सीतामढ़ी में परिहार थाना की हाजत से रोशनदान तोड़कर फरार हुआ 25 हजार रुपए का इनामी गैंगस्टर प्रभु भगत करीब चार महीने बाद गिरफ्तार हो गया। बिहार एसटीएफ और सीतामढ़ी जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने 1 नवंबर की मध्यरात्रि गुप्त सूचना पर बेला छाप मोड़ के पास उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से करीब 1.3 किलो चरस जैसा मादक पदार्थ और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। वाहन जांच में गिरफ्तार हुआ था प्रभु भगत प्रभु भगत को परिहार थाना पुलिस ने 28 जून 2026 को वाहन जांच के दौरान चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उसे थाना की हाजत में रखा गया था। 29 जून की सुबह वह हाजत के शौचालय में बने रोशनदान का शीशा तोड़कर फरार हो गया था। फरारी के बाद तीन चौकीदार निलंबित प्रभु भगत के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू की थी। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन चौकीदारों को निलंबित किया गया था। मामले की जांच के आदेश भी दिए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पांच थानों में दर्ज हैं 12 मामले प्रभु भगत परसौनी थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, परसौनी, सीतामढ़ी, रीगा, बैरगनिया और परिहार थानों में उसके खिलाफ कुल 12 आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई एडिशनल एसपी आशीष आनंद ने बताया कि बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रभु भगत को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब 1.3 किलो चरस जैसा मादक पदार्थ और मोटरसाइकिल मिली है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। सीतामढ़ी में परिहार थाना की हाजत से रोशनदान तोड़कर फरार हुआ 25 हजार रुपए का इनामी गैंगस्टर प्रभु भगत करीब चार महीने बाद गिरफ्तार हो गया। बिहार एसटीएफ और सीतामढ़ी जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने 1 नवंबर की मध्यरात्रि गुप्त सूचना पर बेला छाप मोड़ के पास उसे पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से करीब 1.3 किलो चरस जैसा मादक पदार्थ और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। वाहन जांच में गिरफ्तार हुआ था प्रभु भगत प्रभु भगत को परिहार थाना पुलिस ने 28 जून 2026 को वाहन जांच के दौरान चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उसे थाना की हाजत में रखा गया था। 29 जून की सुबह वह हाजत के शौचालय में बने रोशनदान का शीशा तोड़कर फरार हो गया था। फरारी के बाद तीन चौकीदार निलंबित प्रभु भगत के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू की थी। ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तीन चौकीदारों को निलंबित किया गया था। मामले की जांच के आदेश भी दिए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पांच थानों में दर्ज हैं 12 मामले प्रभु भगत परसौनी थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, परसौनी, सीतामढ़ी, रीगा, बैरगनिया और परिहार थानों में उसके खिलाफ कुल 12 आपराधिक मामलों का उल्लेख है। इनमें हत्या, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई एडिशनल एसपी आशीष आनंद ने बताया कि बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रभु भगत को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब 1.3 किलो चरस जैसा मादक पदार्थ और मोटरसाइकिल मिली है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

