बेगूसराय के घाटों पर रविवार को पूरे दिन कांवरियों की भीड़ जुटती रही। तीसरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा। सबसे अधिक भीड़ सिमरिया गंगा घाट और साहेबपुर कमाल स्थित मुंगेर घाट पर जुटी है। तीसरी सोमवारी के अवसर पर सिमरिया और मुंगेर घाट से 2 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। पूजा-अर्चना करने के बाद शिवभक्तों ने गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर चल दिए। सिमरिया घाट से जल भरने वाले श्रद्धालुओं का विशाल जत्था गढ़पुरा स्थित बाबा हरिगिरिधाम में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए चल पड़ा है। वहीं, साहेबपुर कमाल के मुंगेर घाट से जल उठाने वाले कांवरियों का सैलाब सहरसा जिले के प्रसिद्ध बाबा मटेश्वरनाथ धाम के लिए रवाना हुआ है। इस बार की कांवरिया यात्रा में एक खास बात यह देखने को मिल रही है कि दोनों प्रमुख गंगा घाटों पर डाक बम (बिना रुके जल चढ़ाने वाले शिवभक्त) की सबसे अधिक भीड़ जुटी है। कठिन यात्रा में बच्चे-बुजुर्ग भी शामिल हुए महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी कठिन यात्रा में शामिल हुए हैं। रविवार की शाम 4:00 बजे से ही घाटों पर जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ने का सिलसिला तेज हो गया है। प्रशासन-स्थानीय गोताखोरों की टीम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है। सिमरिया घाट पर अनिल कुमार के नेतृत्व में गोताखोरों की टीम लगातार सक्रिय है। यह लोगों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं, जिससे कोई हादसा न हो। मुंगेर घाट पर गोताखोर एक्टिव मोड में हैं। 50 से अधिक जगह पर सेवा शिविर लगा कांवरियों की इस लंबी और कठिन पदयात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम जनता भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही है। सिमरिया घाट से लेकर बाबा हरिगिरिधाम तक के पूरे रास्ते में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा रास्ते में 50 से अधिक जगहों पर स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में पेयजल, चाय, फलाहार, गर्म पानी, दवाई और विश्राम की व्यवस्था की गई है। बेगूसराय के घाटों पर रविवार को पूरे दिन कांवरियों की भीड़ जुटती रही। तीसरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखा। सबसे अधिक भीड़ सिमरिया गंगा घाट और साहेबपुर कमाल स्थित मुंगेर घाट पर जुटी है। तीसरी सोमवारी के अवसर पर सिमरिया और मुंगेर घाट से 2 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। पूजा-अर्चना करने के बाद शिवभक्तों ने गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर चल दिए। सिमरिया घाट से जल भरने वाले श्रद्धालुओं का विशाल जत्था गढ़पुरा स्थित बाबा हरिगिरिधाम में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए चल पड़ा है। वहीं, साहेबपुर कमाल के मुंगेर घाट से जल उठाने वाले कांवरियों का सैलाब सहरसा जिले के प्रसिद्ध बाबा मटेश्वरनाथ धाम के लिए रवाना हुआ है। इस बार की कांवरिया यात्रा में एक खास बात यह देखने को मिल रही है कि दोनों प्रमुख गंगा घाटों पर डाक बम (बिना रुके जल चढ़ाने वाले शिवभक्त) की सबसे अधिक भीड़ जुटी है। कठिन यात्रा में बच्चे-बुजुर्ग भी शामिल हुए महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी कठिन यात्रा में शामिल हुए हैं। रविवार की शाम 4:00 बजे से ही घाटों पर जल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ने का सिलसिला तेज हो गया है। प्रशासन-स्थानीय गोताखोरों की टीम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है। सिमरिया घाट पर अनिल कुमार के नेतृत्व में गोताखोरों की टीम लगातार सक्रिय है। यह लोगों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें गहरे पानी में जाने से रोक रहे हैं, जिससे कोई हादसा न हो। मुंगेर घाट पर गोताखोर एक्टिव मोड में हैं। 50 से अधिक जगह पर सेवा शिविर लगा कांवरियों की इस लंबी और कठिन पदयात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम जनता भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही है। सिमरिया घाट से लेकर बाबा हरिगिरिधाम तक के पूरे रास्ते में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा रास्ते में 50 से अधिक जगहों पर स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में पेयजल, चाय, फलाहार, गर्म पानी, दवाई और विश्राम की व्यवस्था की गई है।


