बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में आठ रन का सफलतापूर्वक बचाव किया जिससे एक समय क्रिकेट जगत के सबसे बड़े उलटफेर का शिकार बनने की दहलीज पर खड़े भारत ने मंगलवार को यहां बारिश के कारण पांच पांच ओवर का कर दिए गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जापान को दो रन से हराया। जापान के स्पिनरों ने पर्याप्त टर्न हासिल करते हुए स्टार बल्लेबाजों से सजी भारतीय टीम को निर्धारित पांच ओवर में चार विकेट पर 32 रन ही बनाने दिए। जापान के पास दुनिया की शीर्ष टीम भारत के खिलाफ अपने पहले मैच में ही जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका था लेकिन आखिर में अनुभवहीनता उसके आड़े आई और उसकी टीम तीन विकेट पर 30 रन ही बना सकी।यह मैच भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। पिच से स्पिनरों मदद मिल रही थी और दोनों टीमों ने इसलिए केवल धीमी गति के गेंदबाजों का ही उपयोग किया। भारत की तरफ से वाशिंगटन सुंदर ने दो ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिए।अक्षर पटेल ने भी दो ओवर किए जिसमें उन्होंने सात रन दिए। उनका यह प्रयास आखिर में निर्णायक साबित हुआ क्योंकि रवि बिश्नोई एक ओवर में 10 रन लुटा गए थे। जापान को अंतिम ओवर में आठ रन चाहिए थे, तब अक्षर के 150 से अधिक आईपीएल मैच खेलने का अनुभव काम आया।उन्होंने शिराई पटमोर और बेंजामिन इटो डेविस को जोखिम लेने का कोई मौका नहीं दिया। बारिश के कारण आउटफील्ड की गति धीमी हो जाने से भी मदद मिली। अंपायर क्रिस थर्गेट ने अंतिम ओवर में वाइड बॉल के कुछ विवादास्पद फैसले दिए जब बाएं हाथ के बल्लेबाज पैटमोर ने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की और दोनों बार चूक गए।भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाराजगी जताते हुए लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से शिकायत की जिसके बाद दूसरी वाइड को रद्द कर दिया गया। जापान की टीम ने भले ही भारत के पसीने छुड़ा दिए हों लेकिन इसका कारण कम ओवर का मैच और पिच से मिल रहा टर्न था। इससे पहले भारत की तरफ से केवल कप्तान श्रेयस अय्यर दोहरे अंक में पहुंचे।उन्होंने 12 गेंद पर एक चौके की मदद से 16 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाज केवल दो चौके लगा पाए और उसकी पारी में एक भी छक्का नहीं लगा। अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए जबकि संजू सैमसन ने नौ, इशान किशन ने तीन और तिलक वर्मा ने नाबाद एक रन का योगदान दिया।सैमसन ने भारत की तरफ से पहला चौका लगाया। जापान की तरफ से बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली हारा हिंज ने 17 रन देकर दो विकेट लिए। ऑफ स्पिनर इब्राहिम तकाहाशी और बेंजामिन इटो डेविस ने एक एक विकेट लिया।जापान की टीम अपने घरेलू मैच इसी मैदान पर खेलती है और उसके कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग की तारीफ करनी होगी जिन्होंने परिस्थितियों का अच्छी तरह से आकलन करके केवल स्पिन गेंदबाजों से ही गेंदबाजी करवाई। अभिषेक को हारा हिंज ने आउट किया, जब भारतीय बल्लेबाज ने स्लॉग स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की में अपना विकेट गंवाया। उनकी टाइमिंग सही नहीं थी और वह शॉर्ट फाइन लेग पर कैच दे बैठे।ताकाहाशी ने इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज सैमसन को मिडविकेट बाउंड्री पर कैच करवाया। बेंजामिन इटो-डेविस ने इसके बाद किशन को आउट करके भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी। किशन गेंद की टर्न के खिलाफ शॉट लगाने की कोशिश कर रहे थे।उन्होंने मिड-ऑफ की तरफ गेंद को हवा में उछाल दिया। अय्यर ने चौका लगाया लेकिन पिच ऐसी थी कि भारतीय खिलाड़ियों को शॉट लगाने में मुश्किल हो रही थी।
बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में आठ रन का सफलतापूर्वक बचाव किया जिससे एक समय क्रिकेट जगत के सबसे बड़े उलटफेर का शिकार बनने की दहलीज पर खड़े भारत ने मंगलवार को यहां बारिश के कारण पांच पांच ओवर का कर दिए गए ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जापान को दो रन से हराया। जापान के स्पिनरों ने पर्याप्त टर्न हासिल करते हुए स्टार बल्लेबाजों से सजी भारतीय टीम को निर्धारित पांच ओवर में चार विकेट पर 32 रन ही बनाने दिए। जापान के पास दुनिया की शीर्ष टीम भारत के खिलाफ अपने पहले मैच में ही जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका था लेकिन आखिर में अनुभवहीनता उसके आड़े आई और उसकी टीम तीन विकेट पर 30 रन ही बना सकी।
यह मैच भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। पिच से स्पिनरों मदद मिल रही थी और दोनों टीमों ने इसलिए केवल धीमी गति के गेंदबाजों का ही उपयोग किया। भारत की तरफ से वाशिंगटन सुंदर ने दो ओवर में 13 रन देकर दो विकेट लिए।
अक्षर पटेल ने भी दो ओवर किए जिसमें उन्होंने सात रन दिए। उनका यह प्रयास आखिर में निर्णायक साबित हुआ क्योंकि रवि बिश्नोई एक ओवर में 10 रन लुटा गए थे। जापान को अंतिम ओवर में आठ रन चाहिए थे, तब अक्षर के 150 से अधिक आईपीएल मैच खेलने का अनुभव काम आया।
उन्होंने शिराई पटमोर और बेंजामिन इटो डेविस को जोखिम लेने का कोई मौका नहीं दिया। बारिश के कारण आउटफील्ड की गति धीमी हो जाने से भी मदद मिली। अंपायर क्रिस थर्गेट ने अंतिम ओवर में वाइड बॉल के कुछ विवादास्पद फैसले दिए जब बाएं हाथ के बल्लेबाज पैटमोर ने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की और दोनों बार चूक गए।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाराजगी जताते हुए लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से शिकायत की जिसके बाद दूसरी वाइड को रद्द कर दिया गया। जापान की टीम ने भले ही भारत के पसीने छुड़ा दिए हों लेकिन इसका कारण कम ओवर का मैच और पिच से मिल रहा टर्न था। इससे पहले भारत की तरफ से केवल कप्तान श्रेयस अय्यर दोहरे अंक में पहुंचे।
उन्होंने 12 गेंद पर एक चौके की मदद से 16 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाज केवल दो चौके लगा पाए और उसकी पारी में एक भी छक्का नहीं लगा। अभिषेक शर्मा खाता भी नहीं खोल पाए जबकि संजू सैमसन ने नौ, इशान किशन ने तीन और तिलक वर्मा ने नाबाद एक रन का योगदान दिया।
सैमसन ने भारत की तरफ से पहला चौका लगाया। जापान की तरफ से बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली हारा हिंज ने 17 रन देकर दो विकेट लिए। ऑफ स्पिनर इब्राहिम तकाहाशी और बेंजामिन इटो डेविस ने एक एक विकेट लिया।
जापान की टीम अपने घरेलू मैच इसी मैदान पर खेलती है और उसके कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग की तारीफ करनी होगी जिन्होंने परिस्थितियों का अच्छी तरह से आकलन करके केवल स्पिन गेंदबाजों से ही गेंदबाजी करवाई। अभिषेक को हारा हिंज ने आउट किया, जब भारतीय बल्लेबाज ने स्लॉग स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की में अपना विकेट गंवाया। उनकी टाइमिंग सही नहीं थी और वह शॉर्ट फाइन लेग पर कैच दे बैठे।
ताकाहाशी ने इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज सैमसन को मिडविकेट बाउंड्री पर कैच करवाया। बेंजामिन इटो-डेविस ने इसके बाद किशन को आउट करके भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी। किशन गेंद की टर्न के खिलाफ शॉट लगाने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने मिड-ऑफ की तरफ गेंद को हवा में उछाल दिया। अय्यर ने चौका लगाया लेकिन पिच ऐसी थी कि भारतीय खिलाड़ियों को शॉट लगाने में मुश्किल हो रही थी।
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