सिएटल में गूंजी बलूचिस्तान की आवाज, BNM की अमेरिका से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सिएटल में गूंजी बलूचिस्तान की आवाज, BNM की अमेरिका से पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग

BNM Seattle Protest: बलोच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सिएटल में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अमेरिका से पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों और उसे दी जाने वाली मदद की समीक्षा करने और भविष्य में किसी भी तरह की मदद को बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के सम्मान से जोड़ने की अपील की।

27 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन, सैन्य अभियानों और बमबारी को उजागर किया। प्रदर्शन में बोलने वालों ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य अभियानों और बमबारी के कारण बलोच नागरिक अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी जनता से भी अपील की कि वे पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलोचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं।

टैक्सपेयर्स के पैसे से हो रही बमबारी

वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद का इस्तेमाल परोक्ष रूप से इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों का समर्थन करने के लिए हो रहा है। उन्होंने अमेरिकी सरकार से रिश्तों की समीक्षा करने और मदद पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी बलोचिस्तान में गंभीर उल्लंघनों को दूर करने और बलोच लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा में मदद करने का आह्वान किया।

जिनेवा और न्यूयॉर्क के बाद सिएटल

यह प्रदर्शन बलोचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को उजागर करने के BNM के अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा था। संगठन जिनेवा और न्यूयॉर्क में भी कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिनमें जबरन गायब किए जाने के कथित मामलों और अधिकारों से जुड़ी अन्य चिंताओं पर प्रदर्शन, सम्मेलन और जागरूकता अभियान शामिल हैं।

पाकिस्तान में हिंसा से मौतें 83 प्रतिशत बढ़ीं

इस बीच, पाकिस्तान में 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान हिंसा से जुड़ी मौतों में 83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे साल की पहली दो तिमाहियों में दिखी गिरावट की प्रवृत्ति उलट गई है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की रिपोर्ट के हवाले से ‘डॉन’ ने बताया कि 385 घटनाओं में नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों के बीच हिंसा से जुड़ी कम से कम 1,415 मौतें हुईं और 558 लोग घायल हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक तिमाही में बलोचिस्तान पाकिस्तान का सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा, जहां देश की कुल मौतों में से लगभग 59 प्रतिशत हुईं। प्रांत में 829 मौतें दर्ज की गईं, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में 556 लोगों की मौत हुई, जो देश भर की कुल मौतों का 39 प्रतिशत से ज्यादा है।

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