सहरसा-निजी अस्पताल में नवजात की मौत, हंगामा:परिजन बोले-30 हजार लेने के बाद भी इलाज में लापरवाही, जांच की मांग

सहरसा-निजी अस्पताल में नवजात की मौत, हंगामा:परिजन बोले-30 हजार लेने के बाद भी इलाज में लापरवाही, जांच की मांग

सहरसा के काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में इलाज के दौरान चार दिन के नवजात की मौत के बाद शुक्रवार शाम जमकर हंगामा हुआ। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने नवजात के शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन किया। अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। जन्म के समय स्वस्थ था बच्चा, तबीयत बिगड़ने पर कराया भर्ती खगड़िया जिले के संसारपुर गांव निवासी अखिलेश पासवान की पत्नी काजल कुमारी ने 1 सितंबर को बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय नवजात की हालत सामान्य थी। 5 सितंबर को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के नाम पर 30 हजार रुपये लेने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने नवजात के इलाज के लिए 30 हजार रुपये लिए। इसके बावजूद शुक्रवार शाम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नवजात की हालत गंभीर थी, तब उसे समय रहते किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया जाना चाहिए था। समय पर रेफर नहीं करने का लगाया आरोप नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे बेहतर इलाज के लिए समय पर दूसरे अस्पताल नहीं भेजा गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम बच्चे का समुचित इलाज नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संचालक बोले- बेहतर इलाज के लिए किया था रेफर अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नवजात को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था। वहीं, परिजन रेफर करने और इलाज की प्रक्रिया को लेकर अलग दावा कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास है। ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज के दौरान क्या हुआ था। आवेदन मिलने पर जांच के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। काशनगर थानाध्यक्ष बजरंगी कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल, नवजात की मौत के मामले में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही को लेकर परिजनों के आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। सहरसा के काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में इलाज के दौरान चार दिन के नवजात की मौत के बाद शुक्रवार शाम जमकर हंगामा हुआ। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने नवजात के शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन किया। अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। जन्म के समय स्वस्थ था बच्चा, तबीयत बिगड़ने पर कराया भर्ती खगड़िया जिले के संसारपुर गांव निवासी अखिलेश पासवान की पत्नी काजल कुमारी ने 1 सितंबर को बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों के मुताबिक, जन्म के समय नवजात की हालत सामान्य थी। 5 सितंबर को उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के नाम पर 30 हजार रुपये लेने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने नवजात के इलाज के लिए 30 हजार रुपये लिए। इसके बावजूद शुक्रवार शाम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नवजात की हालत गंभीर थी, तब उसे समय रहते किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया जाना चाहिए था। समय पर रेफर नहीं करने का लगाया आरोप नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे बेहतर इलाज के लिए समय पर दूसरे अस्पताल नहीं भेजा गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम बच्चे का समुचित इलाज नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संचालक बोले- बेहतर इलाज के लिए किया था रेफर अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नवजात को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था। वहीं, परिजन रेफर करने और इलाज की प्रक्रिया को लेकर अलग दावा कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास है। ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज के दौरान क्या हुआ था। आवेदन मिलने पर जांच के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। काशनगर थानाध्यक्ष बजरंगी कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल, नवजात की मौत के मामले में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही को लेकर परिजनों के आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।  

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