Abhishek Banerjee: कोलकाता में टीएमसी (AITC) के कैमैक स्ट्रीट कार्यालय पर सुबह तोड़फोड़ हुई। TMC ने बीजेपी गुंडों पर हमला करने, कर्मचारियों से मारपीट और सामान चोरी का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर…
TMC Office Attack: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कोलकाता स्थित उसके कैमैक स्ट्रीट कार्यालय में तड़के घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट की गई है। टीएमसी के अनुसार, यह कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि पूरी तरह से प्लानिंग के साथ किया गया हमला था। पार्टी ने आरोप लगाया कि घटना के समय अभिषेक बनर्जी शहर में मौजूद नहीं थे और पिछली रात ही नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।
सुबह 4:30 बजे हुआ हमला, टीवी-प्रिंटर तक उठाकर ले गए
टीएमसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह वारदात सुबह करीब 4:30 बजे हुई। पार्टी का कहना है कि हमलावरों को पहले से यह जानकारी थी कि TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शहर में मौजूद नहीं हैं और वह एक रात पहले ही नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे। पार्टी का आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर हथियारबंद गुंडे कार्यालय में जबरन घुसे, जहां उन्होंने मौजूद कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और मारपीट की। इसके साथ ही हमलावर परिसर में तोड़फोड़ करते हुए वहां रखे एयर प्यूरीफायर, प्रिंटर, टीवी और अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने साथ उठाकर ले गए।
अभिषेक बनर्जी का हमला- ‘कानून के शासन पर शर्मनाक धब्बा’
घटना की जानकारी सामने आने के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने इस पूरी घटना को ‘कानून के शासन पर शर्मनाक हमला’ करार दिया। अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सुबह हथियारों के साथ आए लोगों ने पार्टी कार्यालय में घुसकर हिंसा की, वहां मौजूद लोगों के फोन छीन लिए और फर्नीचर सहित सभी उपकरणों को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई इस तरह किसी पार्टी के कार्यालय में घुसकर गुंडागर्दी कर सकता है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में टीएमसी और अभिषेक बनर्जी दोनों ने कोलकाता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। बनर्जी का आरोप है कि वारदात के समय और उसके बाद करीब दो घंटे तक लगातार पुलिस को फोन किए गए और आधिकारिक ईमेल भेजे गए, लेकिन मौके पर कोई पुलिसकर्मी मदद के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने पूछा कि जब शहर के केंद्र में इस तरह की घटना हो रही थी, तब पुलिस कहां गायब थी?
हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग
इस पूरे मामले को लेकर TMC ने शासन और प्रशासन से बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाने की मांग की है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि वारदात में शामिल सभी हमलावरों की पहचान कर उन्हें तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही टीएमसी ने इस बात की भी गहन जांच की मांग की है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन था और सुबह हमला करने के निर्देश किसके द्वारा दिए गए थे। पार्टी ने यह भी कहा कि आपातकालीन सूचना मिलने के बावजूद पुलिस कार्रवाई में हुई भारी देरी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल या हथियारबंद गिरोह कानून से ऊपर नहीं हो सकता।

