क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह ने पहली बार आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में जाने की वजह बताई। हरभजन सिंह उर्फ भज्जी ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा- जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें AAP में शामिल होने के लिए कहा था, तब उनका मकसद राज्यसभा में जाकर खेलों से जुड़े मुद्दे उठाना था। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि वह राजनीति पर बात नहीं करेंगे, क्योंकि यह उनका काम नहीं है। हरभजन ने कहा- मैं जिस काम के लिए AAP में शामिल हुआ था, वह हो ही नहीं रहा था। अगर मेरे सुझाए रास्ते पर छोटा सा कदम भी उठाया जाता तो मैं पार्टी नहीं छोड़ता। लेकिन पार्टी में शामिल होने का मेरा मूल मकसद ही पूरा नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ दी, क्योंकि मेरे सुझावों पर कोई प्रतिक्रिया तक नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए वह पार्टी में शामिल हुए थे, वही पूरा नहीं हो रहा था। “अगर मेरे सुझावों की दिशा में छोटा सा कदम भी उठाया जाता तो मैं पार्टी नहीं छोड़ता। लेकिन मेरी बातों का कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए मैंने AAP छोड़ दी। पार्टी के सामने अपना विजन रखने की लगातार कोशिश के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था, जिससे आखिरकार वह परेशान हो गए। प्रदर्शन करने वाले कौन, सब जानते हैं
AAP छोड़ने के बाद पार्टी की ओर से उन पर विश्वासघात के आरोप लगाए गए थे। हरभजन के घर के बाहर प्रदर्शन भी हुआ और उनका पुतला जलाया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह किसी का नाम नहीं लेना चाहते। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि प्रदर्शन करने वाले लोग कौन थे और कहां से आए थे। हरभजन ने कहा कि देश के आम लोग उन्हें उनके क्रिकेट के लिए जानते हैं और उन्होंने उन्हें बहुत प्यार दिया है। किसी के कहने से मैं गद्दार नहीं हो जाता
हरभजन सिंह ने कहा- इस देश का आम आदमी मुझे मेरे क्रिकेट के लिए जानता है और उसने मुझे इतना प्यार दिया है। फिर वे मेरा पुतला क्यों जलाएंगे या मेरे घर के बाहर ‘गद्दार’ क्यों लिखेंगे? मैंने किससे गद्दारी की है?” उन्होंने सवाल किया। हरभजन सिंह ने AAP पर पलटवार करते हुए कहा, “मेरा उनसे सवाल है कि पंजाब की जनता से किए गए बड़े-बड़े वादों का क्या हुआ? आपने पंजाब के लिए क्या किया? यहां गद्दार कौन है? क्या आपने मुझसे पूछा कि मैंने जो किया, वह क्यों किया? सिर्फ मुझे गद्दार कह देने से मैं गद्दार नहीं हो जाता। इसी तरह अगर आप मुझे चोर कह दें तो मैं चोर नहीं बन जाता। किसी के कहने से मुझे फर्क नहीं पड़ता
हरभजन ने कहा, “मेरा दिल भारत और पंजाब के लिए धड़कता है। अपनी मातृभूमि के लिए मेरे मन में जो प्यार है, उसे किसी और से प्रमाणित कराने की जरूरत नहीं है। जो लोग जो कहना चाहते हैं, कहते रहें, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर मैं इन बातों में उलझकर अपना ध्यान भटकने दूंगा, तो मैं अपना काम नहीं कर पाऊंगा। हरभजन सिंह ने पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई। हरभजन बोले- मैं कपिल देव बनना चाहता था
इसके अलावा जालंधर के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अपनी करीब 30 साल की क्रिकेट यात्रा और सफलता के बारे में खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बचपन में वह कपिल देव जैसा बनना चाहते थे, लेकिन उनकी बॉडी तेज गेंदबाजी के लिए सही नहीं थी। इसके बाद किसी ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी करने की सलाह दी। उस समय उन्हें यह तक नहीं पता था कि स्पिन बॉलिंग क्या होती है, लेकिन किसी के कहने पर उन्होंने गेंद को घुमाने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले गुरशरण ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी की सलाह दी थी। हरभजन ने इसके लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया। हरभजन ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि जब वह क्रिकेट में आए थे तो गेंद को अच्छी तरह हिट कर लेते थे, लेकिन बल्लेबाजी में अक्सर जल्दबाजी करते थे। अगर उन्होंने थोड़ा धैर्य दिखाया होता तो इंटरनेशनल क्रिकेट में दोगुने रन बना सकते थे। करियर के बाद के दौर में उन्होंने बल्लेबाजी को गंभीरता से लिया और लगातार दो शतक भी लगाए। हालांकि, उनका कहना है कि गेंदबाजी जितनी मेहनत उन्होंने बल्लेबाजी में की होती तो टीम के लिए और ज्यादा रन बना सकते थे। हरभजन ने साल 2016 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला था। इसके बाद 24 दिसंबर 2021 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद मार्च 2022 में राजनीति में एंट्री की। उन्हें AAP सरकार ने पंजाब से राज्यसभा सांसद बनाया। हालांकि 24 अप्रैल 2026 को वे AAP छोड़कर BJP में शामिल हो गए। हरभजन सिंह की 3 बड़ी बातें… 1998 में खेला था पहला टेस्ट हरभजन सिंह ने अपना पहला टेस्ट मैच 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके अलावा पहला वनडे मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ 1998 में खेला था। उनका आखिरी वनडे मुकाबला 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ था। 2016 एशिया कप में आखिरी मुकाबला खेला 2016 में हरभजन ने यूएई के खिलाफ एशिया कप में अपना आखिरी टी-20 मैच खेला था। यही उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच भी था। IPL में हरभजन के नाम 163 मैच में 150 विकेट दर्ज है। वे मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं। हरभजन से जुड़े 5 पुराने विवाद जानिए…. ********** ये खबर भी पढ़ें: नशेड़ियों के VIDEO पर फंसने के बाद भज्जी का जवाब: कहा- इस मुद्दे को दबा नहीं सकते; AAP मंत्री ने कहा था- कार्रवाई होगी पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ भाजपा में गए राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर 2 युवकों का नशे में झूमते हुए वीडियो शेयर करने पर विवाद खड़ा हो गया है। सांसद ने राज्य में नशे की स्थिति और सरकारों की नीतियों पर दुख जाहिर किया था। (पढ़ें पूरी खबर)
हरभजन ने बताई AAP छोड़ BJP जॉइन करने की वजह:भज्जी बोले- मेरी बात नहीं सुनी गई, किसी के कहने से मैं गद्दार नहीं हो जाता


