सुपौल में 25 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान जदिया थाना क्षेत्र की बघेली पंचायत के वार्ड नंबर-6 निवासी मंचन कुमारी(25) के रूप में हुई है। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला की मौत के बाद उसके तीन साल के बेटे और नवजात बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। परिजनों के अनुसार, 15 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा होने पर मंचन कुमारी को त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उसे सुपौल सदर अस्पताल रेफर किया गया। आरोप है कि साथ गई आशा कार्यकर्ता शांति देवी उसे त्रिवेणीगंज के एक निजी क्लिनिक में ले गईं। वहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। नवजात को एनआईसीयू में रखा गया। ऑपरेशन में 85 हजार रुपए हुए खर्च इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने और अधिक रक्तस्राव की शिकायत पर उसे सुपौल के आनंदलोक अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां मनिकाल दी गई। इलाज के दौरान उनसे लगातार पैसे मांगे गए। परिजनों के मुताबिक, आनंदलोक अस्पताल में इलाज और ऑपरेशन के लिए कुल 85 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन भुगतान की पर्ची नहीं दी गई। परिजन को पैसे देने का दिया गया प्रलोभन सूत्र बताते हैं कि आनंदलोक में हंगामा के बाद डॉक्टर व अन्य ने परिजनों को मोटी रकम देने का प्रलोभन दिया और उनसे क्लीन चिट के लिए एक सादे कागज पर अंगूठे का निशान और दवाब देकर एक वीडियो भी बनवा लिया है। 18 अक्टूबर को महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मधेपुरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए और दफना दिया। नवजात बच्ची को 22 अक्टूबर को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। मृतका का पति प्रवेश ऋषिदेव पंजाब में मजदूरी करता है। पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर वह घर पहुंचा। महिला का मायका बनमनखी थाना क्षेत्र के हरमुड़ी गांव में है। डॉ. बोले सामान्य प्रसव हुआ था निजी क्लिनिक के डॉ. नागो ने कहा कि उनके यहां ऑपरेशन नहीं, सामान्य प्रसव हुआ था। महिला के मूत्राशय में फ्रैक्चर और अधिक रक्तस्राव के कारण उसे रेफर किया गया था। वहीं, आनंदलोक अस्पताल के डॉ. गोविंद कुमार ने बताया कि मरीज के शरीर में खून की काफी कमी थी। त्रिवेणीगंज में सामान्य प्रसव के बाद आनंदलोक अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन किया गया था। मरीज वेंटिलेटर पर थी। सुपौल में 25 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान जदिया थाना क्षेत्र की बघेली पंचायत के वार्ड नंबर-6 निवासी मंचन कुमारी(25) के रूप में हुई है। परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला की मौत के बाद उसके तीन साल के बेटे और नवजात बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। परिजनों के अनुसार, 15 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा होने पर मंचन कुमारी को त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उसे सुपौल सदर अस्पताल रेफर किया गया। आरोप है कि साथ गई आशा कार्यकर्ता शांति देवी उसे त्रिवेणीगंज के एक निजी क्लिनिक में ले गईं। वहां सामान्य प्रसव से बच्ची का जन्म हुआ। नवजात को एनआईसीयू में रखा गया। ऑपरेशन में 85 हजार रुपए हुए खर्च इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने और अधिक रक्तस्राव की शिकायत पर उसे सुपौल के आनंदलोक अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां मनिकाल दी गई। इलाज के दौरान उनसे लगातार पैसे मांगे गए। परिजनों के मुताबिक, आनंदलोक अस्पताल में इलाज और ऑपरेशन के लिए कुल 85 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन भुगतान की पर्ची नहीं दी गई। परिजन को पैसे देने का दिया गया प्रलोभन सूत्र बताते हैं कि आनंदलोक में हंगामा के बाद डॉक्टर व अन्य ने परिजनों को मोटी रकम देने का प्रलोभन दिया और उनसे क्लीन चिट के लिए एक सादे कागज पर अंगूठे का निशान और दवाब देकर एक वीडियो भी बनवा लिया है। 18 अक्टूबर को महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मधेपुरा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए और दफना दिया। नवजात बच्ची को 22 अक्टूबर को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। मृतका का पति प्रवेश ऋषिदेव पंजाब में मजदूरी करता है। पत्नी की मौत की सूचना मिलने पर वह घर पहुंचा। महिला का मायका बनमनखी थाना क्षेत्र के हरमुड़ी गांव में है। डॉ. बोले सामान्य प्रसव हुआ था निजी क्लिनिक के डॉ. नागो ने कहा कि उनके यहां ऑपरेशन नहीं, सामान्य प्रसव हुआ था। महिला के मूत्राशय में फ्रैक्चर और अधिक रक्तस्राव के कारण उसे रेफर किया गया था। वहीं, आनंदलोक अस्पताल के डॉ. गोविंद कुमार ने बताया कि मरीज के शरीर में खून की काफी कमी थी। त्रिवेणीगंज में सामान्य प्रसव के बाद आनंदलोक अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन किया गया था। मरीज वेंटिलेटर पर थी।

