सोनभद्र के रेणुकूट नगर के मुर्धवा स्थित प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 55वें वर्ष भी मेले का आयोजन हो रहा है। जन्माष्टमी के लिए मंदिर परिसर को फूलों, कृत्रिम फूलों और इलेक्ट्रॉनिक झालरों से सजाया गया है। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर के बाहर सड़क पर दो दिन पहले से ही दुकानें सजने लगी हैं। मुर्धवा का यह राधा-कृष्ण मंदिर अपनी आस्था और मेले के लिए पूरे जिले में मशहूर है। जन्माष्टमी के दिन यहां सोनभद्र के साथ-साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की देखरेख कर रहे स्वामी सुखदेवानंद आश्रम ट्रस्ट के सचिव गोपाल सिंह ने बताया कि राधा-कृष्ण मंदिर के प्रति आसपास के जिलों के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के लोगों की भी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। वर्षों से जन्माष्टमी के अवसर पर यहां मेले का आयोजन होता आ रहा है। मंदिर के विशाल प्रांगण की साज-सज्जा को अंतिम रूप देने के लिए बाहर से आए करीब 20-22 कारीगर पिछले एक सप्ताह से जुटे हुए हैं। राधा-कृष्ण समेत मंदिर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को विशेष परिधान पहनाकर कोलकाता और वाराणसी से मंगाए गए रंग-बिरंगे ताजे फूलों से सजाया जा रहा है। राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। मंदिर परिसर में लगातार भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। जन्माष्टमी की रात मंदिर में होने वाले विशेष जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।

