट ड्यूटी के बाद सुबह बुलाने का आरोप होमगार्ड जवान सतबीर सिंह ने आरोप लगाया कि ड्यूटी रोस्टर में बार-बार बदलाव किया जाता है। नाइट ड्यूटी करने वाले जवानों को कई बार सुबह बुला लिया जाता है और कुछ जवानों से 16 घंटे तक काम लिया जाता है। सतबीर के अनुसार, सफाई कर्मचारी अशोक के खुद को इंचार्ज बताकर ड्यूटी पर सवाल करने के बाद बहस हुई थी। इसके बाद शिकायत करने पर उसे कॉलेज से रिलीव करने का पत्र जारी कर दिया गया। जवानों का दावा है कि मेडिकल कॉलेज में करीब 50 होमगार्ड तैनात हैं और ड्यूटी के दौरान अब तक करीब 13 जवान दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने शिकायतों के समाधान की मांग की। डायरेक्टर बोले- सुरक्षा के लिए बदला रोस्टर डायरेक्टर बिजेंद्र ढिल्लो ने कहा कि कॉलेज में प्रतिदिन 300 से 350 मरीज आते हैं। परिसर में चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं। उनके अनुसार, कुछ जवान ड्यूटी शुरू होने से पहले मुख्य गेट के पास एकत्र थे और अन्य कर्मचारियों के काम में बाधा डाल रहे थे। नाइट ड्यूटी ठीक से नहीं किए जाने की शिकायतों के चलते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए रोस्टर बदला गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि होमगार्ड जवानों से केवल सुरक्षा संबंधी काम लिया जाता है। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की। जवानों ने ड्यूटी रोस्टर, काम के घंटों और अपने साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

