सहरसा मत्स्यगंधा झील निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल:विधायक ने किया निरीक्षण, DM को फोन कर की जांच की मांग

सहरसा मत्स्यगंधा झील निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल:विधायक ने किया निरीक्षण, DM को फोन कर की जांच की मांग

सहरसा के प्रसिद्ध मत्स्यगंधा झील परिसर में चल रहे विकास कार्यों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। महिषी विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने सावन की दूसरी सोमवारी की शाम को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने मौके से ही सहरसा के जिलाधिकारी (DM) को फोन कर जांच की मांग की। विधायक ने निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में कई खामियां पाई। छत की ढलाई में प्रयोग की जा रही गिट्टी में बड़ी मात्रा में मिट्टी मिली हुई थी। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर जंग लगा सरिया, घटिया गुणवत्ता का सीमेंट और बीम की ढलाई में सरिया को मानक के अनुरूप नहीं बांधे जाने की बात भी सामने आई। निर्माण कार्य की स्थिति देखकर डॉ. गौतम कृष्ण ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग की। विधायक ने मत्स्यगंधा परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज सहित अन्य विकास योजनाओं की भी जांच कराने को कहा। डॉ. गौतम कृष्ण ने कहा कि सरकार मत्स्यगंधा झील को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि घटिया निर्माण न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। अनुपस्थिति पर भी जताई नाराजगी विधायक ने मौके पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की मांग की। विधायक की शिकायत के बाद निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता चल पाएगा। करोड़ों की पर्यटन परियोजना में गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सहरसा के प्रसिद्ध मत्स्यगंधा झील परिसर में चल रहे विकास कार्यों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। महिषी विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने सावन की दूसरी सोमवारी की शाम को निर्माण स्थल का निरीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने मौके से ही सहरसा के जिलाधिकारी (DM) को फोन कर जांच की मांग की। विधायक ने निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में कई खामियां पाई। छत की ढलाई में प्रयोग की जा रही गिट्टी में बड़ी मात्रा में मिट्टी मिली हुई थी। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर जंग लगा सरिया, घटिया गुणवत्ता का सीमेंट और बीम की ढलाई में सरिया को मानक के अनुरूप नहीं बांधे जाने की बात भी सामने आई। निर्माण कार्य की स्थिति देखकर डॉ. गौतम कृष्ण ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग की। विधायक ने मत्स्यगंधा परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज सहित अन्य विकास योजनाओं की भी जांच कराने को कहा। डॉ. गौतम कृष्ण ने कहा कि सरकार मत्स्यगंधा झील को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि घटिया निर्माण न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। अनुपस्थिति पर भी जताई नाराजगी विधायक ने मौके पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की मांग की। विधायक की शिकायत के बाद निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता चल पाएगा। करोड़ों की पर्यटन परियोजना में गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।  

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