सहरसा पुलिस ने 3 महीने में 2846 अपराधी पकड़े:साइबर फ्रॉड के 62.44 लाख रुपए होल्ड कराए; 435 मोबाइल लौटाए, 2105 केस निपटाए

सहरसा पुलिस ने 3 महीने में 2846 अपराधी पकड़े:साइबर फ्रॉड के 62.44 लाख रुपए होल्ड कराए; 435 मोबाइल लौटाए, 2105 केस निपटाए

सहरसा। जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ को लेकर सहरसा पुलिस ने जुलाई से सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी तीन माह के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न आपराधिक मामलों में 2,846 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दर्ज 1,870 नए कांडों की तुलना में पुराने और नए मिलाकर कुल 2,105 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस की कार्रवाई में अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ साइबर ठगी की रकम सुरक्षित कराने, चोरी व गुम हुए मोबाइल बरामद करने और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने पर भी जोर रहा। ऑपरेशन मुस्कान से 435 लोगों को मिले मोबाइल पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के तहत चोरी या गुम हुए 435 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनके चेहरे पर मुस्कान लौटी। वहीं, साइबर थाना की तत्परता से ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों के 62,44,853.97 रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड कराए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी की रकम को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली। 649 मामलों में अपराधियों को सजा पुलिस की ओर से की गई जांच और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद तीन माह के दौरान 649 मामलों में आरोपियों को सजा दिलाई गई। इनमें मद्यनिषेध के 378, विविध श्रेणी के 237, आर्म्स एक्ट के 20, पॉक्सो के सात, चोरी के चार और हत्या के तीन मामले शामिल हैं। पुलिस की इस उपलब्धि को अपराधियों को सजा दिलाने और कानून का भय कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नशे के कारोबार पर कार्रवाई, शराब और गांजा जब्त नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान में पुलिस ने 2,328.8 लीटर देसी शराब और 1,964.11 लीटर विदेशी शराब जब्त की। इसके अलावा 100.28 किलोग्राम गांजा, 1.16 किलोग्राम स्मैक और 1,416.25 लीटर अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल 70 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 37 अवैध हथियार और 108 कारतूस बरामद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 37 अवैध हथियार और 108 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 18 ग्राम सोने के आभूषण, जिनमें नथिया, मांगटीका और सिक्का शामिल हैं, तथा चांदी के जेवरात भी जब्त किए गए। चोरी और लावारिस सामान की बरामदगी में 300 किलोग्राम मक्का, पांच मंदिर या घरेलू घंटियां, छह तसले, एक पंखा, 23 अधिवक्ता नियुक्ति पत्र, चार ई-रिक्शा, 92 बाइक और 12 ताश के पत्ते भी शामिल हैं। वहीं, विभिन्न मामलों में अपहृत 26 महिलाओं और बालिकाओं के साथ तीन पुरुषों को भी सकुशल बरामद किया गया। हत्या, लूट और महिला उत्पीड़न के आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, तीन माह में हत्या के 41 और हत्या के प्रयास के 314 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। महिला उत्पीड़न के मामलों में 215, लूट के 27 और आर्म्स एक्ट के 134 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा पुलिस ने 7,939 वारंटों का निष्पादन किया तथा 164 मामलों में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। 163 पुलिसकर्मी पुरस्कृत, 13 पर विभागीय कार्रवाई बेहतर कार्य करने वाले 163 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। दूसरी ओर, कर्तव्य में लापरवाही और अनुसंधान में सुस्ती बरतने के आरोप में 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। वाहन जांच अभियान के तहत 2,806 वाहनों की जांच कर 32.76 लाख रुपये शमन शुल्क भी वसूला गया। तीन माह की यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिहाज से सहरसा पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है। सहरसा। जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ को लेकर सहरसा पुलिस ने जुलाई से सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी तीन माह के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न आपराधिक मामलों में 2,846 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दर्ज 1,870 नए कांडों की तुलना में पुराने और नए मिलाकर कुल 2,105 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस की कार्रवाई में अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ साइबर ठगी की रकम सुरक्षित कराने, चोरी व गुम हुए मोबाइल बरामद करने और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने पर भी जोर रहा। ऑपरेशन मुस्कान से 435 लोगों को मिले मोबाइल पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के तहत चोरी या गुम हुए 435 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनके चेहरे पर मुस्कान लौटी। वहीं, साइबर थाना की तत्परता से ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों के 62,44,853.97 रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड कराए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी की रकम को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली। 649 मामलों में अपराधियों को सजा पुलिस की ओर से की गई जांच और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद तीन माह के दौरान 649 मामलों में आरोपियों को सजा दिलाई गई। इनमें मद्यनिषेध के 378, विविध श्रेणी के 237, आर्म्स एक्ट के 20, पॉक्सो के सात, चोरी के चार और हत्या के तीन मामले शामिल हैं। पुलिस की इस उपलब्धि को अपराधियों को सजा दिलाने और कानून का भय कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नशे के कारोबार पर कार्रवाई, शराब और गांजा जब्त नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान में पुलिस ने 2,328.8 लीटर देसी शराब और 1,964.11 लीटर विदेशी शराब जब्त की। इसके अलावा 100.28 किलोग्राम गांजा, 1.16 किलोग्राम स्मैक और 1,416.25 लीटर अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल 70 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 37 अवैध हथियार और 108 कारतूस बरामद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 37 अवैध हथियार और 108 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 18 ग्राम सोने के आभूषण, जिनमें नथिया, मांगटीका और सिक्का शामिल हैं, तथा चांदी के जेवरात भी जब्त किए गए। चोरी और लावारिस सामान की बरामदगी में 300 किलोग्राम मक्का, पांच मंदिर या घरेलू घंटियां, छह तसले, एक पंखा, 23 अधिवक्ता नियुक्ति पत्र, चार ई-रिक्शा, 92 बाइक और 12 ताश के पत्ते भी शामिल हैं। वहीं, विभिन्न मामलों में अपहृत 26 महिलाओं और बालिकाओं के साथ तीन पुरुषों को भी सकुशल बरामद किया गया। हत्या, लूट और महिला उत्पीड़न के आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, तीन माह में हत्या के 41 और हत्या के प्रयास के 314 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। महिला उत्पीड़न के मामलों में 215, लूट के 27 और आर्म्स एक्ट के 134 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा पुलिस ने 7,939 वारंटों का निष्पादन किया तथा 164 मामलों में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। 163 पुलिसकर्मी पुरस्कृत, 13 पर विभागीय कार्रवाई बेहतर कार्य करने वाले 163 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। दूसरी ओर, कर्तव्य में लापरवाही और अनुसंधान में सुस्ती बरतने के आरोप में 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। वाहन जांच अभियान के तहत 2,806 वाहनों की जांच कर 32.76 लाख रुपये शमन शुल्क भी वसूला गया। तीन माह की यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिहाज से सहरसा पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है।  

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