सहरसा जिले के उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति को सुचारु और तेज बनाने के लिए सक्रियता दिखाई है। हाल ही में जिला पदाधिकारी (डीएम) ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। 10,044 गैस सिलेंडरों की बुकिंग लंबित
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में कुल 10,044 गैस सिलेंडरों की बुकिंग लंबित है। इनमें एचपी गैस के 6,812 और भारत गैस के 3,232 सिलेंडर शामिल हैं। इस बढ़ते बैकलॉग को गंभीरता से लिया गया है। डीएम ने सभी एजेंसियों को होम डिलीवरी में तेजी लाने का निर्देश दिया है। जिन एजेंसियों पर अधिक दबाव है, उन्हें अतिरिक्त डिलीवरी वाहन लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सभी लंबित बुकिंग का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में वितरकों के पास 6,285 भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध हैं। इन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पिछले 24 घंटे में 2,747 से अधिक सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई है, जो व्यवस्था में सुधार का संकेत है। औसतन 2,955 सिलेंडरों की खपत होती
आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसतन 2,955 सिलेंडरों की खपत होती है। फिलहाल बैकलॉग 2.6 से 3.9 दिनों के बीच है, जिसे प्रशासन जल्द ही सामान्य स्तर पर लाने के लिए प्रयासरत है। समीक्षा बैठक में कुछ एजेंसियों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना भी की गई। इनमें गौरी शंकर एचपी गैस, शांति एचपी गैस, आशा भारत गैस और मेहता भारत गैस एजेंसियां शामिल हैं, जिन्होंने डिलीवरी प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाला है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस बुकिंग केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें और डिलीवरी के समय रसीद के अनुसार ही भुगतान करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सहरसा जिले के उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने गैस आपूर्ति को सुचारु और तेज बनाने के लिए सक्रियता दिखाई है। हाल ही में जिला पदाधिकारी (डीएम) ने तेल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्था को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसको लेकर जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। 10,044 गैस सिलेंडरों की बुकिंग लंबित
समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में कुल 10,044 गैस सिलेंडरों की बुकिंग लंबित है। इनमें एचपी गैस के 6,812 और भारत गैस के 3,232 सिलेंडर शामिल हैं। इस बढ़ते बैकलॉग को गंभीरता से लिया गया है। डीएम ने सभी एजेंसियों को होम डिलीवरी में तेजी लाने का निर्देश दिया है। जिन एजेंसियों पर अधिक दबाव है, उन्हें अतिरिक्त डिलीवरी वाहन लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सभी लंबित बुकिंग का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में वितरकों के पास 6,285 भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध हैं। इन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पिछले 24 घंटे में 2,747 से अधिक सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई है, जो व्यवस्था में सुधार का संकेत है। औसतन 2,955 सिलेंडरों की खपत होती
आंकड़ों के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसतन 2,955 सिलेंडरों की खपत होती है। फिलहाल बैकलॉग 2.6 से 3.9 दिनों के बीच है, जिसे प्रशासन जल्द ही सामान्य स्तर पर लाने के लिए प्रयासरत है। समीक्षा बैठक में कुछ एजेंसियों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना भी की गई। इनमें गौरी शंकर एचपी गैस, शांति एचपी गैस, आशा भारत गैस और मेहता भारत गैस एजेंसियां शामिल हैं, जिन्होंने डिलीवरी प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संभाला है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस बुकिंग केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें और डिलीवरी के समय रसीद के अनुसार ही भुगतान करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि गैस वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


