सोनीपत में जिला कोर्ट के वकीलों ने ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर धर्मबीर और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार करने, पद का दुरुपयोग करने और वकीलों को चालान व वाहन जब्त करने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में एडवोकेट अरुण गहलावत ने जिला कोर्ट परिसर स्थित पुलिस चौकी के इंचार्ज को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में एक सब-इंस्पेक्टर पर बिना नंबर प्लेट की मारुति सुजुकी ब्रेजा चलाने और एक वकील को चलती गाड़ी के साथ कुछ दूरी तक घसीटने का आरोप भी लगाया गया है। दस्तावेज होने के बावजूद चालान काटने का आरोप शिकायत के अनुसार, एडवोकेट अरुण गहलावत आज दोपहर को जब कोर्ट जा रहे थे, तब पुलिस लाइंस गेट के सामने ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर धर्मबीर ने उन्हें कार रोकने का इशारा किया। उन्होंने अपना वाहन रोक लिया। मौके पर पहले से मौजूद तीन से चार अन्य वकीलों ने बताया कि उन्हें भी रोका गया है और वैध दस्तावेज होने के बावजूद जबरन चालान किए जा रहे हैं। आरोप है कि इंस्पेक्टर धर्मबीर ने वकीलों से ऊंची आवाज में बात की और कहा कि वह हर हाल में उनके वाहनों के चालान करेंगे। कोर्ट में देर होने की बात कहने पर भी नहीं सुनी शिकायत में बताया गया कि वकीलों ने कोर्ट में पेशी के लिए देर होने की बात कहते हुए उन्हें जाने देने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद अन्य वकील भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रैफिक इंचार्ज से वकीलों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने और अपनी आधिकारिक शक्ति का दुरुपयोग नहीं करने की अपील की। आरोप है कि इसके बावजूद इंस्पेक्टर धर्मबीर ने सभी रोके गए वाहनों के चालान करने और उन्हें जब्त करने की धमकी दी। बिना नंबर प्लेट की ब्रेजा को जाने देने का आरोप शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी दौरान सब-इंस्पेक्टर रैंक का एक पुलिसकर्मी वर्दी में ब्रेजा कार लेकर मौके पर पहुंचा। गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं थी। जब वहां मौजूद वकीलों ने इस बारे में इंस्पेक्टर धर्मबीर से सवाल किया, तो आरोप है कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और संबंधित पुलिसकर्मी को वहां से जाने का इशारा कर दिया। कहा- वकीलों को टारगेट कर चालान कर रहे एडवोकेट अरुण गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर धर्मबीर एडवोकेट की गाड़ियों को टारगेट करके चालान कर रहे थे। घटना करीब 10:30 बजे की है। इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी भी गाड़ी लेकर आई थी। उसका चालान करने के लिए कहा गया तो वह उस दौरान भागने लगी और उसने एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। चलती गाड़ी के साथ वकील को घसीटने का दावा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब ब्रेजा गाड़ी आगे बढ़ी और वकीलों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसे चला रहे पुलिसकर्मी ने एक वकील का हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि वह वकील को चलती गाड़ी के साथ कुछ दूरी तक घसीटता हुआ ले गया और फिर हाथ छोड़ दिया। इस घटना में वकील को चोटें आने का दावा किया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देशों का हवाला देने का आरोप एडवोकेट अरुण गहलावत ने शिकायत में आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर धर्मबीर ने वकीलों से कहा कि वह उन्हें नियमों का पालन करना सिखाएंगे और इस संबंध में पुलिस कमिश्नर, सोनीपत के विशेष निर्देश हैं। शिकायत के मुताबिक, मौके पर बार एसोसिएशन के प्रधान और सचिव सहित अन्य वकीलों ने भी मामले को शांत करने और दुर्व्यवहार रोकने का अनुरोध किया, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों का व्यवहार नहीं बदला। मोबाइल रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज की जांच की मांग शिकायतकर्ता ने कहा है कि घटनाक्रम को मौके पर मौजूद वकीलों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया है। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और मोबाइल रिकॉर्डिंग की जांच करने की मांग की है। साथ ही, घायल वकील का बयान दर्ज करने और उसके मेडिकल रिकॉर्ड प्राप्त करने का अनुरोध भी किया है। FIR दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग एडवोकेट अरुण गहलावत ने इंस्पेक्टर धर्मबीर, बिना नंबर प्लेट वाली ब्रेजा चला रहे सब-इंस्पेक्टर और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और अन्य लागू कानूनों के तहत संज्ञेय अपराध पाए जाने पर FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है।

