भोपाल के जहांगीराबाद स्लॉटर हाउस से अवैध गोमांस की पैकेजिंग और सप्लाई के मामले में पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पूरक चालान पेश किया। इसमें पशु चिकित्सक डॉ. अनम खान समेत चार नए लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का दावा है कि चारों को अवैध गोमांस की सप्लाई की जानकारी थी। इसके बावजूद अपनी जिम्मेदारी के तहत मांस की जांच, पैकेजिंग, भंडारण और लोडिंग की प्रक्रिया में भूमिका निभाते रहे। पुलिस के मुताबिक, डॉ. अनम खान ने पशुओं का उचित शारीरिक परीक्षण किए बिना मीट को इंसानी उपभोग के लिए सुरक्षित बताते हुए मेडिकल सर्टिफिकेट और फिटनेस रिपोर्ट जारी कीं। आरोप है कि गलत जांच और इन रिपोर्ट के आधार पर स्लॉटर हाउस में गोमांस कटने दिया गया। कौशलेंद्र कुमार तोमर पर प्रोडक्ट क्वालिटी हेड के रूप में अवैध मांस की चेकिंग और पैकेजिंग की जिम्मेदारी निभाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि उसने मांस को कोल्ड स्टोरेज में छिपाने में भी मदद की। मोहम्मद हाशिम पर भी प्रोडक्ट क्वालिटी हेड के रूप में मांस की चेकिंग कराने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसने मांस को चिलर और फ्रीजर में पैक करवाकर सप्लाई चेन तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। वहीं, लोडिंग सुपरवाइजर सद्दाम हुसैन पर बिना अनुमति और रिकॉर्ड छिपाकर अवैध मांस को वाहनों में लोड करवाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि चारों को मांस की वास्तविकता और उसकी सप्लाई की जानकारी थी। पूरक चालान में किस पर क्या आरोप डॉ. अनम खान: पुलिस का आरोप है कि पशुओं का उचित शारीरिक परीक्षण किए बिना मीट को इंसानी उपभोग के लिए सुरक्षित बताने वाले मेडिकल सर्टिफिकेट और फिटनेस रिपोर्ट जारी कीं। गलत जांच के आधार पर स्लॉटर हाउस में गोमांस कटने दिया। कौशलेंद्र कुमार तोमर: पुलिस के मुताबिक, प्रोडक्ट क्वालिटी हेड के रूप में अवैध मांस की चेकिंग और पैकेजिंग में भूमिका निभाई। आरोप है कि मांस को कोल्ड स्टोरेज में छिपाने में भी मदद की। मोहम्मद हाशिम: पुलिस के अनुसार, प्रोडक्ट क्वालिटी हेड के तौर पर मांस की चेकिंग की और इसे चिलर व फ्रीजर में पैक करवाकर सप्लाई चेन तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। सद्दाम हुसैन: पुलिस ने आरोप लगाया है कि लोडिंग सुपरवाइजर के रूप में बिना अनुमति और रिकॉर्ड छिपाकर अवैध मांस को गाड़ियों में लोड करवाया। पहले असलम और शोएब पर चालान पुलिस इससे पहले असलम और ड्राइवर शोएब के खिलाफ 5 मार्च 2026 को चालान पेश कर चुकी है। अब पूरक चालान के जरिए चार और लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ साजिश और साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई हैं। जांच में पहले गवाह, बाद में आरोपी एडवोकेट जगदीश गुप्ता के मुताबिक, जांच के शुरुआती दौर में जिन लोगों को गवाह बनाया गया था, जांच पूरी होने के बाद उनमें से कुछ को आरोपी बनाया गया है। पूरक चालान में पुलिस ने चारों की भूमिका का अलग-अलग उल्लेख किया है।

