गयाजी के वजीरगंज स्थित जमुआवां उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्मार्ट क्लासरूम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें क्लासरूम के अंदर लगी एलईडी पर भोजपुरी गाना चल रहा है। गाने पर कुछ छात्र डांस कर रहे हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। स्कूल में कार्यरत छह टीचरों पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें 3 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि तीन अन्य टीचरों को अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से सभी के खिलाफ अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने शिक्षकों पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्कूल में राजनीति करने और छात्रों पर नियंत्रण नहीं रखने की बात भी आदेश में साफ तौर पर कही गई है। इसके अलावा तीन टीचरों पर जांच पदाधिकारी के सामने विद्यालय प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। विभागीय आदेश में इन आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। इन तीन पर अनुशासनिक कार्रवाई गुड्डु कुमार, राजेश कुमार और कन्हैया कुमार सिंह पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। विभाग ने इनके आचरण को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल बताया है। इनके खिलाफ बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2024 के नियम-14 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। तीन टीचर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड अर्जुन कुमार, रविरंजन कुमार और अध्यापिका संध्या साव को निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के बाद तीनों का मुख्यालय अलग-अलग प्रखंड संसाधन केंद्र बनाया गया है। अर्जुन कुमार को बीआरसी बेलागंज, रविरंजन कुमार को बीआरसी मानपुर और संध्या साव को बीआरसी टनकुप्पा में योगदान करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यालय में रहना होगा, तभी मिलेगा भत्ता निलंबित शिक्षकों को निर्धारित मुख्यालय में योगदान करना होगा। इसके बाद उनकी उपस्थिति के आधार पर जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन अवधि में उन्हें अपने निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। डीपीओ करेंगे विभागीय कार्रवाई की सुनवाई शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। संबंधित मामलों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना अथवा योजना एवं लेखा को संचालन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, वजीरगंज के बीईओ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया है। अब विभागीय जांच में शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की सुनवाई होगी। आरोपों के समर्थन में उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का पक्ष देखा जाएगा। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
डांस करने का वीडियो आया सामने सूत्रों के अनुसार स्कूल में शिक्षकों के बीच लंबे समय से गुटबाजी, राजनीति और शिक्षण कार्य में लापरवाही चल रही थी। इस बात की शिकायत लगातार शिक्षा विभाग के जिला मुख्यालय को मिल रही थी लेकिन मामला किसी वजह से हर बार टल जा रहा था। नतीजतन गुटबाजी करने वाले शिक्षकों का मन बढ़ता ही जा रहा था, लेकिन 21 सितंबर को स्कूल में चल रही परीक्षा के दौरान स्मार्ट क्लास का स्क्रीन अचानक से ऑन हुआ और उसपर भोजपुरी गाने बजने लगे। भोजपुरी गाने को सुनते ही परीक्षा दे रहे छात्र जोश में आए और डांस करने लगे। इस दौरान न तो उन्हें रोका गया और न ही टोका गया। छात्र पूरी मस्ती में डांस करते नजर आए। इस घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वीडियो वायरल होने लगा। जिसके बाद संबंधित विभाग हरकत में आया। आरोपी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद एक साथ 6 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गयाजी के वजीरगंज स्थित जमुआवां उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्मार्ट क्लासरूम का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें क्लासरूम के अंदर लगी एलईडी पर भोजपुरी गाना चल रहा है। गाने पर कुछ छात्र डांस कर रहे हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। स्कूल में कार्यरत छह टीचरों पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इनमें 3 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबकि तीन अन्य टीचरों को अनुशासनिक कार्रवाई के अधीन किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से सभी के खिलाफ अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने शिक्षकों पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्कूल में राजनीति करने और छात्रों पर नियंत्रण नहीं रखने की बात भी आदेश में साफ तौर पर कही गई है। इसके अलावा तीन टीचरों पर जांच पदाधिकारी के सामने विद्यालय प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। विभागीय आदेश में इन आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। इन तीन पर अनुशासनिक कार्रवाई गुड्डु कुमार, राजेश कुमार और कन्हैया कुमार सिंह पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। विभाग ने इनके आचरण को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रतिकूल बताया है। इनके खिलाफ बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2024 के नियम-14 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। तीन टीचर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड अर्जुन कुमार, रविरंजन कुमार और अध्यापिका संध्या साव को निलंबित कर दिया गया है। इनके खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के बाद तीनों का मुख्यालय अलग-अलग प्रखंड संसाधन केंद्र बनाया गया है। अर्जुन कुमार को बीआरसी बेलागंज, रविरंजन कुमार को बीआरसी मानपुर और संध्या साव को बीआरसी टनकुप्पा में योगदान करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यालय में रहना होगा, तभी मिलेगा भत्ता निलंबित शिक्षकों को निर्धारित मुख्यालय में योगदान करना होगा। इसके बाद उनकी उपस्थिति के आधार पर जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन अवधि में उन्हें अपने निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। डीपीओ करेंगे विभागीय कार्रवाई की सुनवाई शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। संबंधित मामलों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना अथवा योजना एवं लेखा को संचालन पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, वजीरगंज के बीईओ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया है। अब विभागीय जांच में शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की सुनवाई होगी। आरोपों के समर्थन में उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का पक्ष देखा जाएगा। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
डांस करने का वीडियो आया सामने सूत्रों के अनुसार स्कूल में शिक्षकों के बीच लंबे समय से गुटबाजी, राजनीति और शिक्षण कार्य में लापरवाही चल रही थी। इस बात की शिकायत लगातार शिक्षा विभाग के जिला मुख्यालय को मिल रही थी लेकिन मामला किसी वजह से हर बार टल जा रहा था। नतीजतन गुटबाजी करने वाले शिक्षकों का मन बढ़ता ही जा रहा था, लेकिन 21 सितंबर को स्कूल में चल रही परीक्षा के दौरान स्मार्ट क्लास का स्क्रीन अचानक से ऑन हुआ और उसपर भोजपुरी गाने बजने लगे। भोजपुरी गाने को सुनते ही परीक्षा दे रहे छात्र जोश में आए और डांस करने लगे। इस दौरान न तो उन्हें रोका गया और न ही टोका गया। छात्र पूरी मस्ती में डांस करते नजर आए। इस घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वीडियो वायरल होने लगा। जिसके बाद संबंधित विभाग हरकत में आया। आरोपी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद एक साथ 6 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

