‘मेरी बहन की पूरी सैलरी उसका पति अपने कब्जे में रखता था। पहले उसके नाम पर 10 लाख रुपए का लोन कराया, जिसे उसने कुछ महीने पहले ही चुकाया था। अब दोबारा 10 लाख रुपए का कर्ज लेने का दबाव बना रहा था। इसी तनाव में बहन ने जहर खा लिया।’ यह आरोप इटावा के सैफई थाने में तैनात 32 साल की महिला सिपाही प्रियंका के भाई सौरभ कुमार ने लगाया है। रविवार रात प्रियंका की सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने उसके पति रजत को हिरासत में लिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मंगलवार को परिजनों ने पति पर प्रियंका को मेंटल टॉर्चर करने, लोन लेने का दबाव बनाने और जबरन सैलरी रख लेने का आरोप लगाया है। पति के साथ बाजार गई थी, शाम को बिगड़ी तबीयत प्रियंका मूल रूप से सहारनपुर के नकुड़ थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव की रहने वाली थी। परिजनों के मुताबिक, रविवार 9 अगस्त को वह पति रजत के साथ इटावा के संडे बाजार गई थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे दोनों पुलिस लाइन स्थित आवासीय परिसर में लौटे। करीब एक घंटे बाद रजत ने उनकी करीब एक साल की बेटी को पड़ोसी के घर छोड़ दिया। उसने बताया कि प्रियंका की तबीयत खराब है। इसके बाद वह प्रियंका को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रियंका ने पुलिस विभाग में वर्ष 2019 में सिपाही के पद पर नौकरी शुरू की थी। ‘सैलरी अपने पास रखता था’ सौरभ ने बताया- प्रियंका की शादी करीब चार साल पहले रजत से हुई थी। दोनों की मुलाकात सहारनपुर में हुई थी और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं था, लेकिन प्रियंका ने परिजनों की इच्छा के खिलाफ रजत से शादी की थी। शादी के बाद से ही रजत प्रियंका को परेशान करता था। नौकरी लगने के बाद उसकी सैलरी भी निकाल लेता था। रजत ने प्रियंका के नाम पर करीब 10 लाख रुपए का लोन कराया था। प्रियंका ने कुछ महीने पहले यह कर्ज चुका दिया था। इसके बाद उस पर फिर से 10 लाख रुपए का लोन लेने का दबाव बना रहा था। लगातार कर्ज और आर्थिक दबाव के कारण प्रियंका तनाव में थी। पिता बोले- धमकी देता था, इसलिए बेटी खुलकर बात नहीं कर पाती थी प्रियंका के पिता नत्थीराम ने भी रजत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रजत ने प्रियंका को धमकी दी थी कि अगर उसने मायके वालों को कुछ बताया तो उसके पिता और भाइयों को गोली मार देगा। इसी डर के कारण बेटी परिवार से अपनी परेशानी खुलकर नहीं बता पाती थी। परेशान होकर वह घर भी आ गई थी। प्रियंका करीब आठ-नौ महीने तक घर में भी रही थी। करीब डेढ़ महीने पहले समझौता हुआ और उसे वापस भेजा गया। उस समय भी रजत खुद उसे लेने नहीं आया था। पढ़ाई में तेज थी, सब इंस्पेक्टर बनने का सपना था चार भाई-बहनों में सबसे छोटी प्रियंका पढ़ाई में तेज थी। मेहनत के दम पर उसका वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती इटावा के सैफई थाने में थी। परिजनों के मुताबिक, प्रियंका ने हाल ही में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा भी दी थी। अधिक मेरिट के कारण उसका चयन नहीं हो सका। परिवार को उम्मीद थी कि वह आगे मेहनत करके पुलिस विभाग में अधिकारी बनेगी। अब परिवार के सामने उसकी दोनों बेटियों की जिम्मेदारी भी है। प्रियंका की बड़ी बेटी करीब तीन साल की है और दादी के पास रहती है, जबकि छोटी बेटी करीब एक साल की है और इटावा में माता-पिता के साथ रहती थी। …………………………….. संबंधित खबर पढ़िए महिला सिपाही ने जान दी, लव-मैरिज की थी:इटावा में पति के साथ शॉपिंग करके लौटी, झगड़े के बाद जहर खाया इटावा में 32 साल की महिला सिपाही ने जहर खाकर जान दे दी। रविवार शाम वह पति के साथ शॉपिंग करने गई थी। घर लौटने के बाद दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। यहां पढ़ें पूरी खबर


