सुपौल में ट्रेन से कटकर महिला की मौत:रात से लापता थी, मानसिक स्थिति ठीक नहीं

सुपौल में ट्रेन से कटकर महिला की मौत:रात से लापता थी, मानसिक स्थिति ठीक नहीं

सुपौल के निर्मली थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ गांव के समीप शनिवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान नदी थाना क्षेत्र की ललमनिया पंचायत के वार्ड 1 अंतर्गत क्योटापट्टी गांव निवासी राम सेवक यादव की पत्नी माया देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह शुक्रवार की रात से ही घर से लापता थी। डगराहा की रहने वाली थी मृतका जानकारी के अनुसार, सरायगढ़ से निर्मली की ओर जा रही ट्रेन जब महुआ गांव के समीप से गुजर रही थी, तभी माया देवी ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, माया देवी मूल रूप से डगराहा की रहने वाली थीं। शनिवार सुबह परिजनों को मौत की सूचना मिली उनकी शादी ललमनिया पंचायत के क्योंटापट्टी गांव निवासी राम सेवक यादव से हुई थी। उनके एक तीन साल का बेटा भी है। बताया गया कि माया देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण वह अक्सर घर से निकल जाती थीं। शुक्रवार की रात भी वह घर से लापता हो गई थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच शनिवार की सुबह ट्रेन हादसे में उनकी मौत की सूचना मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, मझारी चौक से पश्चिम पुल के ऊपर रेलवे ट्रैक पर यह हादसा हुआ। 3 साल के बच्चे की मां थी हालांकि, महिला किन परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक तक पहुंचीं और ट्रेन की चपेट में कैसे आईं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माया देवी की मौत से परिजनों में मातम पसरा है। तीन साल के मासूम बच्चे के सिर से मां का साया उठ जाने से गांव में भी शोक का माहौल है। घटना के संबंध में पुलिस एवं रेल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। सुपौल के निर्मली थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ गांव के समीप शनिवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान नदी थाना क्षेत्र की ललमनिया पंचायत के वार्ड 1 अंतर्गत क्योटापट्टी गांव निवासी राम सेवक यादव की पत्नी माया देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह शुक्रवार की रात से ही घर से लापता थी। डगराहा की रहने वाली थी मृतका जानकारी के अनुसार, सरायगढ़ से निर्मली की ओर जा रही ट्रेन जब महुआ गांव के समीप से गुजर रही थी, तभी माया देवी ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, माया देवी मूल रूप से डगराहा की रहने वाली थीं। शनिवार सुबह परिजनों को मौत की सूचना मिली उनकी शादी ललमनिया पंचायत के क्योंटापट्टी गांव निवासी राम सेवक यादव से हुई थी। उनके एक तीन साल का बेटा भी है। बताया गया कि माया देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण वह अक्सर घर से निकल जाती थीं। शुक्रवार की रात भी वह घर से लापता हो गई थीं। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच शनिवार की सुबह ट्रेन हादसे में उनकी मौत की सूचना मिली। स्थानीय लोगों के अनुसार, मझारी चौक से पश्चिम पुल के ऊपर रेलवे ट्रैक पर यह हादसा हुआ। 3 साल के बच्चे की मां थी हालांकि, महिला किन परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक तक पहुंचीं और ट्रेन की चपेट में कैसे आईं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माया देवी की मौत से परिजनों में मातम पसरा है। तीन साल के मासूम बच्चे के सिर से मां का साया उठ जाने से गांव में भी शोक का माहौल है। घटना के संबंध में पुलिस एवं रेल प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।  

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